आईपीएस अभिषेक तिवारी का इस्तीफा, वीरता पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
CHAKRESH | Jan 23, 2026, 17:43 IST
Photograph: (THESOOTR)
मध्यप्रदेश के आईपीएस अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया। वे वीरता पुरस्कार विजेता रहे हैं। बालाघाट, सागर और रतलाम में एसपी रहे, फिलहाल दिल्ली में हैं।
BHOPAL. मध्यप्रदेश कैडर के आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। रतलाम, बालाघाट और सागर में एसपी रह चुके IPS ABHISHEK TIWARI फिलहाल दिल्ली में पदस्थ हैं। वे NTRO (नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन) में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं हैं।
2013 कैडर के IPS अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। वे फिलहाल NTRO (National Technical Research Organization) दिल्ली में स्थित भारत की प्रमुख तकनीकी खुफिया एजेंसी में पदस्थ हैं। यह एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के अधीन कार्य करती है।
एसपी अभिषेक तिवारी को नक्सल प्रभावित बालाघाट जिले में पदस्थ रहते हुए वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार नक्सलियों से मुठभेड़ की दो अलग-अलग घटनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने पर मिला था।
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दूसरी ओर 4 Aug 2024 को सागर में दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत के बाद उन्हें सागर से हटाया गया था। बता दें कि इस घटना में CM मोहन यादव ने कलेक्टर, एसपी और एसडीएम को हटा दिया था।
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अधिकारी अपना इस्तीफा स्पष्ट, बिना शर्त और स्वैच्छिक रूप से लिखता है। यदि वह राज्य में पदस्थ है तो वह राज्य सरकार या मुख्य सचिव के माध्यम से इस्तीफा देता है। यदि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर है, तो यह संबंधित केंद्रीय मंत्रालय/विभाग के सचिव के माध्यम से जमा किया जाता है।
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राज्य सरकार यह जांचती है कि अधिकारी के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक या विजिलेंस मामला लंबित तो नहीं है। इसके साथ ही यह भी देखा जाता है कि अधिकारी पर कोई वित्तीय बकाया, बॉन्ड (विशेष प्रशिक्षण या अन्य) या सेवा से जुड़ा कोई अन्य दायित्व तो नहीं है।
जांच के बाद राज्य सरकार यह तय करती है कि इस्तीफा एप्रूव्ड किया जाए या नहीं। राज्य सरकार अपनी रिपोर्ट और अनुशंसा को केंद्र सरकार (गृह मंत्रालय) को भेजती है, क्योंकि आईपीएस एक अखिल भारतीय सेवा है।
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गृह मंत्रालय (MHA) राज्य की रिपोर्ट, अधिकारी की सेवा-रिकॉर्ड और लंबित मामलों की समीक्षा करता है। यदि भ्रष्टाचार या सतर्कता से संबंधित गंभीर मुद्दे हों, तो केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) से भी परामर्श लिया जा सकता है।
IPS अधिकारियों के मामले में अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा लिया जाता है। यदि यह तय किया जाए कि अधिकारी को सेवा में बनाए रखना जनहित में नहीं है और कोई गंभीर बाधा नहीं है, तो इस्तीफा स्वीकार किया जाता है। यदि ऐसा नहीं है, तो इस्तीफा अस्वीकार भी किया जा सकता है।
2013 कैडर के IPS अभिषेक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। वे फिलहाल NTRO (National Technical Research Organization) दिल्ली में स्थित भारत की प्रमुख तकनीकी खुफिया एजेंसी में पदस्थ हैं। यह एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) के अधीन कार्य करती है।
वीरता पुरस्कार से हो चुके हैं सम्मानित
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