/sootr/media/media_files/2026/01/06/lokayukt-raids-rohit-mehra-kt-industries-2026-01-06-16-02-16.jpg)
मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी पीआईयू) के रिटायर्ड ईएनसी गोविंद प्रसाद मेहरा (जीपी मेहरा) के ठिकानों पर 9 अक्टूबर 2025 को मध्य प्रदेश लोकायुक्त ने छापेमारी की थी।
इस छापे के बाद उनके बेटे रोहित मेहरा की कंपनी, केटी इंडस्ट्रीज के तीन प्रमुख उत्पादों का पीआईयू में नवीनीकरण रोक दिया गया। इन उत्पादों में जीआई मॉड्यूलर बॉक्स, जीआई कैबल ट्रे और पीवीसी कंड्यूट पाइप शामिल थे।
प्रशासनिक सुस्ती और फाइलों का अटकना
केटी इंडस्ट्रीज ने इन उत्पादों के मैक अप्रूवल के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया था, लेकिन अधिकारियों ने फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके साथ ही, छापे के पहले जो कार्य किए गए थे, उनके भुगतान पर भी रोक लगा दी गई। लोकायुक्त (LOKAYUKT) द्वारा की जा रही जांच से विभाग के अधिकारी अब डर गए हैं कि कहीं वे भी जांच के दायरे में न आ जाएं।
ये खबर भी पढ़ें...रिटायर्ड आईपीएस कुलश्रेष्ठ पर धमकाने का आरोप: क्या है पूरा सच?
अधिकारियों का बदलता रुख
दिलचस्प बात यह है कि जब मेहरा पॉवर में थे, तब जो अधिकारी उनके सामने असहज रहते थे। उन्होंने ही अब नवीनीकरण और भुगतान पर रोक लगा दी। पीडब्ल्यूडी में केटी इंडस्ट्रीज की एंट्री के बाद, प्रदेश की छह अन्य निर्माण एजेंसियों में भी इस कंपनी का प्रभाव बढ़ा।
PWD जांच और हितों का टकराव
इसके बाद, पीडब्ल्यूडी द्वारा केटी इंडस्ट्रीज के उत्पादों की जांच की गई, और पता चला कि रोहित मेहरा की कंपनी का एक सिंगल प्रोडक्ट 274 सीएम राइज स्कूलों में सप्लाई किया गया था। इस प्रोडक्ट का मैक अप्रूवल जीपी मेहरा के समय में किया गया था, जिससे कमेटी की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने पर संदेह उत्पन्न हुआ।
पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियां केटी इंडस्ट्रीज के खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं। ईओडब्ल्यू भी इस मामले की जांच कर रहा है, हालांकि दस्तावेजों का आदान-प्रदान नहीं हो रहा है।
ये खबर भी पढ़ें...भोपाल नगर निगम पर पीएमएवाई में देरी पर 35 हजार का जुर्माना, फोरम ने दिया आदेश
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us