आखिर किस देश का नागरिक है अहमद अलमक्की, 11 साल से रहस्यमय पहेली को सुलझाने में नाकाम खुफिया एजेंसी

Amresh Kushwaha | Jul 21, 2025, 14:59 IST
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अहमद अलमक्की एक संदिग्ध घुसपैठिया है, जिसकी नागरिकता और पहचान को लेकर 11 सालों से रहस्य बना हुआ है। वहीं अलमक्की भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बन चुका है।

भारत में घुसपैठ के कई मामले सामने आए हैं, लेकिन एक ऐसा घुसपैठिया है, जिसका मामला न सिर्फ कानून के लिए, बल्कि खुफिया एजेंसियों के लिए भी लगातार सिरदर्द बना हुआ है। वह है अहमद अलमक्की, जिनका नाम पिछले 11 सालों से भारत में एक रहस्यमय पहेली की तरह बना हुआ है। किसी भी देश ने अब तक इन्हें अपनी नागरिकता देने की हिम्मत नहीं दिखाई है।

यह घुसपैठिया भारत में अपनी पहचान और नागरिकता के लिए लगातार समस्याएं पैदा करता आ रहा है, जिससे न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती खड़ी हो गई है, बल्कि इसके प्रभाव से कानून व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। अहमद अलमक्की का मामला एक गहरी उलझन बन चुका है, जिस पर सुलझाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।

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जानें कौन है अहमद अलमक्की?

अहमद अलमक्की एक संदिग्ध व्यक्ति है जिसने सऊदी अरब के मक्का में रहने का दावा किया था, और खुद को बांग्लादेश का नागरिक बताया। हालांकि, बांग्लादेश और सऊदी अरब दोनों ही देशों ने इसको अपनी नागरिकता देने से इंकार कर दिया है। यह एक बड़ा सवाल बन चुका है कि आखिरकार यह घुसपैठिया किस देश से आया है, क्योंकि इसके नागरिकता का मुद्दा आज भी हल नहीं हो पाया है।

ग्वालियर में पकड़ा गया था अहमद

21 सितंबर 2014 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्टेशन बजरिया से अहमद अलमक्की को पकड़ा गया था। पुलिस ने जब उसकी जांच की, तो उसके पास कुछ संदिग्ध दस्तावेज, धार्मिक भाषणों से संबंधित सीडी, और एक हार्ड डिस्क मिली थी। इससे उसकी गतिविधियों को लेकर शंका और बढ़ गई थी। इससे यह साफ हो गया कि अलमक्की का भारत में आना केवल एक घुसपैठ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गतिविधि का हिस्सा था।

किस देश का नागरिक है अहमद अलमक्की?

  • अहमद अलमक्की, एक संदिग्ध घुसपैठिया, जो 11 साल से भारत में रहकर नागरिकता के लिए समस्याएं उत्पन्न कर रहा है, न किसी देश से नागरिकता प्राप्त कर सका है।
  • 21 सितंबर 2014 को ग्वालियर में पकड़े गए अलमक्की के पास संदिग्ध दस्तावेज, धार्मिक भाषणों की सीडी, और एक हार्ड डिस्क मिली थी, जिससे उसकी गतिविधियों पर संदेह बढ़ा।
  • ग्वालियर में पकड़े जाने के बाद, अलमक्की ने पुलिस से सांठगांठ कर अपने हित साधे, और अरब से पैसे मिलने की जानकारी सामने आई।
  • अलमक्की की सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन उसे शरणार्थी कैंप भेजने का निर्णय अब तक नहीं लिया जा सका है, और वह जेल में ही रखा गया है।
  • अलमक्की का मामला कानूनी दृष्टिकोण से पेचीदा है क्योंकि उसके पास कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं हैं, और कोई भी देश उसे अपनी नागरिकता देने को तैयार नहीं है।

अलमक्की ने की पुलिस से सांठगांठ

मघ्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़े जाने के बाद अलमक्की ने पुलिस से सांठगांठ कर अपने हित साधे। बताया गया कि अलमक्की को अरब से पैसे मिलने लगे थे, जो एक पुलिसकर्मी के परिजनों के खाते में आते थे। इसके बदले में उसे थाने में सुविधाएं जैसे मोबाइल, लैपटॉप, और थाने से बाहर आने-जाने की अनुमति दी जाती थी। यह मामला भारतीय पुलिस की कड़ी जांच का हिस्सा बन गया है।

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बिन बुलाए मेहमान जैसी स्थिति

अलमक्की की सजा अब पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उसे शरणार्थी कैंप भेजने का कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि, उसे जेल में रखा गया है और फिलहाल उसकी स्थिति बिन बुलाए मेहमान जैसी हो चुकी है। जेल अधिकारियों का कहना है कि यह तय करना बाकी है कि अलमक्की को किस शरणार्थी कैंप में भेजा जाए, जिसके कारण उसे जेल में ही रखा गया है।

अलमक्की का मामला हुआ पेचीदा

कानूनी दृष्टिकोण से देखें तो अलमक्की का मामला और भी पेचीदा हो जाता है। उसके पास कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं हैं, जिससे यह साबित हो सके कि वह किस देश का नागरिक है। इसका कोई भी देश समर्थन नहीं कर रहा है। उसकी स्थिति एक ऐसे व्यक्ति की हो चुकी है, जिसे कोई भी सरकार अपने देश का नागरिक मानने को तैयार नहीं है।

शरणार्थी कैंप में भेजने का है आदेश

अलमक्की को शरणार्थी कैंप में भेजने का आदेश है, लेकिन किस कैंप में भेजा जाए, इस पर अभी भी विवाद बना हुआ है। उसकी सजा अब पूरी हो चुकी है, और भारत में उसका भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। उसे जेल में विशेष रूप से डिटेक्टर सेंटर में रखा गया है, ताकि उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।

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