इंदौर नगर निगम के 103 करोड़ के बिल घोटाले में ED ने इन 32 के खिलाफ किया चालान

Sanjay Gupta | Aug 20, 2026, 13:15 IST
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indore municipal corporation bill scam
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इंदौर नगर निगम में साल 2024 में सामने आए तथाकथित 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले में ईडी का चालान पेश हो गया है। इसमें अभी तक ईडी ने 103 करोड़ का घोटाला और राशि का लिया जाना पाया है। इसमें कुल 32 लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में आरोपी बनाया गया है।

इंदौर नगर निगम में साल 2024 में हुए फर्जी टेंडर, वर्क ऑर्डर और बिल घोटाले में ईडी ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इस मामले में ईडी ने 32 लोगों को आरोपी बनाया है। इंजीनियर अभय राठौर को मुख्य आरोपी बताया गया है।

आरोप है कि उन्होंने ठेकेदारों के साथ मिलकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया। ईडी की जांच में घोटाले की रकम 103 करोड़ 42 लाख रुपए सामने आई है, जिसे आरोपियों के बीच बांटने की बात कही गई है। ईडी इस मामले में कई संपत्तियां भी अटैच कर चुका है। जांच एजेंसी की ओर से पेश किया गया चालान करीब 20 हजार पेज का है, जिसमें 32 आरोपियों के नाम शामिल हैं।

ईडी कर चुका ये संपत्तियां अटैच

ईडी ने केस दर्ज करने के बाद 5 और 6 अगस्त 2024 को आरोपियों से जुड़े 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में ईडी ने 222.04 करोड़ रुपए की नकदी, बैंक खातों में जमा रकम, एफडी, डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड को फ्रीज कर दिया था।

जांच आगे बढ़ने पर ईडी ने आरोपियों की 52 अचल संपत्तियां भी जब्त कर लीं, जिनकी कीमत करीब 37.14 करोड़ रुपए बताई गई है। इस तरह अब तक ईडी कुल 59.18 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर चुका है।

ईडी के चालान में शामिल 32 आरोपी

ईडी ने अपनी चार्जशीट में कुल 32 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें मोहम्मद जाकिर, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सिद्दीकी, राहुल बड़ेरा, रेणु बड़ेरा, ऐहतेशाम खान, आलिया खान, बिल्किस खान, मोहम्मद असलम खान, मौसम व्यास, इमरान खान, मोहम्मद जाहिद खान, राजेंद्र शर्मा, अभय सिंह राठौर, मनीधुरन कर्ता, राकुमार साल्वी, करण सिरोगिया, समर सिंह परमार, अनिल कुमार गर्ग, शरद कतरोलिया, अरुण शुक्ला, रामेश्वर परमार, उदय सिंह भदौरिया, जगत सिंह ओहरिया, जगदीश चंद्र चौकसे, चेतन सिंह भदौरिया, अर्पित जैन, आयुष जैन, उषा जैन, मनोज मारू, याशु गर्ग और रमेश रूंगटा शामिल हैं।

अभय राठौर ने ईडी में उच्च अधिकारियों को घेरा

इस मामले में अभय राठौर को मुख्य आरोपी बनाया गया है। हालांकि, ईडी की पूछताछ, पुलिस जांच और हाईकोर्ट में दायर आवेदनों में राठौर ने अपनी भूमिका से इनकार किया है। उसने आरोप लगाया है कि इस मामले में उच्च स्तर के अधिकारी जिम्मेदार हैं। राठौर का कहना है कि भुगतान सभी उच्च अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद ही हुआ था और उसका इस घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है।

ईडी कोर्ट ने अभी खारिज की जमानत याचिका

इंदौर नगर निगम के फर्जी बिल घोटाले में ईडी कोर्ट ने इंजीनियर अभय राठौर और ठेकेदार राहुल बड़ेरा की जमानत याचिका 19 अगस्त को ही खारिज की थी। दोनों ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जमानत की मांग की थी।

इस मामले में आरोपी मोहम्मद जाकिर भी ईडी केस में जेल में बंद है। आरोपियों की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि वे करीब एक साल से जेल में हैं और ईडी ने एकतरफा कार्रवाई की है। उनका कहना था कि सभी आरोपियों पर समान आरोप हैं, लेकिन ईडी ने केवल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों ने यह भी कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं और उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। वहीं, सह आरोपी ऐहतेशाम उर्फ काकू को हाईकोर्ट से गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिल चुकी है।

वहीं ईडी ने यह बात रखी थी

वहीं ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन, असिस्टेंट डायरेक्टर ईडी विपिन और विधि सहायक शान अली मौजूद थे। ईडी ने तर्क रखा कि फर्जी टेंडर, फर्जी बिल, वर्क ऑर्डर के जरिए बिल बनाकर 103 करोड़ की राशि प्राप्त (Indore Nagar Nigam Ghotala) की गई। इनके द्वारा इसे आपस में मिलकर लिया गया और बांटा गया। यह गंभीर अपराध है। इन सभी तर्कों को सुनने के बाद ईडी स्पेशल कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

वहीं ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंदन ऐरन, असिस्टेंट डायरेक्टर ईडी विपिन और विधि सहायक शान अली कोर्ट में मौजूद रहे। ईडी ने कोर्ट में तर्क दिया कि फर्जी टेंडर, फर्जी बिल और वर्क ऑर्डर के जरिए 103 करोड़ रुपए की राशि हासिल की गई।

ईडी का कहना था कि आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर इस रकम को हासिल किया और फिर उसका बंटवारा किया। यह एक गंभीर आर्थिक अपराध है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ईडी स्पेशल कोर्ट ने अभय राठौर और राहुल बड़ेरा की जमानत याचिका खारिज कर दी।

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