ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रेजरी टीएस बघेल द्वारा महिला अधिकारी के गाल छूने के आरोप सही, जांच कमेटी की रिपोर्ट
Pratibha ranaa | Apr 20, 2024, 11:19 IST
L.
तेरसिंह बघेल ने द सूत्र से बात करने पर कहा था कि मैं क्या बोलूं कि उन्होंने क्यों शिकायत की है, पर यह गलत है। अब काम कराओ, छुट्टी देने से मना कर दो, बहुत मुश्किले हैं।
संजय गुप्ता, INDORE. क्लास वन अधिकरी ज्वाइंट डायरेक्टर ट्रेजरी एंड एकाउंट (कोष व लेखा) तेरसिंह बघेल ( Tersingh Baghel ) पर उन्हीं की विभाग की महिला अधिकारी ने अभद्र व्यवहार करने की लिखित शिकायत जांच में सही पाई गई है। इस मामले में कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा बनाई गई स्थानीय परिवाद कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। महिला ने संभागायुक्त व महिला आयोग को भी शिकायत भेजी थी। वहीं कमेटी ने पाया कि ऑफिस में महिला संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए बघेल ने परिवाद कमेटी का गठन नहीं किया जो अनिवार्य है, इसके लिए 5000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया।
जांच कमेटी ने इस मामले में उस दिन कार्यस्थल पर मौजूद कई साथी अधिकारियों के बयान लिए। बाद में बघेल ने इसमें आपत्ति ली और कहा कि उन्हें भी अपने 3 गवाह बुलाने हैं। फिर उनकी भी गवाही हुई। लेकिन इन्होंने यही कहा कि बघेल का व्यवहार अच्छा रहा है। कभी कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन घटना के वक्त वह मौके पर नहीं थे। सभी के बयान और अन्य फैक्ट को देखने के बाद कमेटी ने पाया कि महिला अधिकारी के आरोप सही है और बघेल ने उनके गाल को छूने जैसी आपत्तिजनक हरकत करते हुए कदाचरण किया है।
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महिला अधिकारी ने शिकायत में कहा था कि घटना 13 मार्च को दोपहर तीन बजे विभाग के महाराजा कॉम्पलेक्स, कोठारी मार्केट स्थित ऑफिस में हुई। मैं काम कर रही थी, तभी बघेल विभाग प्रमुख आए और कहा कि कहां थी, दिखी नहीं? मैंने कहा मैं यहीं काम कर रही थी। वह बात करते-करते हुए मेरी कुर्सी के पीछे आ गए और कक्ष को देखते हुए वापस लौटते समय अभद्रतापूर्वक पीछे से मेरे गाल को छुआ। मैंने इसका विरोध किया तो वहां से चले गए। वहीं बयान के दौरान भी महिला ने बताया कि इस बात पर जब साथी अधिकारियों के साथ बघेल के कक्ष में आपत्ति लेने गई तो उन्होंने कहा- हां गलती हो गई, ऐसा नहीं करना था लेकिन मैंने केवल गाल को ही छुआ और कहीं तो नहीं टच किया।
महिला ने शिकायत में यह भी कहा था कि उस दिन कुछ अधिकारी जांच केस में बाहर गए थे, दो महिला अधिकारी छुट्टी पर थे। उस कक्ष में मेरे सिवा कोई अधिकारी नहीं था। इसे अवसर समझकर उन्होंने इस तरह का काम जानबूझकार किया। पहले भी उनके द्वारा मेरी वेशभूषा, निजी जीवन पर अमर्यादित टिप्पणी की गई है और अन्य कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारी के साथ भी इसी प्रकार का अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। कार्यालय प्रमुख होने के कारण कोई भी उनके इस व्यवहार के विरोध नहीं कर पाया। लेकिन मैं इस तरह के व्यवहार का विरोध करती हूं और मेरी माग है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
उधर बघेल ने द सूत्र से बात करने पर कहा था कि मैं क्या बोलूं कि उन्होंने क्यों शिकायत की है, पर यह गलत है। अब काम कराओ, छुट्टी देने से मना कर दो, बहुत मुश्किले हैं। द सूत्र के सवाल पर कि वहां तो सीसीटीवी होंगे सच सामने आ जाएगा, उन्होंने कहा कि वहां सीसीटीवी नहीं है। जांच कमेटी में बात रखेंगे। वहीं कमेटी के सामने उन्होंने अपने तीन गवाह पेश किए थे, लेकिन उनके बयानों से घटना को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद कमेटी ने बघेल पर लगे आरोप सही माने।
जांच रिपोर्ट में सभी के बयान के बाद यह सामने आया
जांच कमेटी ने इस मामले में उस दिन कार्यस्थल पर मौजूद कई साथी अधिकारियों के बयान लिए। बाद में बघेल ने इसमें आपत्ति ली और कहा कि उन्हें भी अपने 3 गवाह बुलाने हैं। फिर उनकी भी गवाही हुई। लेकिन इन्होंने यही कहा कि बघेल का व्यवहार अच्छा रहा है। कभी कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन घटना के वक्त वह मौके पर नहीं थे। सभी के बयान और अन्य फैक्ट को देखने के बाद कमेटी ने पाया कि महिला अधिकारी के आरोप सही है और बघेल ने उनके गाल को छूने जैसी आपत्तिजनक हरकत करते हुए कदाचरण किया है।
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महिला अधिकारी ने शिकायत में यह कहा था
महिला अधिकारी ने शिकायत में कहा था कि घटना 13 मार्च को दोपहर तीन बजे विभाग के महाराजा कॉम्पलेक्स, कोठारी मार्केट स्थित ऑफिस में हुई। मैं काम कर रही थी, तभी बघेल विभाग प्रमुख आए और कहा कि कहां थी, दिखी नहीं? मैंने कहा मैं यहीं काम कर रही थी। वह बात करते-करते हुए मेरी कुर्सी के पीछे आ गए और कक्ष को देखते हुए वापस लौटते समय अभद्रतापूर्वक पीछे से मेरे गाल को छुआ। मैंने इसका विरोध किया तो वहां से चले गए। वहीं बयान के दौरान भी महिला ने बताया कि इस बात पर जब साथी अधिकारियों के साथ बघेल के कक्ष में आपत्ति लेने गई तो उन्होंने कहा- हां गलती हो गई, ऐसा नहीं करना था लेकिन मैंने केवल गाल को ही छुआ और कहीं तो नहीं टच किया।
पहले भी करते रहे हैं अमर्यादित व्यवहार
महिला ने शिकायत में यह भी कहा था कि उस दिन कुछ अधिकारी जांच केस में बाहर गए थे, दो महिला अधिकारी छुट्टी पर थे। उस कक्ष में मेरे सिवा कोई अधिकारी नहीं था। इसे अवसर समझकर उन्होंने इस तरह का काम जानबूझकार किया। पहले भी उनके द्वारा मेरी वेशभूषा, निजी जीवन पर अमर्यादित टिप्पणी की गई है और अन्य कार्यालयीन अधिकारी कर्मचारी के साथ भी इसी प्रकार का अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया जाता रहा है। कार्यालय प्रमुख होने के कारण कोई भी उनके इस व्यवहार के विरोध नहीं कर पाया। लेकिन मैं इस तरह के व्यवहार का विरोध करती हूं और मेरी माग है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बघेल ने किया था दावा शिकायत गलत है
उधर बघेल ने द सूत्र से बात करने पर कहा था कि मैं क्या बोलूं कि उन्होंने क्यों शिकायत की है, पर यह गलत है। अब काम कराओ, छुट्टी देने से मना कर दो, बहुत मुश्किले हैं। द सूत्र के सवाल पर कि वहां तो सीसीटीवी होंगे सच सामने आ जाएगा, उन्होंने कहा कि वहां सीसीटीवी नहीं है। जांच कमेटी में बात रखेंगे। वहीं कमेटी के सामने उन्होंने अपने तीन गवाह पेश किए थे, लेकिन उनके बयानों से घटना को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद कमेटी ने बघेल पर लगे आरोप सही माने।
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