इंदौर में वैध हुई कॉलोनियों में नोटरी से होगी रजिस्ट्री
Vikram Jain | May 20, 2024, 21:50 IST
Indore Notarized property registry decision
इंदौर जिला प्रशासन ने नोटरी वाली संपत्तियों की रजिस्ट्री का फैसला किया है। इस अभियान के तहत शहर के ऐसी अवैध कॉलोनियां जिन्हे राज्य शासन के निर्देशानुसार वैध किया गया है, वहां के रहवासियों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जाएगी।
संजय गुप्ता@INDORE. इंदौर में नोटरी पर प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री का बड़ा काम है। नोटरी लीगल डाक्यूमेंट नहीं है और इसके आधार पर संपत्ति का स्वामित्व नहीं माना जाता है। अब इस मामले में कलेक्टर आशीष सिंह ने बड़ा फैसला लिया है और नोटरी वाली संपत्तियों की रजिस्ट्री का फैसला किया है।
इस अभियान के तहत शहर के ऐसी अवैध कॉलोनियां जिन्हे राज्य शासन के निर्देशानुसार वैध किया गया है, वहां के रहवासियों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह कार्य वार्ड नंबर 31 स्थित शीतल नगर रेडिसन होटल के पास और वार्ड नंबर 30 के मालवीय नगर में किया जाएगा। इन स्थानों पर बेहतर परिणाम प्राप्त होने के उपरांत अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जा सकेगा।
ये खबर भी पढ़ें... Jitu Patwari बोले- श्वेत पत्र लाए सरकार, जनता से वादे नहीं किए पूरे
ये खबर भी पढ़ें... Chhattisgarh में सड़क हादसा , खाई में गिरी पिकअप , 19 ग्रामीणों की मौत
कई सालों से अविवादित संपत्ति की नोटरी के माध्यम से मालिक बने आमजन को अब नगर पालिका की संपत्ति कर रसीद और असेस्मेंट के आधार पर पंजीयन कार्यालय में अपने दस्तावेज का पंजीयन कराया जा सकेगा। ऐसे भूस्वामी जिनके पास मालिकाना हक की पुरानी नोटरी है वे उसके आधार पर आगे के दस्तावेज जैसे दान, विक्रय, सहस्वामी आदि दस्तावेज पंजीयन कार्यालय में पंजीयन करा सकेंगे।
ये खबर भी पढ़ें.. ODA के होंगे चुनाव, शेड्यूल एक-दो दिन में, Daly College से सुलझा विवाद
ये खबर भी पढ़ें... 19 दिन में BJP छोड़ने वाले छिंदवाड़ा मेयर किस पार्टी में ? 4 जून को चलेगा पता
आमजन- नोटरी विधिक दस्तावेज नहीं, रजिस्ट्री होने से विधिक दस्तावेज होगा। इससे वह बैंक लोन भी ले सकेंगे।
शासन को- उन्हें नोटरी होने पर रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी नहीं मिलती है। यह होने से राजस्व मिलेगा।
हाल ही में एक केस को लेकर हाईकोर्ट इंदौर ने अहम आदेश दिया था और कहा था कि अवैध कॉलोनी से शासन को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान होता है। इन अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री की जाए और इसके लिए पूरी सूची नगर निगम जिला प्रशासन और जिला पंजीयन को उपलब्ध कराए। इस हाईकोर्ट आदेश से भी प्रशासन और पंजीयन विभाग को आमजन को राहत देने और शासन को राजस्व भी उपलब्ध कराने का रास्ता मिला। इसके बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने कलेक्टर के आदेश पर प्लान बनाया और फिर इस आधार पर यह पायलट प्रोजेक्ट बनाकर इसे शुरू किया जा रहा है।
नोटरी वाली प्रॉपर्टी की होगी रजिस्ट्री, इंदौर में वैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह, इंदौर न्यूज, Notarized property will be registered, Registry of valid colonies in Indore, Indore Collector Ashish Singh, Indore News
पायलट प्रोजेक्ट पर होगा यह कार्य
इस अभियान के तहत शहर के ऐसी अवैध कॉलोनियां जिन्हे राज्य शासन के निर्देशानुसार वैध किया गया है, वहां के रहवासियों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह कार्य वार्ड नंबर 31 स्थित शीतल नगर रेडिसन होटल के पास और वार्ड नंबर 30 के मालवीय नगर में किया जाएगा। इन स्थानों पर बेहतर परिणाम प्राप्त होने के उपरांत अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ाया जा सकेगा।
ये खबर भी पढ़ें... Jitu Patwari बोले- श्वेत पत्र लाए सरकार, जनता से वादे नहीं किए पूरे
ये खबर भी पढ़ें... Chhattisgarh में सड़क हादसा , खाई में गिरी पिकअप , 19 ग्रामीणों की मौत
आमजन को यह करना होगा
कई सालों से अविवादित संपत्ति की नोटरी के माध्यम से मालिक बने आमजन को अब नगर पालिका की संपत्ति कर रसीद और असेस्मेंट के आधार पर पंजीयन कार्यालय में अपने दस्तावेज का पंजीयन कराया जा सकेगा। ऐसे भूस्वामी जिनके पास मालिकाना हक की पुरानी नोटरी है वे उसके आधार पर आगे के दस्तावेज जैसे दान, विक्रय, सहस्वामी आदि दस्तावेज पंजीयन कार्यालय में पंजीयन करा सकेंगे।
ये खबर भी पढ़ें.. ODA के होंगे चुनाव, शेड्यूल एक-दो दिन में, Daly College से सुलझा विवाद
ये खबर भी पढ़ें... 19 दिन में BJP छोड़ने वाले छिंदवाड़ा मेयर किस पार्टी में ? 4 जून को चलेगा पता
किसे क्या फायदा
आमजन- नोटरी विधिक दस्तावेज नहीं, रजिस्ट्री होने से विधिक दस्तावेज होगा। इससे वह बैंक लोन भी ले सकेंगे।
शासन को- उन्हें नोटरी होने पर रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी नहीं मिलती है। यह होने से राजस्व मिलेगा।
हाईकोर्ट ने दिया था आदेश
हाल ही में एक केस को लेकर हाईकोर्ट इंदौर ने अहम आदेश दिया था और कहा था कि अवैध कॉलोनी से शासन को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान होता है। इन अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री की जाए और इसके लिए पूरी सूची नगर निगम जिला प्रशासन और जिला पंजीयन को उपलब्ध कराए। इस हाईकोर्ट आदेश से भी प्रशासन और पंजीयन विभाग को आमजन को राहत देने और शासन को राजस्व भी उपलब्ध कराने का रास्ता मिला। इसके बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने कलेक्टर के आदेश पर प्लान बनाया और फिर इस आधार पर यह पायलट प्रोजेक्ट बनाकर इसे शुरू किया जा रहा है।
नोटरी वाली प्रॉपर्टी की होगी रजिस्ट्री, इंदौर में वैध कॉलोनियों की रजिस्ट्री, इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह, इंदौर न्यूज, Notarized property will be registered, Registry of valid colonies in Indore, Indore Collector Ashish Singh, Indore News
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari