एमपी के कफ सिरप मामले में अब तक 11 बच्चों की मौत, दवा कंपनी के खिलाफ FIR, डॉक्टर गिरफ्तार

Dablu Kumar | Oct 05, 2025, 08:31 IST
Share
cough serap case doctor arrest
cough serap case doctor arrest

छिंदवाड़ा जिले में अब तक 11 बच्चों की मौत हो गई है। शनिवार रात परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और तमिलनाडु की श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

Chhindwara.मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 11 बच्चों की मौत के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। शनिवार, 4 अक्टूबर की रात परासिया थाना में डॉक्टर प्रवीण सोनी और तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के राजपाल चौक से डॉक्टर प्रवीण सोनी को एसपी की विशेष टीम ने देर रात गिरफ्तार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की ओर से बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम की शिकायत पर की गई है। जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, उनमें दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

मौत का कारण कोल्ड्रिफ सिरप

उधर, शनिवार रात ही सरकारी जांच रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि बच्चों की मौत का कारण कोल्ड्रिफ कफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) में मौजूद 48.6% डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) था। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि यही रासायनिक तत्व घातक साबित हुआ। वहीं, दो अन्य सिरप नेक्स्ट्रो-डीएस (Nextro-DS) और मेफटॉल पी सिरप की जांच रिपोर्ट को ओके बताया गया है।

बता दें कि, प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने शनिवार, 4 अक्टूबर को ट्वीट कर मामले पर अपनी चिंता जाहिर की थी। साथ ही, उन्होंने दवा को बैन एमपी में बैन करते हुए कहा था कि इस मामले से जुड़े सभी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उनके इस ट्वीट के कुछ ही समय बाद प्रदेश में कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया। इसके अलावा डॉक्टर को गिरफ्तार भी कर लिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फार्मास्युटिकल कंपनी और डॉक्टर पर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।

ये खबर भी पढ़िए... छिंदवाड़ा न्यूज: बच्चों की सेहत से खिलवाड़, कफ सिरप पर राजनीति, तमिलनाडु सरकार की रिपोर्ट से केंद्र पर उठे सवाल

डॉक्टर और दवा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई

618fc618-de6
618fc618-de6


यह बात सामने आई है कि श्रेसन फार्मास्युटिकल कंपनी के सिरप बच्चों को उपचार के दौरान दिए गए थे। इनके बाद उनकी हालत गंभीर रूप से बिगड़ने लगी थी। अब तक इस घटना में 11 बच्चों की मौत किडनी फेल होने के कारण हो चुकी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले की जांच शुरू की थी और प्रारंभिक जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि बच्चों को दी गई दवा मिलावटी और हानिकारक तत्वों से भरी हुई थी। इस आधार पर अब दवा लिखने वाले डॉक्टर और दवा कंपनी दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

ये खबर भी पढ़िए... सवाल पूछा तो बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए चिकित्सा मंत्री खींवसर, कहा-कफ सिरप से कोई मौत नहीं

इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला

मामले में बीएनएस की धारा 276 के तहत औषधियों में मिलावट का आरोप लगाया गया है, जिसके तहत दोषी को एक साल तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा, बीएनएस की धारा 105(3) के तहत हत्या की श्रेणी में न आने वाला आपराधिक मानव वध का मामला भी दर्ज किया गया है, जिसमें सजा 10 साल तक हो सकती है। इसके साथ ही, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 27(ए)(iii) और 26 के तहत अडलट्रेडेट ड्रग्स का प्रयोग करने के कारण किसी की मृत्यु हो जाने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

ये खबर भी पढ़िए... MP News: छिंदवाड़ा की एक और मासूम ने कफ सिरप से तोड़ा दम, अब तक 11 की गई जान

32 दिनों में 11 मासूमों ने गवाई जान

क्रमनामउम्रमृत्यु की तारीखपता
1शिवम राठौड़4 साल2 सितंबरपरासिया
2विधि3 साल5 सितंबरपरासिया
3अदनान खान5 साल7 सितंबरपरासिया
4उसेद खान4 साल13 सितंबरपरासिया
5ऋषिका पिपरे5 साल15 सितंबरपरासिया
6श्रेया यादव3 साल16 सितंबरपरासिया
7हितांश सोनी4 साल18 सितंबरपरासिया
8विकास यदुवंशी5 साल18 सितंबरपरासिया
9चंचलेश4 साल19 सितंबरपरासिया
10संध्या भोंसम1 साल1 अक्टूबरपरासिया
11योगिता ठाकरे1.5 साल4 अक्टूबरपरासिया
ये खबर भी पढ़िए... कफ सिरप से बच्चों की मौत पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की न्यायिक जांच की मांग

रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई एफआईआर

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टर और कंपनी के खिलाफ जांच को तेज कर दिया है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर, बच्चों के उपचार में इस्तेमाल की गई दवा के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में दवा को एडलट्रेडेड यानी मिलावटी पाया गया। इसी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है।

बीएमओ डॉ. अंकित सल्लाम ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इस पूरे प्रकरण को पूरी गंभीरता से ले रहा है। बच्चों की मौत के कारणों का पर्दाफाश करने के लिए वैज्ञानिक और चिकित्सकीय दोनों दृष्टिकोण से जांच की जा रही है। अगर किसी और की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कफ सिरप विवाद पर जिला प्रशासन का आदेश

इसी बीच, जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को आदेश जारी किया है कि संदिग्ध दवाओं का उपयोग तुरंत रोक दिया जाए। इसके साथ ही, दवा स्टॉक की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की मिलावटी दवाओं के उपयोग को रोका जा सके। बता दें कि, कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला ने प्रदेश में तूल पकड़ लिया है।

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • सीएम मोहन यादव
  • छिंदवाड़ा न्यूज
  • कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला
  • कफ सिरप
  • कोल्ड्रिफ कफ सिरप
  • कफ सिरप विवाद
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा