गोधरा दंगों में सुनवाई करने वाले जस्टिस अल्पेश कोगजे बन सकते हैं एमपी के अगले चीफ जस्टिस

Neel Tiwari | Aug 10, 2026, 20:01 IST
Share
जस्टिस अल्पेश कोगजे
जस्टिस अल्पेश कोगजे

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अगले चीफ जस्टिस को लेकर हलचल बढ़ी है। जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे का नाम चर्चा में है। वह गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर जल्द फैसला संभव है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अगले चीफ जस्टिस को लेकर चर्चा तेज है।
  • जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
  • वह गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।
  • उनका लंबा कानूनी और न्यायिक अनुभव इस चर्चा की बड़ी वजह है।
  • हालांकि, उनके नाम की आधिकारिक सिफारिश अभी सामने नहीं आई है।

अगले चीफ जस्टिस को लेकर चर्चा तेज

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को नए चीफ जस्टिस का इंतजार है। इसी बीच जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे का नाम सामने आया है। कोर्ट से जुड़े सूत्र इस नाम की चर्चा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका नाम आगे बढ़ सकता है। हालांकि, इसे अभी आधिकारिक फैसला नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की औपचारिक सिफारिश के बाद स्थिति साफ होगी।

चार चीफ जस्टिस की सिफारिश के बाद बढ़ी चर्चा

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल में चार नाम सुझाए हैं। इन नामों को अलग-अलग हाईकोर्ट के लिए आगे बढ़ाया गया है। इसके बाद दूसरे खाली पदों पर भी नजर बढ़ी है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भी इसी चर्चा का हिस्सा बना है। अब नए चीफ जस्टिस के नाम पर अटकलें तेज हैं। जस्टिस कोगजे का नाम इसी दौरान चर्चा में आया है।

जस्टिस अल्पेश कोगजे कौन हैं?

जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे गुजरात हाईकोर्ट से जुड़े हैं। उनका जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ था। उन्होंने 1990 में बीएससी की पढ़ाई पूरी की। उनका विषय रसायन विज्ञान था। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई शुरू की। वर्ष 1993 में उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की। यह डिग्री वडोदरा विश्वविद्यालय से मिली थी।

वकालत से न्यायपालिका तक कैसे पहुंचे?

जस्टिस कोगजे ने 1993 में वकालत शुरू की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने सरकारी मामलों में काम किया। वर्ष 2001 में वह सहायक सरकारी वकील बने। इसके अगले साल वह अपर लोक अभियोजक बने। उन्होंने वर्ष 2007 तक इस भूमिका में काम किया। इस दौरान उन्हें कई अहम मामलों का अनुभव मिला।

गोधरा मामलों में भी की अहम पैरवी

जस्टिस कोगजे ने कई चर्चित मामलों में पैरवी की। इनमें 2002 के गोधरा दंगों से जुड़े मामले भी शामिल थे। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में कई महत्वपूर्ण केस देखे। वर्ष 2008 में उन्हें केंद्रीय विभाग का वकील बनाया गया। उन्हें केंद्रीय उत्पाद शुल्क और सीमा शुल्क मामलों का काम मिला। इससे उनके कानूनी अनुभव का दायरा और बढ़ा।

SIT और STF से जुड़े मामलों में भी भूमिका

वर्ष 2011 में उन्हें एसआईटी के लिए विशेष वकील बनाया गया। उन्होंने गुजरात हाईकोर्ट में एसआईटी से जुड़े मामले देखे। एसटीएफ से जुड़े मामलों में भी उन्होंने काम किया। इन जिम्मेदारियों ने उन्हें गंभीर मामलों का अनुभव दिया। उनका काम आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कई तरह के मामलों में अदालत के सामने पक्ष रखा।

2016 में बने गुजरात हाईकोर्ट के जज

जस्टिस अल्पेश कोगजे को गुजरात हाईकोर्ट में जज बनाया गया। उन्होंने 6 अप्रैल 2016 को पद संभाला था। बाद में उन्हें स्थायी जज के रूप में नियुक्त किया गया। 15 मार्च 2018 को उनकी नियुक्ति स्थायी हुई। इसके बाद उनका न्यायिक सफर लगातार आगे बढ़ा। अब उनका नाम मध्य प्रदेश से जोड़ा जा रहा है।

चर्चा में जस्टिस कोगजे का नाम

फिलहाल ऐसा कहना जल्दबाजी होगी। उनके नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश के बाद स्थिति साफ होगी। केंद्र की मंजूरी के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए अभी इसे संभावित नाम ही माना जाना चाहिए। अंतिम फैसला आने तक दूसरे नामों की संभावना भी रहेगी।

मध्य प्रदेश के लिए अहम होगी नियुक्ति

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। ऐसे समय में स्थायी चीफ जस्टिस की भूमिका अहम होगी। नए चीफ जस्टिस से प्रशासनिक काम में तेजी आएगी। अदालत की लंबित मामलों वाली व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। न्यायिक कामकाज की बेहतर निगरानी जरूरी होगी। इसलिए नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति पर सबकी नजर है।

जस्टिस कोगजे के अनुभव से है उम्मीद

जस्टिस कोगजे के पास लंबा कानूनी अनुभव है। उन्होंने सरकारी पक्ष से लेकर न्यायाधीश तक काम किया है। उन्हें आपराधिक और दूसरे मामलों का भी अनुभव है। एसआईटी और एसटीएफ मामलों में उनकी भूमिका रही है। गुजरात हाईकोर्ट में उनका लंबा न्यायिक अनुभव है। यही वजह उनके नाम को चर्चा में ला रही है।

आधिकारिक आदेश के बाद ही तस्वीर होगी साफ

मध्य प्रदेश के अगले चीफ जस्टिस को लेकर फिलहाल चर्चा जारी है। जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे का नाम इसमें प्रमुखता से आया है। लेकिन उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद तस्वीर साफ होगी। इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी भी जरूरी होगी। इसलिए अभी इसे संभावित नियुक्ति के तौर पर देखना सही होगा।

ये भी पढ़ें...

SC कॉलेजियम की चार मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिशें, MP सहित तीन हाईकोर्ट बाकी

10वीं पास से ग्रेजुएट्स के लिए हाईकोर्ट में भर्ती, 388 पदों पर नोटिफिकेशन जारी

एमपी में 15 लाख छात्रों को साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ाएगी पुलिस, अभियान की सफलता पर सवाल!

एमपी के स्कूलों में गूंजेंगे संस्कृत के श्लोक, सरकार ने DEO को भेजा पत्र



Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
  • मध्य प्रदेश
  • गुजरात हाईकोर्ट
  • कॉलेजियम
  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम
  • जस्टिस अल्पेश वाई कोगजे
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा