महाशिवरात्रि पर देश को मिली पहली किन्नर शंकराचार्य, राजधानी में हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक

Aman Vaishnav | Feb 15, 2026, 14:44 IST
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kinnar dharma sammelan first kinnar shankaracharya
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महाशिवरात्रि के अवसर पर राजधानी में किन्नर धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में देश की पहली किन्नर शंकराचार्य के रूप में हिमांगी सखी का पट्टाभिषेक हुआ। आयोजन में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास भी उपस्थित थे।

महाशिवरात्रि के मौके पर देश के पहले किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक किया गया। हिमांगी सखी को पहली किन्नर शंकराचार्य बनाया गया है। भोपाल में आयोजित इस सम्मेलन में जगद्गुरु और महामंडलेश्वर की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी भी हुई है।

अखाड़े के संस्थापक भी थे शामिल

मुस्लिम किन्नर अपने शुद्धिकरण के साथ हिंदू धर्म में लौटे हैं। राजस्थान के पुष्कर पीठ का चयन देश के पहले किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में किया गया है। किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति में वैदिक मंत्रों के बीच यह ऐलान किया गया। इस मौके पर किन्नर समुदाय के कई सदस्य, संत-महात्मा और विभिन्न राज्यों से आए उनके अनुयायी भी मौजूद थे।

किन्नरों की घर वापसी

आयोजकों ने सम्मेलन में धर्म परिवर्तन कर चुके 60 किन्नरों की घर वापसी करने का दावा भी किया है। उन्होंने मंच से कहा कि मुस्लिम बने कुछ किन्नरों ने शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद फिर से हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है। हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

हाल के दिनों में भोपाल में किन्नर समुदाय के बीच धर्म परिवर्तन और गद्दी को लेकर खूब आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला है। इसी सिलसिले में महाशिवरात्रि पर आयोजित सम्मेलन और पट्टाभिषेक को बहुत अहम माना जा रहा है।

हिमांगी सखी किन्नर अखाड़ा की प्रमुख

देश की पहली किन्नर शंकराचार्य हिमांगी सखी मां वैष्णो किन्नर अखाड़ा की प्रमुख हैं। साथ ही किन्नर समाज की धार्मिक नेता के रूप में पहचानी जाती हैं। हिमांगी सखी पहली किन्नरों भागवत कथा वाचक भी हैं।

इस तहर बनी पहली किन्नर शंकराचार्य

हिमांगी सखी मां जो मूल रूप से मुंबई से हैं अब पुष्कर पीठ की प्रमुख बनेंगी। इससे पहले वे महामंडलेश्वर और जगतगुरु के पद पर भी रह चुकी हैं। इसके बाद उन्हें शंकराचार्य की उपाधि दी गई है। इस तरह वे देश की पहली किन्नर शंकराचार्य बन गई है।

कौन है हिमांगी सखी?

हिमांगी सखी किन्नर अखाड़े से जुड़ी हुई एक बड़ी शख्सियत हैं। वह देश की पहली किन्नर कथा वाचक भी हैं। हिमांगी सखी का जन्म गुजरात के बड़ौदा में हुआ था। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद वह चर्चा में आईं थी।

हिमांगी सखी 2014 में भी वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। इन्हें 2019 में महामंडलेश्वर की उपाधि मिली थी। ये उपाधी नेपाल के पशुपतिनाथ पीठ ने दी थी। यह उपाधि उन्हें प्रयागराज के कुंभ मेला के दौरान आचार्य महामंडलेश्वर गौरी शंकर महाराज ने दी थी।

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