इंदौर के सैंकड़ों वोटर कार्ड मंडलेशवर में नर्मदा नदी में मिले, कांग्रेस बोली कराएंगे एफआईआर
Sanjay Gupta | Sootr Creatives | Oct 25, 2026, 14:30 IST
नर्मदा नदी में मिले इंदौर के सैकड़ों वोटर आइडी, कांग्रेस ने उठाए सवाल, कहा-एफआईआर करेंगे
इंदौर के मतदाताओं के सैकड़ों वोटर कार्ड नर्मदा नदी में मिले हैं। इंदौर से एक एनजीओ की टीम सफाई करने मंडलेश्वर पहुंची थी। इसी दौरान टीम को नदी में बड़ी संख्या में वोटर कार्ड पड़े मिले। नदी किनारे भी कई कार्ड मिले हैं। एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पहले से सवालों के घेरे में है।
ऐसे में वोटर कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया है। कांग्रेस नेता अब गोताखोरों की मदद से बाकी कार्ड तलाश रहे हैं। स्थानीय कांग्रेस नेता इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।
नर्मदा नदी में मिले ज्यादातर वोटर कार्ड इंदौर विधानसभा क्षेत्र चार के हैं। कुछ कार्ड दूसरे विधानसभा क्षेत्रों के भी मिले हैं। मंडलेश्वर नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संतोष चौहान ने बताया कि अब तक करीब एक हजार वोटर कार्ड मिल चुके हैं। बाकी कार्ड तलाशने के लिए गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
इन वोटर कार्डों पर आस्था पैलेस, आकाश नगर और संत नगर जैसे इलाकों के पते दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा कार्ड विधानसभा क्षेत्र चार के हैं।
संतोष चौहान ने बताया कि इंदौर से एक टीम नर्मदा नदी की सफाई करने आई थी। सफाई के दौरान टीम को ये वोटर कार्ड मिले। इसके बाद बाकी कार्डों की तलाश शुरू की गई।
संतोष चौहान ने बताया कि कई वोटर कार्ड पॉलीथिन की थैलियों में बंधे मिले हैं। कुछ कार्ड रबर बैंड से बांधकर फेंके गए थे। फिलहाल सभी वोटर कार्ड की तलाश कराई जा रही है। चौहान ने इस मामले में मंडलेश्वर थाने में केस दर्ज कराने की बात भी कही है।
क्या है
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू से विवादों में रहा है। विपक्षी दलों और कुछ राज्य सरकारों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप था कि मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। लोगों में डर का माहौल भी बन रहा है। सितंबर 2026 में विवाद और बढ़ गया।
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों पर औपचारिक आपत्ति जताई। इसके बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि फैसलों पर अलग-अलग राय आना सामान्य बात है। आयोग के मुताबिक सभी अंतिम फैसले आपसी सहमति से लिए गए। अब आयोग की स्वतंत्रता और कामकाज में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र चार के सबसे ज्यादा वोटर कार्ड मिले
इन वोटर कार्डों पर आस्था पैलेस, आकाश नगर और संत नगर जैसे इलाकों के पते दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा कार्ड विधानसभा क्षेत्र चार के हैं।
संतोष चौहान ने बताया कि इंदौर से एक टीम नर्मदा नदी की सफाई करने आई थी। सफाई के दौरान टीम को ये वोटर कार्ड मिले। इसके बाद बाकी कार्डों की तलाश शुरू की गई।
पॉलीथिन की थैलियों में बंधे मिले वोटर कार्ड
क्या है SIR का मुद्दा?
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार एसआईआर से जुड़े फैसलों पर औपचारिक आपत्ति जताई। इसके बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि फैसलों पर अलग-अलग राय आना सामान्य बात है। आयोग के मुताबिक सभी अंतिम फैसले आपसी सहमति से लिए गए। अब आयोग की स्वतंत्रता और कामकाज में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एसआईआर विवाद कब और कैसे बढ़ा
- 24 जून 2025: चुनाव आयोग ने एसआईआर शुरू करने का आदेश जारी किया था। आयोग के मुताबिक तीनों चुनाव आयुक्त इस फैसले पर सहमत थे। उसी दिन चुनाव आयुक्त संधू ने उत्पीड़न की आशंका जताते हुए असहमति दर्ज कराई। एक रिपोर्ट के अनुसार अंतिम आदेश से नागरिकता अधिनियम और 2003 के संशोधन से जुड़े संदर्भ हटा दिए गए थे।
- 28 अक्टूबर 2025: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने एसआईआर का विरोध किया। उन्होंने केरल समेत दूसरे राज्यों में इसे लागू करने के फैसले की कड़ी आलोचना की।
- 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025: एसआईआर का दूसरा चरण 4 नवंबर को शुरू हुआ। मतदाताओं की गणना का काम 4 दिसंबर तक चला। इस दौरान कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए गए। पार्टी ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष को कमजोर करने की साजिश बताया था।
- 29 नवंबर 2025: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि एसआईआर से मतदाताओं में डर और संदेह पैदा हो रहा है।
- मई 2026: एक कानूनी विश्लेषण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया गया था। इसके मुताबिक अदालत ने बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया को बरकरार रखा।
- 23 सितंबर 2026: इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया। उसी दिन चुनाव आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। आयोग ने कहा कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों आयुक्तों की सहमति से हुए हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किए।
- 26 सितंबर 2026: पूर्ण आयोग की बैठक के बाद एक और प्रेस नोट जारी हुआ। आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में एसआईआर की समय सीमा बढ़ाने की जानकारी दी थी।
- 27–28 सितंबर 2026: पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने पूरे विवाद को कांग्रेस का गढ़ा हुआ मुद्दा बताया था। दूसरी तरफ विपक्ष ने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
राजस्थान में बदला मौसम, चूरू में गिरे ओले; अक्टूबर के अंत में फिर बारिश का अलर्ट
By Jyoti Mahender Bhardwaj
वरिष्ठ जिला पंजीयक नायडू, उप पंजीयक सिंह और बिल्डर विवेक चुघ को 13 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी चोरी में झटका
By Sanjay Gupta
राजस्थान में पहली बार: गर्भवती महिलाओं की जांचें करना सीखेंगी ANM, उदयपुर से लागू होगा मॉड्यूल
By Jageshwar Prasad
गुटखा थूकने छज्जे पर आया था बुजुर्ग, पास से गुजर रही 11 KV लाइन ने खींच ली सांसें
By Aman Vaishnav
रायपुर में 750 किलो खराब पनीर नष्ट, जांच रिपोर्ट आने के 44 दिन बाद कार्रवाई, दो कंपनियों के मालिकों पर केस की तैयारी
By Umeshwari Baghel
बोल हरि बोल: नाखूनों में राज, वीडियो में वार और एसोसिएशन लाचार! कुछ ऐसा ही है MP का हाल
By Harish Divekar
कमरों में गंदगी, हाथ में भड़काऊ किताबें, अवैध मदरसे में ठूंसे 26 मासूम, अलग-अलग राज्यों से लाकर सिखा रहे थे नफरत
By Aman Vaishnav