रतलाम के जावरा में अमोनिया गैस का रिसाव, CSP के माता-पिता आए चपेट में
Manya Jain | Apr 09, 2025, 13:11 IST
ratlam amonia gas leak
रतलाम के जावरा में मंगलवार रात आईटीसी कंपाउंड स्थित पोरवाल आइस फैक्ट्री से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया । इस घटना में सीएसपी दुर्गेश आर्मो का परिवार गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
रतलाम के जावरा में मंगलवार रात आईटीसी कंपाउंड में स्थित पोरवाल आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया, जिससे आस-पास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। गैस का रिसाव इतना खतरनाक था कि इससे आसपास के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। पुलिस लाइन के नजदीक स्थित फैक्ट्री से गैस के रिसाव के कारण क्षेत्र में रहने वाले लोग, खासकर सीएसपी दुर्गेश आर्मो के परिवार के सदस्य, गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
मंगलवार रात लगभग 11 बजे, पोरवाल आइस फैक्ट्री में स्थित 50 किलो के अमोनिया गैस के टैंक का एक बोल्ट ढीला हो गया, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। यह रिसाव आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बना, क्योंकि गैस से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसके बाद आसपास के लोग तेजी से स्थिति का आकलन करने लगे और उन्हें गैस के रिसाव का पता चला।
ये भी पढ़ें...मध्य प्रदेश में सब इंस्पेक्टर और सिपाही भर्ती को लेकर सबसे बड़ी पुख्ता खबर
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस लाइन में सीएसपी दुर्गेश आर्मो का बंगला था, और गैस रिसाव से उनके परिवार के सदस्य, खासकर उनके माता-पिता, हुकुम सिंह आर्मो और लता आर्मो की तबीयत बिगड़ गई। परिवार के सदस्य तुरंत जानकारी मिलने पर सर्किट हाउस में शिफ्ट कर दिए गए। इस घटना के दौरान, पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तत्परता से कार्रवाई की।
![रतलाम: मंगलवार रात जावरा की आईस फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीकेज, आसपास के घरों को खाली कराया गया,पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल ...]()
ये भी पढ़ें...मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता साफ, जानें हर जरूरी सवाल का जवाब
एसडीएम त्रिलोचन गौड़, एसडीओपी संदीप मालवीय और तहसीलदार संदीप इवने की अगुवाई में पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा, गैस के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव भी शुरू किया गया। फैक्ट्री संचालक के बेटे सानिध्य को मौके पर बुलवाकर गैस के टैंक के बोल्ट को वापस टाइट किया गया, जिससे लीकेज बंद हो गया है।
अमोनिया गैस (Ammonia Gas) एक रासायनिक यौगिक है, जिसका रासायनिक सूत्र NH₃ होता है। यह एक बिना रंग की, तेज गंध वाली गैस होती है, जो सामान्य तापमान और दबाव पर गैसीय रूप में रहती है। अमोनिया गैस का मुख्य रूप से उपयोग उर्वरक, रिफ्रिजेरेटर, क्लीनिंग एजेंट्स और कुछ रासायनिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
कैसे हुआ गैस का रिसाव
ये भी पढ़ें...मध्य प्रदेश में सब इंस्पेक्टर और सिपाही भर्ती को लेकर सबसे बड़ी पुख्ता खबर
सीएसपी के परिवार पर असर
रतलाम: मंगलवार रात जावरा की आईस फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीकेज, आसपास के घरों को खाली कराया गया,पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल ...
ये भी पढ़ें...मध्य प्रदेश में प्रमोशन का रास्ता साफ, जानें हर जरूरी सवाल का जवाब
लीकेज रोकने के लिए पानी का छिड़काव
अमोनिया गैस (Ammonia Gas) एक रासायनिक यौगिक है, जिसका रासायनिक सूत्र NH₃ होता है। यह एक बिना रंग की, तेज गंध वाली गैस होती है, जो सामान्य तापमान और दबाव पर गैसीय रूप में रहती है। अमोनिया गैस का मुख्य रूप से उपयोग उर्वरक, रिफ्रिजेरेटर, क्लीनिंग एजेंट्स और कुछ रासायनिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
अमोनिया गैस के दुष्प्रभाव:
श्वसन तंत्र पर प्रभाव:
- अमोनिया गैस का उत्सर्जन श्वसन तंत्र में जलन पैदा कर सकता है। उच्च सांद्रता में यह गले, नाक, और फेफड़ों में जलन, खांसी, श्वास की तकलीफ, और सांस लेने में कठिनाई का कारण बन सकता है।
- अत्यधिक संपर्क से श्वसन प्रणाली में सूजन या फेफड़ों में जलन हो सकती है, जो अस्थायी या दीर्घकालिक श्वसन समस्या उत्पन्न कर सकता है।
आंखों और त्वचा पर असर:
- अमोनिया गैस से आँखों में जलन और कंटीली भावना हो सकती है। उच्च सांद्रता में यह आंखों में गंभीर जलन, लालिमा और आंसू बहने का कारण बन सकती है।
- त्वचा पर संपर्क करने से जलन और घाव हो सकते हैं। यदि त्वचा पर ज्यादा समय तक अमोनिया संपर्क में रहती है, तो त्वचा में जलन, खुजली और सूजन हो सकती है।
आंतरिक अंगों पर असर:
- अमोनिया गैस का अधिक मात्रा में संपर्क होने से आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंच सकता है, जैसे कि पेट या आंतों में जलन, उल्टी और दस्त। इससे गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
- यदि अमोनिया गैस अधिक मात्रा में शरीर में समा जाए, तो यह शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य को प्रभावित कर सकता है।
नर्वस सिस्टम पर प्रभाव:
- लंबे समय तक अमोनिया गैस के संपर्क में आने से मानसिक स्थिति में गड़बड़ी, सिरदर्द, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव:
- यदि अत्यधिक अमोनिया गैस का श्वास में समावेश होता है, तो यह जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकता है, जिससे श्वसन संकट, असामान्य हृदय गति, और कभी-कभी मृत्यु भी हो सकती है।
सुरक्षा के उपाय:
- वेंटिलेशन: अमोनिया गैस के संपर्क में आने से बचने के लिए अच्छी वेंटिलेशन वाले स्थानों पर काम करें।
- सुरक्षा उपकरण: जब अमोनिया गैस के साथ काम करें, तो उचित सुरक्षा उपकरण (जैसे मास्क, दस्ताने और सुरक्षा चश्मा) का उपयोग करें।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: यदि अमोनिया गैस के संपर्क में आ जाएं, तो तुरंत ताजे हवा में जाएं, आंखों और त्वचा को धोएं और चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari