इकोनॉमिक कॉरिडोर का ऐलान, BJP विधायक ही योजना से अनजान! अजय बिश्नोई ने फिर कसा तंज
Neel Tiwari | Oct 23, 2026, 19:13 IST
इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बीजेपी विधायक अजय बिश्नोई का तंज
मध्य प्रदेश में जबलपुर-भोपाल-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर (Economic Corridor) को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद भाजपा विधायक अजय बिश्नोई ने अपनी ही सरकार पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा के मझौली विकासखंड को योजना में शामिल किया गया है। इसके बावजूद उन्हें योजना की जानकारी नहीं दी गई।
कॉरिडोर में क्षेत्र शामिल होने की खुशी
इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय बिश्नोई ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया। बिश्नोई ने पूछा कि उनकी विधानसभा के मझौली विकासखंड को योजना में शामिल किया गया है। इसके बावजूद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?
सबसे पहली इन्वेस्टर मीट जबलपुर में हुई थी, तब से इंतजार है कि जबलपुर में उद्योग आएंगे। वर्षों बाद खुशखबरी मिली कि जबलपुर को जोड़ते हुए एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बन गया है, जिसमें जबलपुर के लिए उद्योग आएंगे। जबलपुर के उद्योगपतियों की प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फोटो भी देखने मिल गई।मुझे और ज्यादा प्रसन्नता यह जानकर हुई कि इस कॉरिडोर में मेरी विधानसभा के मझौली विकासखंड को भी शामिल किया हुआ है।काश, योजना बनाते समय न सही, बन जाने के बाद ही हम जैसे छोटे जनप्रतिनिधियों को भी कोई बता देता कि योजना क्या है, धरातल पर कब उतरेगी और उसमें जबलपुर के लिए क्या होगा।
— Ajay Vishnoi (@AjayVishnoiBJP) October 23, 2026
'काश, हम जैसे छोटे जनप्रतिनिधियों को भी कोई बता देता'
बिश्नोई ने आगे लिखा कि उन्हें एक और बात जानकर खुशी हुई। उनकी विधानसभा के मझौली विकासखंड को भी इस कॉरिडोर में शामिल किया गया है। हालांकि, उन्होंने योजना की जानकारी नहीं मिलने पर तंज भी कसा। बिश्नोई ने कहा कि योजना बनाते समय जनप्रतिनिधियों को जानकारी नहीं दी गई। कम से कम योजना बनने के बाद ही छोटे जनप्रतिनिधियों को बता दिया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर यह योजना क्या है? यह जमीन पर कब उतरेगी? जबलपुर को इस योजना से क्या मिलेगा?
600 किलोमीटर के कॉरिडोर से निवेश और रोजगार का लक्ष्य
सरकार ने मार्च 2028 तक एक लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। इससे तीन लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना है। अगले तीन वर्षों में निवेश का लक्ष्य तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक करने की तैयारी है।
जबलपुर में किन उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा?
नरसिंहपुर और रायसेन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग (Food Processing Industry) विकसित किए जाएंगे। इन जिलों में फूड पार्क बनाने की भी योजना है। भोपाल में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। सीहोर और देवास में विनिर्माण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की तैयारी है। यहां लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग से जुड़ी गतिविधियां भी विकसित की जाएंगी। हालांकि, औद्योगिक इकाइयों और उनके स्थानों का विस्तृत खाका अभी सामने नहीं आया है। किस क्षेत्र में कौन-सी इकाई स्थापित होगी, इसकी जानकारी आना बाकी है।
पहले भी सवाल उठा चुके हैं बिश्नोई
बिश्नोई ने कम दरों पर दिए जाने वाले ठेकों पर भी सवाल उठाए थे। निर्माण कार्यों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि खराब सड़कों के कारण जनता को परेशानी होती है। इसका गुस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को झेलना पड़ता है। जुलाई 2026 में भी बिश्नोई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने जबलपुर-पाटन सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण में देरी का मुद्दा उठाया था।
बिश्नोई ने सड़क की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई थी। निर्माण कार्य को मंजूरी मिलने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए थे। इन घटनाओं से बिश्नोई की स्थानीय विकास के मुद्दों पर सक्रियता सामने आती है। वह सरकारी कामकाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी ही सरकार से सवाल करते रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों को जानकारी कब मिलेगी?
फिलहाल बिश्नोई के कटाक्ष पर सरकार की प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। अब देखना होगा कि मझौली समेत जबलपुर के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां कब शुरू होंगी। प्रस्तावित उद्योगों का विस्तृत खाका कब सामने आएगा? स्थानीय जनप्रतिनिधियों को योजना में किस तरह शामिल किया जाएगा?
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