मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को हाईकोर्ट से राहत, जानिए किस मामले में बनाए गए थे आरोपी ?
Rahul Garhwal | Jan 27, 2024, 17:09 IST
मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को हाईकोर्ट से राहत, जानिए किस मामले में बनाए गए थे आरोपी ?
मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को हाईकोर्ट से राहत मिली है।
BHOPAL. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने धारा-144 के मामले में अहम टिप्पणी की है। सुनवाई के दौरान कहा कि धारा-144 लागू रहने के दौरान संबंधित जिले में केवल उपस्थित रहने पर उसके उल्लंघन का अपराध नहीं बनता है।
हाईकोर्ट ने कहा- कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग
मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसे जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ दर्ज FIR और स्पेशल कोर्ट में लंबित कार्रवाई को रद्द कर दिया।
क्या था मामला ?
विधानसभा चुनाव के दौरान आलीराजपुर कलेक्टर ने जिले में धारा-144 लगाई थी। इसके तहत किसी भी बाहरी व्यक्ति को आलीराजपुर में आकर चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई थी। इस दौरान गोविंद सिंह राजपूत कुछ लोगों के साथ जोबट में घूम रहे थे। एक वॉट्सएप वीडियो के आधार पर गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ जोबट थाने में FIR हुई थी और MP-MLA कोर्ट में चालान पेश किया गया था।
गोविंद सिंह राजपूत के वकील क्या दी सफाई ?
गोविंद सिंह राजपूत की ओर से वकील ने हाईकोर्ट में कहा कि वे वहां सिर्फ मौजूद थे। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन हुआ हो या कोई आपराधिक मामला बनता हो। वहीं शासन की ओर से कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अपराध बनता है। मामले में जांच पूरी हो गई है और चार्जशीट पेश कर दी गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने FIR और निचली अदालत की लंबित कार्रवाई रद्द कर दी।
हाईकोर्ट ने कहा- कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग
मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ये कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसे जारी रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ दर्ज FIR और स्पेशल कोर्ट में लंबित कार्रवाई को रद्द कर दिया।
क्या था मामला ?
विधानसभा चुनाव के दौरान आलीराजपुर कलेक्टर ने जिले में धारा-144 लगाई थी। इसके तहत किसी भी बाहरी व्यक्ति को आलीराजपुर में आकर चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई थी। इस दौरान गोविंद सिंह राजपूत कुछ लोगों के साथ जोबट में घूम रहे थे। एक वॉट्सएप वीडियो के आधार पर गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ जोबट थाने में FIR हुई थी और MP-MLA कोर्ट में चालान पेश किया गया था।
गोविंद सिंह राजपूत के वकील क्या दी सफाई ?
गोविंद सिंह राजपूत की ओर से वकील ने हाईकोर्ट में कहा कि वे वहां सिर्फ मौजूद थे। उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जिससे कानून व्यवस्था का उल्लंघन हुआ हो या कोई आपराधिक मामला बनता हो। वहीं शासन की ओर से कोर्ट में कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ अपराध बनता है। मामले में जांच पूरी हो गई है और चार्जशीट पेश कर दी गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने FIR और निचली अदालत की लंबित कार्रवाई रद्द कर दी।
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