मध्यप्रदेश में अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलेगा केंद्र सरकार जैसा अवकाश, पुरुषों को 15 दिन पैटरनिटी लीव, जानें नए नियम

Sanjay Dhiman | Aug 19, 2025, 15:48 IST
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Photograph: (the sootr)

मध्यप्रदेश सरकार ने 2025 में सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियम बदल दिए हैं। अब राज्य के कर्मचारी भी केंद्र सरकार के नियमों के तहत अवकाश ले सकेंगे।

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश के नियमों को केंद्र सरकार के समान कर दिया गया है। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत का कारण बनेगा और उनके अवकाश के अधिकारों में वृद्धि करेगा।

इस बदलाव को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने गत दिनों मंजूरी दे दी है। आइए जानते हैं कि इस बदलाव के बाद कर्मचारियों को कौन-कौन से नए अवकाश लाभ मिलेंगे।

अवकाश के नियमों में हुए ये बदलाव

1. प्रसूति और सरोगेसी अवकाश (Maternity and Surrogacy Leave)

मध्यप्रदेश के महिला कर्मचारियों को अब प्रसूति (मैटरनिटी) और सरोगेसी के लिए पहले से बेहतर अवकाश मिलेगा। केंद्रीय सरकारी नियमों के अनुसार, महिला अधिकारियों को प्रसूति के लिए छह महीने का अवकाश मिलेगा। इस फैसले से महिला कर्मचारियों को उनके परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने के दौरान कार्यस्थल पर भी समान अवसर मिलेंगे।

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2. पितृत्व अवकाश (Paternity Leave)

अब पुरुष कर्मचारियों को भी पितृत्व अवकाश मिलेगा, जो कि एक महत्वपूर्ण कदम है। पुरुष कर्मचारियों को 15 दिनों का पितृत्व अवकाश मिलेगा, ताकि वे अपने परिवार के साथ इस महत्वपूर्ण समय को बिता सकें और अपने नवजात शिशु की देखभाल में सहयोग कर सकें। यह निर्णय परिवारिक जिम्मेदारियों को साझा करने के दृष्टिकोण से बहुत अहम है।

3. सिंगल पेरेंट्स को अवकाश (Leave for Single Parents)

मध्यप्रदेश सरकार ने सिंगल पेरेंट्स के लिए भी एक अहम निर्णय लिया है। अब सिंगल पेरेंट्स को अवकाश की सुविधा दी जाएगी। इससे उन कर्मचारियों को विशेष रूप से मदद मिलेगी जो अकेले अपने बच्चों की देखभाल करते हैं। इस कदम से उनके काम और परिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

4. दिव्यांग अधिकारियों के लिए विशेष अवकाश (Leave for Differently-Abled Employees)

दिव्यांग कर्मचारियों के लिए सरकार ने विशेष नियम बनाए हैं। इन कर्मचारियों को बाद में आवेदन करने पर भी अवकाश मिल सकेगा। यह कदम दिव्यांग कर्मचारियों को उनके अधिकारों को सही तरीके से लागू करने का अवसर देगा और उन्हें मानसिक और शारीरिक आराम का मौका मिलेगा।



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कर्मचारियों से जुडे़ इस नए संसोधन को ऐसे समझें

प्रसूति और सरोगेसी अवकाश: महिला कर्मचारियों को छह महीने का प्रसूति (मैटरनिटी) अवकाश और सरोगेसी के लिए भी अवकाश मिलेगा, जो केंद्रीय नियमों के समान होगा।

पितृत्व अवकाश: पुरुष कर्मचारियों को 15 दिनों का पितृत्व (पैटर्निटी) अवकाश मिलेगा, ताकि वे नवजात शिशु की देखभाल में मदद कर सकें।

सिंगल पेरेंट्स के लिए अवकाश: सिंगल पेरेंट्स को भी अब अवकाश की सुविधा दी जाएगी, जो उनके परिवारिक जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने में सहायक होगा।

दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष अवकाश: दिव्यांग कर्मचारियों को बाद में आवेदन करने पर भी अवकाश मिलेगा, ताकि उन्हें मानसिक और शारीरिक आराम मिल सके।

केंद्र सरकार के समान नियम: अब मध्यप्रदेश के कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान अवकाश नियम मिलेंगे, जिससे उन्हें अधिक सहूलत मिलेगी।

एमपी के कर्मचारियों को इन श्रेणियाें में मिलेगा अवकाश

  • केंद्रीय सरकारी नियमों के तहत अवकाश (Leave Under Central Government Rules)
    मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार के समान ही अवकाश नियम लागू किए हैं, जिससे राज्य कर्मचारियों को अधिक सहूलत होगी।
  • विशेष छूट (Special Concessions)
    कर्मचारियों को अधिक सहूलत देने के लिए विशेष छूट और प्रावधान किए गए हैं।
  • स्वास्थ्य अवकाश (Health Leave)
    कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अवकाश की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  • सामाजिक कार्यों के लिए अवकाश (Leave for Social Work)
    मध्यप्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लिए सामाजिक कार्यों में भाग लेने के लिए भी अवकाश की व्यवस्था की है।

कैबिनेट बैठक में लगी बदलाव पर मुहर

मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की भांति अवकाश की सुविधा दिए जाने का निर्णय मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेश में पहली बार पुरुष कर्मचारियों के लिए 15 दिनों का पितृत्व अवकाश का प्रावधान भी किया गया। मध्यप्रदेश अवकाश नियम 2025 में मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक के निर्णयकर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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