MPPSC भर्ती सत्याग्रह खत्म, ज्ञापन लेने ही नहीं आए अधिकारी, मांगे मानने दी 15 दिन की चेतावनी
Sanjay Gupta | Jan 27, 2026, 22:07 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश में MPPSC भर्ती सत्याग्रह खत्म हुआ। युवा अब 15 दिन का समय देने को तैयार हैं। अगर फिर भी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन बढ़ेगा। जानिए प्रमुख मांगें..
NEWS IN SHORT
- 24 जनवरी से 27 जनवरी तक युवाओं ने MPPSC भर्ती के लिए धरना प्रदर्शन किया।
- आंदोलन का कारण भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और पदों की संख्या में वृद्धि थी।
- धरने के अंतिम दिन कोई अधिकारी ज्ञापन लेने बाहर नहीं आया, प्रदर्शनकारियों ने रैली की।
- युवाओं ने MPPSC और सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन बढ़ेगा।
- प्रमुख मांगों में भर्ती पदों की संख्या, पेपर लीक कानून और पारदर्शिता की व्यवस्था शामिल थीं।
NEWS IN DETAIL
आंदोलन के अंतिम दिन पीएससी से कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए। इसके बाद नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन (NEYU) के संयोजक व अन्य ने पीएससी दफ्तर के बाहर ज्ञापन चस्पा कर दिया। इसके बाद आंदोलनकारी युवा रैली के रूप में आयोग से भंवरकुआं चौराहे तक गए।
e659a6eb-44c
यह खबरें भी पढ़ें..
UGC इक्विटी पॉलिसी 2026 पर इंदौर में विरोध प्रदर्शन, जानें क्या है विवाद
इंदौर में लिव इन विवाद में युवक ने घर में घुसकर युवती के भाई, मां के साथ खुद को मारे चाकू, युवक की मौत
दिन भर चली बहस ज्ञापन लेने बाहर आएं
संगठन के राधे जाट, रणजीत किसानवंशी व अन्य युवाओं ने कहा कि यहां मंच बाहर लगा हुआ है। चेयरमैन डॉ. राजेश लाल मेहरा और सचिव यहां पर आ जाएं और हमारी मांगों पर हमें ठोस जवाब दें। यहां सभी के सामने बात होगी और हम केवल उनसे बात सुनना चाहते हैं। यह मंच उन्हीं के लिए है, हम तो दूर रहेंगे।
इसे लेकर दोपहर 12 से करीब चार बजे तक बहसबाजी चलती रही, लेकिन कोई भी बाहर नहीं आया। इसके बाद युवाओं ने आयोग और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दो मिनट का मौन रखा और आंदोलन को स्थगित किया।
15 दिन बाद फिर करेंगे आंदोलन
यह खबरें भी पढ़ें..
पीटीआई भर्ती-2022: एमपी की दो यूनिवर्सिटी पर नई एफआईआर, अभ्यर्थियों को बांटी फर्जी डिग्री
एमपी कैबिनेट: पचमढ़ी नगर अब अभयारण्य से अलग, सिंचाई योजनाओं को मिली मंजूरी
यह है प्रमुख मांगें...
- मध्यप्रदेश राज्य सेवा परीक्षा 2024 में न्यूनतम 700 पदों पर भर्ती की जाए।
- मध्यप्रदेश राज्य वन सेवा परीक्षा 2026 में कम से कम 100 पद सुनिश्चित किए जाएं।
(विशेष रूप से UR-OBC-EWS वर्ग के लिए रिक्त पद बढ़ाए जाएं)। - भर्ती में हो रहे घपले-घोटाले रोकने के लिए राज्य स्तरीय सशक्त पेपर लीक कानून बने। इसकी ड्राफ्टिंग में छात्र प्रतिनिधियों को भी रखा जाए।
- मध्यप्रदेश राज्य अभियांत्रिकी सेवा परीक्षा 2025 में न्यूनतम 400 पदों पर भर्ती की जाए।
- ADPO भर्ती 2026 में कम से कम 300 पदों का विज्ञापन जारी किया जाए और अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाए।
- सहायक प्राध्यापक परीक्षा (NET/SET Qualified) में अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में सम्मिलित करने की अनुमति दी जाए। (जैसा कि राजस्थान राज्य में यह व्यवस्था पहले से लागू है)।
- कम से कम 87% रिजल्ट वाले उम्मीदवारों को उत्तर-कुंजी (कॉपी) दिखाने की व्यवस्था लागू की जाए। तथा 100% पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
- असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में अतिथि-संविदा प्रथा को समाप्त किया जाए और पहले की तरह 20 बोनस अंक पुनः लागू किए जाए।
- इंटरव्यू के अधिकतम अंक 100 सीमित हो, अभी 185 अंक है।
- परीक्षा का व्यवस्थित शेड्यूल हो और यूपीएससी तर्ज पर यह नियमित हो।
MPPSC भर्ती सत्याग्रह न्याय यात्रा 2.0
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari