MP में 15 फरवरी तक बड़े स्तर पर तबादले, EC के निर्देश पर होगा अमल
BP shrivastava | Feb 11, 2024, 14:39 IST
मध्यप्रदेश का प्रशासनिक वल्लभ भवन।
मध्यप्रदेश में अगले 5 दिनों में IAS, IPS, राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के व्यापक स्तर पर तबादले होंगे। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 15 फरवरी तक एक ही स्थान पर तीन साल से जमे अफसरों को हटाकर इसकी रिपोर्ट दें।
BHOPAL. मध्यप्रदेश में अगले 5 दिनों में IAS, IPS, राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के व्यापक स्तर पर तबादले होंगे। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि 15 फरवरी तक एक ही स्थान पर तीन साल से जमे अफसरों को हटाकर इसकी रिपोर्ट दें। आयोग के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), गृह तथा पुलिस और राजस्व विभाग में ऐसे अफसरों को हटाने के लिए सूची तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है।
सबसे अधिक तबादले जीएडी और गृह विभाग में किए जाएंगे। इसमें कई जिलों के कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त, आईजी, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और एएसपी, सीएसपी स्तर के अफसर प्रभावित होंगे।
चुनाव आयोग के निर्देश के चलते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 6 जनवरी से 8 फरवरी तक कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों समेत मतदाता सूची तैयार करने से सीधा संबंध रखने वाले अफसरों को नहीं हटाने के लिए राज्य सरकार को ताकीद किया था। इसके चलते ये तबादले रुके हुए थे। अब चूंकि 8 फरवरी को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है तो तबादले के लिए सूची तैयार करने और नवीन पद स्थापना की तैयारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा कि 15 फरवरी तक सरकार को 30 जून की स्थिति में एक ही जिले में तीन साल की पद स्थापना होने पर हटाने के आदेश जारी करना है। इसके बाद सरकार को चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजना है।
यह खबर भी पढ़ें...मोहन सरकार का अंतरिम बजट होगा 1 लाख करोड़ का, जानें इसमें क्या खास
मोहन यादव सरकार ने शपथ लेने के बाद अभी जिलों में 11 कलेक्टरों और कुछ पुलिस अधीक्षकों के तबादले के अलावा बड़ी प्रशासनिक सर्जरी नहीं की है। माना जा रहा है कि 15 फरवरी तक जारी होने वाली तबादला सूची में कई जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को हटाया जा सकता है। इसके अलावा आईजी के रूप में सेवाएं दे रहे एडीजी और कुछ संभागायुक्तों को भी बदला जा सकता है। इसके अलावा सबसे अधिक बदलाव अपर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के पदों पर कार्यरत अफसरों के मामले में भी होना है।
यह खबर भी पढ़ें...PM मोदी की जड़ी-बूटी BJP कैसे जाएगी 370 पार, कांग्रेस का एक ही काम- नफरत, नफरत और नफरत
आयोग के निर्देश हैं कि तीन साल की अवधि पूरी कर चुके और चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले अफसरों और पिछले चुनाव में शिकायती पृष्ठभूमि वाले अफसरों को सरकार हटा दे अन्यथा आचार संहिता लागू होने पर चुनाव आयोग कार्यवाही कर हटाएगा। इसलिए माना जा रहा है कि तहसीलदार और टीआई के तबादले भी होंगे।
हालांकि राजस्व विभाग द्वारा 6 माह पहले तहसीलदारों के व्यापक तबादले किए थे और इसके बाद कई तहसीलदारों को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया था। इसके अलावा एडिशनल एसपी, एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी के पदों पर तैनात राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किए जाएंगे।
सबसे अधिक तबादले जीएडी और गृह विभाग में किए जाएंगे। इसमें कई जिलों के कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त, आईजी, अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और एएसपी, सीएसपी स्तर के अफसर प्रभावित होंगे।
इस वजह से नहीं हुए थे तबादले
चुनाव आयोग के निर्देश के चलते मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने 6 जनवरी से 8 फरवरी तक कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों समेत मतदाता सूची तैयार करने से सीधा संबंध रखने वाले अफसरों को नहीं हटाने के लिए राज्य सरकार को ताकीद किया था। इसके चलते ये तबादले रुके हुए थे। अब चूंकि 8 फरवरी को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है तो तबादले के लिए सूची तैयार करने और नवीन पद स्थापना की तैयारी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा कि 15 फरवरी तक सरकार को 30 जून की स्थिति में एक ही जिले में तीन साल की पद स्थापना होने पर हटाने के आदेश जारी करना है। इसके बाद सरकार को चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजना है।
यह खबर भी पढ़ें...मोहन सरकार का अंतरिम बजट होगा 1 लाख करोड़ का, जानें इसमें क्या खास
कई कलेक्टर, एसपी बदलेंगे, सूची तैयार
मोहन यादव सरकार ने शपथ लेने के बाद अभी जिलों में 11 कलेक्टरों और कुछ पुलिस अधीक्षकों के तबादले के अलावा बड़ी प्रशासनिक सर्जरी नहीं की है। माना जा रहा है कि 15 फरवरी तक जारी होने वाली तबादला सूची में कई जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को हटाया जा सकता है। इसके अलावा आईजी के रूप में सेवाएं दे रहे एडीजी और कुछ संभागायुक्तों को भी बदला जा सकता है। इसके अलावा सबसे अधिक बदलाव अपर कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के पदों पर कार्यरत अफसरों के मामले में भी होना है।
यह खबर भी पढ़ें...PM मोदी की जड़ी-बूटी BJP कैसे जाएगी 370 पार, कांग्रेस का एक ही काम- नफरत, नफरत और नफरत
तहसीलदार, टीआई भी बदलेंगे
आयोग के निर्देश हैं कि तीन साल की अवधि पूरी कर चुके और चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले अफसरों और पिछले चुनाव में शिकायती पृष्ठभूमि वाले अफसरों को सरकार हटा दे अन्यथा आचार संहिता लागू होने पर चुनाव आयोग कार्यवाही कर हटाएगा। इसलिए माना जा रहा है कि तहसीलदार और टीआई के तबादले भी होंगे।
हालांकि राजस्व विभाग द्वारा 6 माह पहले तहसीलदारों के व्यापक तबादले किए थे और इसके बाद कई तहसीलदारों को प्रभारी डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया था। इसके अलावा एडिशनल एसपी, एसडीओपी, सीएसपी, डीएसपी के पदों पर तैनात राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किए जाएंगे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari