इंदौर रियल एस्टेट के हाल-बेहाल, खरीदी-बिक्री में हर माह एक हजार करोड़ की कमी
Sanjay Gupta | Jun 07, 2026, 12:50 IST
indore real estate
इंदौर का रियल एस्टेट एक साल से लगातार मंदी की चपेट में आ रहा। रियल सेक्टर में बैचेनी बढ़ती जा रही है। इसकी एक वजह इंदौर को लेकर शासन स्तर के फैसले भी बड़ी वजह हैं। मास्टर प्लान अटकने से धंधा धड़ाम हो रहा है।
इंदौर रियल एस्टेट को अब बड़े बूस्ट की जरूरत है, नहीं तो इसकी हालत बेहद खराब हो जाएगी। शासन की चौतरफा अटकाने वाली नीतियों ने इसे बुरी तरह प्रभावित किया है। हालत यह है कि जो रियल एस्टेट इंदौर में औसतन हर माह ढाई हजार करोड़ का था, वह घटकर डेढ़ हजार करोड़ के करीब पहुंच चुका है। यानी इसमें एक हजार करोड़ की कमी आ चुकी है।
इंदौर जिले में रजिस्ट्रेशन से मई माह में 13 हजार डॉक्यूमेंट रजिस्टर्ड हुए और इससे 163 करोड़ की आय हुई। यानी करीब 1600 करोड़ की संपत्तियां बिकी हैं। वहीं बीते साल मई 2025 में 14 हजार 788 संपत्ती के डॉक्यूमेंट रजिस्टर्ड हुए और 198 करोड़ की आय हुई, यानी करीब दो हजार करोड़ की संपत्तियां बिकी थी। अप्रैल 2026 में भी 160 करोड़ की आय हुई यानी 1600 करोड़ के करीब की संपत्तियां बिकी थीं।
मध्य प्रदेश शासन के पंजीयन विभाग से इंदौर जिले को इस बार 3 हजार 550 करोड़ के राजस्व का लक्ष्य मिला है। यानी इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में इंदौर में करीब 36 हजार करोड़ की संपत्तियों का कारोबार होना चाहिए। यानी हर माह औसतन तीन हजार करोड़ के कारोबार की जरूरत है।
इस हिसाब से अभी लक्ष्य का मात्र 60 फीसदी ही पूरा हो रहा है। बीते वित्तीय वर्ष भी तीन हजार करोड़ से अधिक का लक्ष्य था लेकिन केवल 2 हजार 750 करोड़ का राजस्व मिला था।
जनता के बीच रात बिताएंगे विधायक, हर घर सरकारी योजना पहुंचाने का मिला टारगेट
राज्यसभा चुनाव: BJP ने विधायकों को भोपाल में रोका, कर रही तीसरी सीट की तैयारी
सीएम मोहन यादव ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर बोली बड़ी बात, कांग्रेस में मची खलबली
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय राज्यसभा के लिए क्या तोड़ेंगे कांग्रेस विधायक, यह कर दिया दावा
इससे मिल रहा संकेत, गिर गया रियल एस्टेट
हर माह तीन हजार करोड़ की संपत्तियां बिकना जरूरी
इस हिसाब से अभी लक्ष्य का मात्र 60 फीसदी ही पूरा हो रहा है। बीते वित्तीय वर्ष भी तीन हजार करोड़ से अधिक का लक्ष्य था लेकिन केवल 2 हजार 750 करोड़ का राजस्व मिला था।
रियल एस्टेट गिरने की वजह सरकार
- रियल एस्टेट (Real sector market) गिरने की सबसे बड़ी वजह और कोई नहीं बल्कि खुद सरकार है। कारण यह है कि मास्टर प्लान को लेकर भारी असमंजस है। साल 2021 में खत्म हुआ मास्टर प्लान अभी तक नहीं आया। इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में क्या होगा, किसी को नहीं पता। इंदौर में अधिक ग्रोथ की संभावनाओं वाले 79 गांवों में नक्शों पर रोक है, धारा 16 में भी एक साल से मंजूरियां बंद हैं।
- इकोनॉमिक कॉरिडोर के चलते 17 गांवों में नक्शे रुक गए हैं। वहीं नेशनल हाईवे के विभिन्न प्रोजेक्ट, रेल लाइन प्रोजेक्ट, आईडीए के अहिल्या पथ जैसे प्रोजेक्ट के चलते कई गांवों में कॉलोनी विकास के काम पर रोक है। इंदौर के चारों ओर लगे हुए गांवों में कोई न कोई व्यवधान लगा हुआ है।
- वहीं मप्र शासन की ओर से सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले और धंधा देने वाले सेक्टर को लेकर कोई बड़े प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उधर शासकीय जटिल प्रक्रियाएं जैसे टीएंडसीपी, निगम और प्रशासन की तरफ से खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं।
जनता के बीच रात बिताएंगे विधायक, हर घर सरकारी योजना पहुंचाने का मिला टारगेट
राज्यसभा चुनाव: BJP ने विधायकों को भोपाल में रोका, कर रही तीसरी सीट की तैयारी
सीएम मोहन यादव ने राज्यसभा की तीसरी सीट पर बोली बड़ी बात, कांग्रेस में मची खलबली
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय राज्यसभा के लिए क्या तोड़ेंगे कांग्रेस विधायक, यह कर दिया दावा
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari