इंदौर कलेक्ट्रेट में BJP पार्षद कालरा के बचाव में फर्जी जाति प्रमाणपत्र का खेल

Sanjay Gupta | Jul 07, 2026, 14:16 IST
Share
BJP पार्षद कालरा के बचाव में फर्जी जाति प्रमाणपत्र का खेल
BJP पार्षद कालरा के बचाव में फर्जी जाति प्रमाणपत्र का खेल

इंदौर कलेक्ट्रेट एक बार फिर फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में घिर गया है। तत्कालीन एसडीएम जूनी इंदौर की भूमिका संदिग्ध हो गई है। मामला बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा से जुड़ा है। इसमें छानबीन समिति भी कठघरे में आ गई है।

इंदौर कलेक्ट्रेट में बीजेपी नेता और वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा के जाति प्रमाणपत्र को सही साबित करने के लिए पेश किए गए दो प्रमाणपत्र अब फर्जी पाए गए हैं।

आरोप है कि एक एसडीएम ने ये दोनों प्रमाणपत्र जारी किए थे। शिकायत के बाद जब मौजूदा एसडीएम ने जांच की तो दोनों प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया गया।

खास बात यह है कि जिस एसडीएम पर ये प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप हैं, उन पर खुद फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के आरोप लग चुके हैं। इस मामले को लेकर विधानसभा में भी सवाल उठ चुके हैं।

5272ebc1-398
5272ebc1-398


क्या है पूरा विवाद

पार्षद कमलेश कालरा सिंधी समाज से आते हैं। उन्होंने 9 नवंबर 2009 को खुद को लोहार जाति का बताते हुए ओबीसी सर्टिफिकेट बनवाया था। साल 2022 में जब वे पार्षद बने तो उनके इस प्रमाणपत्र को लेकर सुनील यादव और गोपाल कोडवानी ने शिकायत की।

इसके बाद मामला हाईकोर्ट इंदौर पहुंचा और जांच शुरू हुई। इसी दौरान 30 सितंबर 2022 को तत्कालीन एसडीएम अक्षय मरकाम ने जयेश राजानी और चंद्रकुमार नाम के दो लोगों के नाम से लोहार जाति के ओबीसी प्रमाणपत्र जारी किए।

074cf2fe-8e6
074cf2fe-8e6


एसडीएम ने दोनों प्रमाणपत्र अब रद्द किए

राजानी और चंद्रकुमार (इनका निधन हो गया है) के प्रमाणपत्रों की शिकायत हुई तो इनकी भी जांच हुई। इसमें राजानी ने कहा कि उन्होंने एसडीएम कोर्ट में बयान दिया था कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन ही नहीं किया गया। जूनी इंदौर एसडीएम घनश्याम धनगर ने अब इन दोनों प्रमाणपत्रों को रद्द कर दिया है।

70344115-2e7
70344115-2e7


753d14a4-354
753d14a4-354


फिर मरकाम ने कैसे जारी किए और क्यों

जब आवेदन ही नहीं किए गए थे तो फिर एसडीएम मरकाम ने ये प्रमाणपत्र जारी कैसे कर दिए? आरोप है कि प्रमाणपत्र के लिए आवेदन 30 सितंबर 2022 को हुआ और उसी दिन प्रमाणपत्र भी जारी कर दिए गए, जबकि सामान्य प्रक्रिया में करीब 30 दिन का समय लगता है।

इसमें शिकायतकर्ताओं का साफ आरोप है कि यह फर्जी प्रमाणपत्र कालरा द्वारा ही दबाव देकर बनवाए गए, क्योंकि जाति प्रमाणपत्रों की जांच चल रही थी और तब उनसे पूछा गया था कि आपके समाज के और लोगों के प्रमाणपत्र बताइए, तब उन्होंने यह दोनों पेश किए थे।

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर कालरा उच्च स्तरीय ओबीसी समिति के सामने अपना पक्ष मजबूत कर पाए।

मरकाम खुद अपने फर्जी प्रमाणपत्र में घिरे

यह वही मरकाम हैं, जो खुद फर्जी प्रमाणपत्र के आरोपों से घिरे हैं। उनके मामले को लेकर मनावर से कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने एमपी विधानसभा में सवाल उठाया था। आरोप है कि उनका एसटी प्रमाणपत्र फर्जी है। इस पर सरकार ने विधानसभा में मामले की जांच कराने की बात कही थी।

डॉ. अलावा ने आरोप लगाया था कि इंदौर की जूनी इंदौर तहसील से फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। उन्होंने विधानसभा में इसके कुछ उदाहरण भी पेश किए थे। इसके बाद एक युवती का फर्जी प्रमाणपत्र भी जांच के बाद रद्द किया गया था।

कालरा के मूल दस्तावेज कलेक्ट्रेट में है ही नहीं

अब बात करते हैं कमलेश कालरा के मामले की। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच के आदेश के बाद उनके जाति प्रमाणपत्र की जांच की गई। इसकी जांच तत्कालीन अध्यक्ष ई. रमेश कुमार की अध्यक्षता वाली छानबीन समिति ने की। समिति ने इंदौर जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी।

रिपोर्ट में बताया गया कि मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन दायरा पंजी में 9 नवंबर 2009 को लोहार जाति ओबीसी के नाम से प्रमाणपत्र जारी होना दर्ज है। कालरा ने भी मूल दस्तावेज पेश नहीं किए और कहा कि वे 2006 में लगी आग में जल गए थे।

मामले में सवाल इसलिए उठे क्योंकि आग 2006 में लगी थी, जबकि प्रमाणपत्र 2009 में जारी हुआ था। वहीं आरटीआई के जरिए विभाग ने बताया था कि यह जाति ओबीसी वर्ग में शामिल नहीं है।

उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने कैसे दिया मान्य

कलेक्ट्रेट की सिर्फ इसी रिपोर्ट के आधार पर कि मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। दायरा पंजी में प्रमाणपत्र जारी होना दर्ज है, प्रमाणपत्र को सही मान लिया गया। इसके साथ ही कालरा ने राजानी और चंद्रकुमार के प्रमाणपत्र पेश किए और बताया कि उनके समाज के दूसरे लोगों के भी ओबीसी प्रमाणपत्र बने हैं।

समिति ने यह कहते हुए शिकायत को खारिज कर दिया कि शिकायतकर्ताओं के पास पर्याप्त मजबूत दस्तावेज नहीं हैं और कालरा के प्रमाणपत्र को मान्य कर दिया गया।

मामला फिर हाईकोर्ट में लगा

एसडीएम धनगर (Indore News) द्वारा एक जुलाई को दो ओबीसी सर्टिफिकेट रद्द करने के बाद मामला फिर उठा है। अब इसमें हाईकोर्ट में फिर आवेदन लगाया गया कि जब यह दो रद्द हुए तो फिर कालरा का क्यों नहीं किया गया। शिकायतकर्ता यादव ने अधिवक्ता मनीष यादव के जरिए फिर यह आवेदन लगाया है।

क्या बोल रहे अधिकारी, पार्षद

पार्षद कमलेश कालरा ने फोन नहीं उठाया और ना ही मैसेज का जवाब दिया। वहीं एसडीएम मरकाम ने कहा कि दस्तावेज देखकर ही प्रमाणपत्र जारी होते हैं। उस समय जो दस्तावेज लगे होंगे, उन्हीं के आधार पर यह जारी किया होगा। वहीं एसडीएम धनगर ने दो प्रमाणपत्र रद्द किए जाने की पुष्टि की है।

ये खबर भी पढ़ें..

बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा फिर विवादों में, जनसुनवाई में शिकायत, 10 हजार नहीं दिए तो दुकानें तुड़वाई

पार्षद कमलेश कालरा का फर्जी जाति सर्टिफिकेट मामले में जवाब, हाईकोर्ट में होगी फाइनल सुनवाई

इंदौर में पार्षद कमलेश कालरा का जीतू के बहाने गौड़ गुट विरोधी 3 नेताओं पर निशाना

इंदौर BJP में ऑडियो कांड, पार्षद कमलेश कालरा ने जीतू से समझौते के लिए ये रखी थी ये शर्तें

जीतू जाटव ने पार्षद कमलेश कालरा के घर जाकर मांगी माफी, कालरा बोले- कोई समझौता नहीं हुआ

Tags:
  • Indore News
  • इंदौर कलेक्ट्रेट
  • एमपी विधानसभा
  • हाईकोर्ट इंदौर
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच
  • एसडीएम घनश्याम धनगर
  • बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा
  • हीरालाल अलावा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती