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Indore News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस स्वाद की गली सराफा चौपाटी इंदौर की तारीफ करते हैं, इसे लेकर अब बड़ा बवाल शुरू हो गया है। सुरक्षा के लिहाज से इंदौर नगर निगम ने यहां लगने वाली करीब 300 दुकानों की छंटनी कर इसे 69 पर सीमित कर दिया।
परंपरागत व्यंजन के लिए हटी दुकानें
इसी लिस्ट पर अब विवाद हो गया है। चाइनीज, मोमो जैसे गैर पारंपरिक व्यंजन कारोबारियों को बाहर करने का कहा गया है। कहने को लिस्ट परंपरागत स्वाद वाले व्यापारियों की है, लेकिन इसमें अभी भी कई नाम चौंकाने वाले हैं।
हटाए गए व्यापारी इस लिस्ट में सांठगांठ होने का आरोप लगा रहे हैं। वहीं खुद सूची बनाने वाले दूसरों पर जिम्मेदारी ढोल रहे हैं।
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लिस्ट में देखिए ये नाम
- लिस्ट में 42वें क्रमांक पर -इंदौरी चायनीज पाइंट
- लिस्ट में 43वें क्रमांक पर- हनी पिज्जा
- इसके साथ ही लिस्ट में सैंडविच, आईसक्रीम, फ्रूट शॉट, फास्ट फूड, कोकोनट क्रश नाम से भी स्टॉल को रखा गया है।
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कैसे बनी यह 69 की लिस्ट
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह लिस्ट आखिर बनी कैसे। इस लिस्ट पर indore sarafa chaupati के अध्यक्ष राम गुप्ता और सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुमचंद सोनी के हस्ताक्षर हैं। इनके हस्ताक्षर से यह लिस्ट जारी हुई है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव- इनका कहना है कि लिस्ट एसोसिएशन की ओर से दी गई है। यदि इसमें कोई नाम में आपत्ति होगी या कोई सही व्यक्ति रह गया होगा तो सुधार करेंगे।
अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया ने बताया कि लिस्ट एसोसिएशन की ओर से दी गई थी। महापौर और विधायक सभी का साफ था कि परंपरागत व्यंजन वाले ही रहेंगे।
निगम की चिंता आमजन की सुरक्षा है। एसोसिएशन की लिस्ट को ही जारी किया गया है। सुरक्षा के लिए भी नियम बना रहे हैं जिसका पालन सभी को करना होगा।
हुकुम सोनी, सराफा व्यापारी एसोसिएशन: इनका भी कहना है कि लिस्ट सराफा चाट चौपाटी एसोसिएशन ने दी है। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। पहले लिस्ट 80 की थी, फिर 73 की हुई। इसमें भी तीन-चार नाम चाइनीज वालों के थे तो वो काटे गए। हमें हस्ताक्षर का बोला, हमने कर दिए। मैं तो इस लिस्ट से सहमत नहीं था।
राम गुप्ता, सराफा चाट चौपाटी एसोसिएशन- मैं इस लिस्ट से सहमत नहीं था, मेरी नहीं सुनी गई। हमने करीब 100 की लिस्ट बनाई थी। पूरी 11 सदस्यीय कमेटी की मंजूरी से ही यह जारी हुई है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है।
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बाहर हुए लोग लगा रहे लेन-देन के आरोप
उधर सराफा चौपाटी से बाहर किए गए दुकानदार इस पूरी लिस्ट पर सवाल उठा रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि लेन-देन, सांठगांठ के जरिए यह लिस्ट तैयार हुई है और पारंपरिक दुकानदारों को ही बाहर कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी जब लिस्ट बनाने की बात हुई थी तब एक ऑडियो का खुलासा द सूत्र ने किया था, जिसमें लेन-देन करके लिस्ट में नाम जुड़वाने की बात उठी थी। इसके बाद मामला दब गया।
क्या दबाव से जुड़े नाम
लिस्ट को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। एक फ्रूट चाट वाले का नाम अचानक लिस्ट में आया जो पहले था ही नहीं। इसमें निगम के कुछ नेताओं द्वारा दबाव डालने की बात कही जा रही है। कोई खुलकर नाम नहीं ले रहा है।
लिस्ट में पहले प्रकाश कुल्फी वाले एक प्रकाश यादव थे। अब 69 की इस लिस्ट में धर्मेंद्र यादव, विकास यादव, गोपाल यादव, लोकेश यादव, मनोज यादव, सुभाष यादव, मुकेश यादव, पिंकेश यादव और सुनील यादव भी हैं।
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