23 अगस्त तक करें LPG eKYC अपडेट, वरना 947 के सिलेंडर पर देने होंगे 2935 रुपए

Amresh Kushwaha | Aug 01, 2026, 11:30 IST
Share
बिना e-KYC नहीं मिलेगा घरेलू सिलेंडर
बिना e-KYC नहीं मिलेगा घरेलू सिलेंडर

मध्य प्रदेश में गैस उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है। 23 अगस्त ई-केवाईसी कराने का आखिरी दिन है। समय पर ई-केवाईसी नहीं कराने पर घरेलू सिलेंडर मिलना बंद हो सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • गैस कंपनियां उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराने के मैसेज भेज रही हैं।
  • केवाईसी नहीं होने पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा।
  • मप्र में 39.84 लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी अब भी बाकी है।
  • भोपाल में पांच दिन में सवा लाख से ज्यादा बुकिंग रद्द हुई है।
  • उपभोक्ता एप, एजेंसी या डिलीवरी के समय केवाईसी करा सकते हैं।

अब घर-घर पहुंच रहा मैसेज

रसोई गैस के उपभोक्ताओं के लिए यह खबर सीधे जेब से जुड़ी है। गैस कंपनियों ने अब उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है। इस मैसेज में साफ लिखा है कि 23 अगस्त आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी यानी e-KYC (Electronic Know Your Customer) करानी होगी।

यदि तय समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो घरेलू दर पर एलपीजी यानी LPG (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर नहीं मिलेगा। इस मैसेज ने लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन घरों में जहां अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।

मप्र में लाखों उपभोक्ता अटके

मध्यप्रदेश में स्थिति काफी गंभीर नजर आ रही है। राज्य में कुल एक करोड़ 73 लाख सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से 39 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बाकी है। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 22.21 प्रतिशत हिस्सा है।

यानी हर पांचवां उपभोक्ता अभी भी सत्यापन से दूर है। अकेले भोपाल शहर की बात करें तो यहां सात लाख 55 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से एक लाख 94 हजार उपभोक्ताओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है। यह आंकड़ा बताता है कि शहरी इलाकों में भी लापरवाही कम नहीं है। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी न हुई तो बड़ी संख्या में परिवार परेशान हो सकते हैं।

546233d2-6f9
546233d2-6f9


गैर-घरेलू दर पर देना पड़ सकता है सिलेंडर

गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक स्थिति और भी सख्त हो सकती है। उनका कहना है कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं होगी, उन्हें घरेलू सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को गैर-घरेलू यानी कमर्शियल दर पर सिलेंडर लेना पड़ सकता है। दोनों सिलेंडर की कीमत में जमीन-आसमान का फर्क है।

अभी 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 947.50 रुपए है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2935 रुपए है। यदि घरेलू उपभोक्ता को कमर्शियल दर चुकानी पड़ी तो जेब पर सीधा बोझ बढ़ेगा।

हालांकि गैस कंपनियों ने अभी तक इसका कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। इस वजह से उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

भोपाल में पहले से रुकी डिलीवरी

यह समस्या सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। भोपाल में तो असर दिखना पहले ही शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार सिर्फ पांच दिन में शहर में एक लाख 35 हजार उपभोक्ताओं की सिलेंडर डिलीवरी रोकी जा चुकी है। यह शहर के कुल उपभोक्ताओं का करीब 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा है।

गैस एजेंसियों का कहना है कि यह निर्देश खुद गैस कंपनियों से आया है। वहीं, यह आदेश लिखित में नहीं बल्कि मौखिक रूप से दिया गया है। इसी वजह से एजेंसी संचालक भी असमंजस में हैं।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि गैस कंपनियों ने सभी एजेंसियों को मौखिक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से भोपाल में 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं की डिलीवरी रुक चुकी है।

3cc2b045-4fc
3cc2b045-4fc


एजेंसियों पर बढ़ रहा दबाव

गैस एजेंसी संचालक इस पूरे मामले में बीच में फंसे नजर आ रहे हैं। एक तरफ कंपनियों का दबाव है, दूसरी तरफ नाराज उपभोक्ता हैं। कई उपभोक्ता बुकिंग का पैसा कटने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। एजेंसी संचालकों की मांग है कि कंपनियां इस बारे में लिखित आदेश जारी करें।

इससे उपभोक्ताओं को भी सही जानकारी मिल सकेगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी। फिलहाल कुछ एजेंसियां मौके पर ही उपभोक्ताओं की केवाईसी कराने की कोशिश कर रही हैं। इसके बावजूद रोजाना शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है।

घर बैठे तीन तरीकों से हो सकती है केवाईसी

उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि केवाईसी कराना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए तीन आसान तरीके मौजूद हैं।

पहला तरीका है इंडियनऑयल वन यानी IndianOil ONE एप का इस्तेमाल। इस एप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

दूसरा तरीका है नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर सत्यापन कराना। इसके लिए आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी साथ ले जानी होगी।

तीसरा तरीका सबसे आसान माना जा रहा है। सिलेंडर डिलीवरी के समय अधिकृत कर्मचारी की मदद से भी केवाईसी कराई जा सकती है। यह सुविधा खासकर बुजुर्ग और अकेले रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया

ई-केवाईसी का मुख्य मकसद फर्जी कनेक्शन और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सरकार और गैस कंपनियां लंबे समय से इसे जरूरी बताती रही हैं। यह प्रक्रिया उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू कनेक्शन वाले सभी ग्राहकों के लिए जरूरी है।

इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब तक यह काम पूरा नहीं कर पाए हैं। कई लोगों को सही प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है। वहीं कुछ लोग समय की कमी के चलते एजेंसी नहीं जा पाते। अब जबकि डेडलाइन नजदीक आ रही है, उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लेना चाहिए।

यह खबर क्यों जरूरी है

यह खबर सीधे तौर पर आम जनता की रसोई और जेब से जुड़ी है। लाखों परिवार रोज इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस पर निर्भर हैं। अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं हुई तो सस्ती दर की सुविधा छिन सकती है। नागरिकों को सही समय पर सटीक जानकारी मिलना उनका अधिकार है, जो सूचना के अधिकार और उपभोक्ता संरक्षण की भावना के अनुरूप है।

साथ ही गैस कंपनियों की जवाबदेही भी जरूरी है, क्योंकि मौखिक निर्देश से पारदर्शिता प्रभावित होती है। ऐसी खबरें लोगों को समय रहते सतर्क करती हैं और उन्हें नुकसान से बचाती हैं।



ये खबरें भी पढ़िए...

कॉमर्शियल सिलेंडर से तत्काल टिकट तक... 1 अगस्त से लागू हुए ये नए नियम

कमर्शियल LPG सिलेंडर फिर हुआ सस्ता, कीमतों में 200 रुपए की आई गिरावट

MP News: गैस सिलेंडर के लिए एक लाख से ज्यादा लोगों की बुकिंग रद्द, जानें वजह

बिना कनेक्शन के मिलेगा गैस सिलेंडर, इंदौर में सुविधा शुरू, भोपाल में 15 अगस्त से

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • कमर्शियल सिलेंडर
  • गैस सिलेंडर
  • घरेलू गैस सिलेंडर
  • रसोई गैस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान