जबलपुर में निजी स्कूलों के बाद अब प्राइवेट अस्पताल और एंबुलेंस संचालक रडार पर
Neel Tiwari | Sept 20, 2024, 17:28 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-09-20T170700.444
सिहोरा-मझगवां रोड पर हुए हादसे में 7 मौत के बाद अब जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। इस हादसे में सामने आई 108 एंबुलेंस और निजी अस्पतालों की मिलीभगत और कमीशन खोरी पर रोक लगाने के लिए जबलपुर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है।
जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जिले में 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए एक बैठक आयोजित की। जबलपुर शहर में निजी अस्पतालों और 108 एंबुलेंस के बीच चल रही कमीशन खोरी को रोकने या बैठक अहम मानी जा रही है । इस बैठक में अपर कलेक्टर मिशा सिंह, शहरी क्षेत्र के सभी एसडीएम, सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा और 108 एंबुलेंस सेवा के स्टेट कोऑर्डिनेटर नितिन बाजपेई समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने इस बैठक में साफ कहा कि 108 एंबुलेंस सेवा का उद्देश्य मरीजों को आपात स्थिति में जल्दी और सही अस्पताल तक पहुंचाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिस अस्पताल के लिए मरीज को रेफर किया जाता है, उसे उसी अस्पताल में ले जाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एंबुलेंस चालक मरीज को किसी अन्य निजी अस्पताल में ले जाता है, तो यह अनुचित और संदिग्ध गतिविधि होगी, और इसके लिए तुरंत शिकायत दर्ज करवाई की जाएगी।
ये खबर भी पढ़िए...पन्ना : क्या पीएम श्री एयर एंबुलेंस के दावे खोखले ? बीमार महिला को चादर में टांगकर क्यों ले जाना पड़ा अस्पताल
कलेक्टर ने हाल ही में एक घटना का जिक्र किया, जिसमें एंबुलेंस चालक ने एक मरीज को शासकीय अस्पताल के बजाय एक निजी अस्पताल में पहुंचाया। बड़े पैमाने पर हो रही कमीशनखोरी की आशंका के चलते कलेक्टर ने कहा कि एंबुलेंस सेवा के नाम पर निजी अस्पतालों को अनुचित लाभ पहुंचाने की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने 108 एंबुलेंस सेवा के स्टेट कोऑर्डिनेटर से 1 अगस्त से 15 सितंबर तक जिले में एंबुलेंस द्वारा कहां-कहां से मरीजों को किस-किस अस्पताल में पहुंचाया गया, इसकी विस्तृत जानकारी मांगी। इसके साथ ही उन्होंने पिछले 45 दिनों में जिले के कुछ अस्पतालों के अंदर मरीजों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
कलेक्टर दीपक सक्सेना ( Collector Deepak Saxena ) ने स्पष्ट रूप से कहा कि एंबुलेंस सेवा स्वास्थ्य सेवाओं की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता अस्वीकार्य होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि एंबुलेंस सेवा का दुरुपयोग कर निजी अस्पताल लाभ लेने की कोशिश न करें। मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा, और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना के कड़े रुख के बाद यह साफ संदेश गया है कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। एंबुलेंस सेवा की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि नागरिकों को सही समय पर उचित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
कलेक्टर ने 108 एंबुलेंस चालकों को दी चेतावनी
ये खबर भी पढ़िए...पन्ना : क्या पीएम श्री एयर एंबुलेंस के दावे खोखले ? बीमार महिला को चादर में टांगकर क्यों ले जाना पड़ा अस्पताल
एंबुलेंस की कमीशनखोरी की चिंता का विषय
1 अगस्त से 15 सितंबर तक की देनी होगी जानकारी
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari