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Photograph: (the sootr)
News in Short
- जबलपुर में 31वां अरुणोदय सम्मान समारोह में कई हस्तियां शामिल हुईं।
- समारोह में पत्रकारिता की निष्पक्षता और जिम्मेदारी पर चर्चा की गई।
- एनके सिंह और चैतन्य भट्ट ने पत्रकारिता के मौजूदा हालात पर विचार साझा किए।
- सम्मान समारोह में पत्रकारों और समाजसेवियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह दिए गए।
- पुलिस और मीडिया के संयुक्त प्रयास पर भी चर्चा की गई, सकारात्मक खबरों की जरूरत जताई।
News in Detail
संस्कारधानी जबलपुर में 31वां अरुणोदय सम्मान समारोह हुआ। कार्यक्रम में शहर की कई प्रमुख हस्तियां शामिल रहीं। पत्रकारिता की साख और जिम्मेदारी पर खुलकर बात हुई। पत्रकारों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया।
31 साल की परंपरा और गरिमामय आयोजन
जबलपुर में अरुणोदय सम्मान समारोह का 31वां आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम वर्ष 1993 से लगातार हो रहा है। समारोह की शुरुआत प्रभु आराधना से की गई। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम आगे बढ़ा। मंच पर शहर की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं।
वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह ने भी संबोधन दिया। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू कार्यक्रम में शामिल हुए। कुलपति पीके मिश्रा और चैतन्य भट्ट भी उपस्थित रहे।
पत्रकारिता की जिम्मेदारी और चुनौतियों पर चर्चा
कार्यक्रम में पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। एनके सिंह ने सत्ता और विज्ञापन दबाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा निष्पक्षता सबसे बड़ी ताकत है। चैतन्य भट्ट ने पुराने दौर की पत्रकारिता को याद किया। उन्होंने कहा पत्रकारिता समाज के प्रति जवाबदेही है। उन्होंने इसे सिर्फ नौकरी मानने से मना किया। महापौर अन्नू ने मीडिया को लोकतंत्र का स्तंभ बताया। उन्होंने कहा एक स्तंभ कमजोर होगा तो ढांचा डगमगाएगा।
वर्चुअल संदेश और सम्मान समारोह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वर्चुअल संदेश दिया। उन्होंने पत्रकारिता को समाज की दिशा बताया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भी संदेश भेजा। उन्होंने इस दिन को संकल्प का दिन बताया। समारोह में कई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह दिए गए। सम्मान राशि भी प्रदान की गई। ‘अरुणोदय डायरी’ का भी विमोचन किया गया।
पुलिस और मीडिया का संबंध
6वीं बटालियन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा मीडिया और पुलिस साथ काम करते हैं। कई बार पत्रकार पहले घटनास्थल पर पहुंचते हैं। उन्होंने बदलते दौर में तकनीक की बात कही। एएसपी पल्लवी शुक्ला ने मीडिया और पुलिस को दो पहलू बताया। उन्होंने कहा पत्रकार समाज का आईना हैं। उन्होंने सकारात्मक खबरों की जरूरत बताई। समारोह प्रेरणादायी माहौल में संपन्न हुआ। 31 साल की यह परंपरा फिर मजबूत दिखी।
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