मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को क्यों याद आए संत कबीर दास, क्या खुद से नाराज हैं?

नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अचानक संत कबीर दास को याद किया है। उनके एक चर्चित दोहे को उन्होंने X पर पोस्ट किया है। अब इससे सवाल उठ रहा है कि क्या वह खुद से नाराज हैं।

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Sanjay Gupta
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Indore. मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपनी इंदौर विधानसभा 1 में हुए भागीरथपुरा कांड के बाद से ही उलझे हुए हैं। इस कांड के बाद भले ही वह कह रहे हैं कि, मैं तीन दिन तक सोया नहीं और वहीं कुर्सी डालकर बैठा रहा।

इसके बावजूद उनके बयानों ने राजनीतिक बवाल खड़ा किया है। हाल ही में उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात में रहने की नसीहत दे डाली। अब उन्होंने अपने सोशल मीडिया (X) पर संत कबीर दास का एक दोहा लिखा है।

यह दोहा लिखा विजयवर्गीय ने

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय। 
जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा ना कोय।।

अर्थात- जब मैं दुनिया में बुराई खोजने निकला तो मुझे कोई बुरा व्यक्ति नहीं मिला। लेकिन जब मैंने अपने मन के अंदर झांककर देखा तो पाया कि मुझसे अधिक बुरा कोई नहीं है। 

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कैलाश विजयवर्गीय के दोहे से राजनैतिक हलचल

क्या खुद से नाराज है मंत्री

संत कबीरदास के इस दोहे के इस समय कहने से कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना यही जा रहा है कि हाल में जो घटनाक्रम हुए और जो उनके मुंह से शब्द निकले उससे वह खुद खुश नहीं हैं।

भागीरथपुरा कांड के बाद जब जनवरी में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए गलत शब्द कहा था। उस शब्द के कारण वह घिर गए थे और बाद में खेद भी जताया था।

इसी तरह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को औकात वाला शब्द कह दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने इसे अपनी गलती मानी थी और कहा था कि गुस्से में कभी ऐसा हो जाता है।

वहीं भागीरथपुरा में मौतों के आंकड़ों को लेकर भी विवाद हुआ तो इस पर भी वह अपने विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से नाराज हुए थे। कुल मिलाकर मामला उनके पक्ष में किसी तरह से नहीं जा रहा है। ऐसे में माना यही जा रहा है कि मंत्रीजी अभी अपने आप से ही खुश नहीं है। 

संगठन ने भी दी थी नसीहत

भागीरथपुरा कांड के बाद उनके बयान से बचे बवाल पर उन्हें दिल्ली भी बुलाया गया था। इसके बाद से मंत्री ने मीडिया से दूरी बना ली। वह अब केवल मुद्दे की बात पर ही जवाब देते हैं और बाकी कन्नी काट लेते हैं। इसके बाद भी यहां-वहां दिए गए उनके भाषण में ऐसी बात हो जाती है कि जो राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन जाती है। अब यह दोहा डालकर भी उन्होंने नया संदेश दिया है।

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