सदन में बीजेपी ने ED को लेकर दी जानकारी तो भड़के जीतू पटवारी, बोले- सत्ता ने माना...
Raj Singh | Mar 20, 2025, 15:08 IST
ed mp
विपक्ष, खासकर कांग्रेस, हमेशा से भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर केंद्रीय एजेंसियों जैसे ED और CBI का दुरुपयोग करने का आरोप लगाती रही है, ताकि विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा सके।
विपक्ष हमेशा से भारतीय जनता पार्टी पर ईडी और सीबीआई को लेकर सवाल खड़ा करता रहा है। विपक्ष नेताओं की ओर से आरोप लगाया जाता रहा है कि केंद्रीय एजेंसियां का बीजेपी दुरुपोयग करके विपक्ष के नेताओं को परेशान किया जाता है। अब इसी को लेकर एक बार फिर कांग्रेस की ओर से निशाना साधा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने ये भी बड़ा दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज किए गए मामलों में दोषसिद्धि की दर बेहद कम है, और यह राजनीतिक दुर्भावना का एक उदाहरण है।
दरअसल, बीते दिन वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सांसदों, विधायकों और अन्य नेताओं पर ED द्वारा दर्ज किए गए मामलों में दोष साबित होने की दर बेहद कम है। पिछले 10 वर्षों में ED ने 193 नेताओं पर मामले दर्ज किए, जिनमें से केवल 2 मामलों में ही आरोप साबित हो सके। हालांकि, इस दौरान किसी को भी निर्दोष करार नहीं दिया गया।
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद एए रहीम के सवाल के जवाब में दी। एए रहीम ने पूछा था कि पिछले 10 साल में ED ने कितने नेताओं पर मामले दर्ज किए, विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई बढ़ी है या नहीं, और कितनों को सजा मिली है या कितने निर्दोष पाए गए हैं।
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ED की जांच केवल विश्वसनीय साक्ष्यों और सामग्री के आधार पर की जाती है और ED की सभी कार्रवाइयां न्यायिक समीक्षा के लिए हमेशा खुली रहती हैं।
ये भी खबर पढ़ें... भूपेश बघेल ने बताई ईडी का छापा पड़ने की वजह, बोले- नहीं रोक पाएंगे...
जीतू पटवारी ने एक्स पर क्या लिखा
कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से एक्स पर लिखा गया, अंततः बीजेपी की सत्ता ने संसद में मान ही लिया है कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ED द्वारा सांसदों, विधायकों सहित अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में दोषसिद्धि बहुत कम है! पटवारी ने आगे लिखा, पिछले 10 वर्ष में ईडी ने राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ 193 केस दर्ज किए, जिनमें केवल 02 में दोषसिद्धि हुई! PM बताएं, राजनीतिक दुर्भावना का यह खेल कब तक चलेगा?
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में दी जानकारी
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद एए रहीम के सवाल के जवाब में दी। एए रहीम ने पूछा था कि पिछले 10 साल में ED ने कितने नेताओं पर मामले दर्ज किए, विपक्षी नेताओं पर कार्रवाई बढ़ी है या नहीं, और कितनों को सजा मिली है या कितने निर्दोष पाए गए हैं।
केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ED की जांच केवल विश्वसनीय साक्ष्यों और सामग्री के आधार पर की जाती है और ED की सभी कार्रवाइयां न्यायिक समीक्षा के लिए हमेशा खुली रहती हैं।
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पांच प्वाइंट में समझें
- विपक्ष का आरोप: विपक्ष ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह केंद्रीय एजेंसियों जैसे ED और CBI का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है।
- जीतू पटवारी का दावा: कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ED द्वारा दर्ज किए गए मामलों में दोषसिद्धि की दर बेहद कम है, जो राजनीतिक दुर्भावना का उदाहरण है।
- 193 मामले, 2 दोषसिद्धि: पटवारी ने यह भी बताया कि पिछले 10 वर्षों में ED ने राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ 193 मामले दर्ज किए, जिनमें से केवल 2 में ही दोषसिद्धि हुई।
- संसद में स्वीकारोक्ति: पटवारी ने यह आरोप लगाया कि बीजेपी की सरकार ने संसद में मान लिया है कि ED के मामलों में दोषसिद्धि बहुत कम है।
- सवाल उठाना: उन्होंने पीएम से सवाल पूछा कि यह राजनीतिक दुर्भावना का खेल कब तक जारी रहेगा?
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