नाम नहीं जुड़वाओगे तो राशन-पानी बंद...SIR पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बयान ने मचाया बवाल
Sourabh Bhatnagar | Dec 05, 2025, 09:50 IST
madhya-pradesh-minister-Govind Singh Controversial Statement-ration-services-SIR
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का एक विवादित वीडियो इन दिनों इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। क्या है वीडियो में... चलिए बताते हैं
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खाद्य और आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने हाल ही में एक बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ता है, तो उसे राशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी। मंत्री के इस बयान के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो गया है।
वायरल हो रहा वीडियो एक सप्ताह पुराना बताया जा रहा है, जब मंत्री राजपूत सागर जिले में एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
उन्होंने ये भी कहा कि जब उनका नाम जेरई गांव की मतदाता सूची में जोड़ा जा रहा था, तब वे स्वयं जाकर हस्ताक्षर कर फार्म जमा करने पहुंचे थे।
मंत्री का ये बयान एसआईआर प्रक्रिया (SIR Process) से जुड़ा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (special intensive revision 2025) का मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना और सही बनाना है।
एसआईआर का मकसद मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाता है। वहीं जो नाम गलत तरीके से दर्ज हुए हैं, उन्हें हटाया जाता है। ये प्रक्रिया हर चुनाव से पहले की जाती है, ताकि सिर्फ असली और योग्य मतदाता ही वोट डाल सकें।
चुनाव आयोग का कहना है कि ये देश में चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि सही मतदाता सूची से ही चुनाव सही तरीके से और पारदर्शी हो सकते हैं।
ध्यान रखने वाली बात ये है कि ये प्रक्रिया राशन कार्ड या किसी और सरकारी सुविधा को हटाने से जुड़ी नहीं है। एसआईआर का काम सिर्फ मतदाता सूची को सुधारने का है, राशन कार्ड और दूसरी सरकारी सेवाएं इससे प्रभावित नहीं होतीं।
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मंत्री के बयान पर कांग्रेस ने तीखा हमला किया है। एमपी कांग्रेसके नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि क्या अब गोविंद सिंह राजपूत चुनाव आयोग के अधिकारी बन गए हैं? उन्हें यह बताने का क्या हक है कि किसका नाम जुड़ना चाहिए और किसका नहीं?”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी इस SIR प्रक्रिया का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। कटारे ने चुनाव आयोग से मांग की कि यदि मंत्री ने कोई नियमों का उल्लंघन किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
2003 की वोटर लिस्ट देखने के लिए https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर SIR विकल्प चुनें। फिर राज्य और विधानसभा का चयन करें। इसके बाद अपने पोलिंग बूथ या मोहल्ले के आधार पर नाम सर्च कर सकते हैं। यहां 2003 और वर्तमान दोनों सूचियां उपलब्ध हैं।
वोटर बनने, पता बदलने, विदेश में रहने वाले भारतीयों के रजिस्ट्रेशन, आपत्ति या सुधार के लिए कई फॉर्म्स हैं। आइए जानते हैं इन कब कौन सा फार्म उपयोग किया जा सकता है।
साफ और अद्यतन मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक है। SIR पर विपक्षी पक्ष और समर्थन दोनों हैं, लेकिन नागरिकों के लिए मुख्य जिम्मेदारी है:
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ता है, तो उसे राशन और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी। मंत्री के इस बयान के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर यह बयान तेजी से वायरल हो गया है।
मंत्री का बयान- बोले नहीं मिलेगा राशन-पानी
मंत्री राजपूत कहते हैं कि इस बार मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से अपील की कि वे अपनी नाम मतदाता सूची में जोड़वा लें। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपना नाम मतदाता सूची में नहीं जोड़वाता है, तो उसके राशन, पानी, आधार कार्ड, और अन्य सरकारी सुविधाएं मिलना बंद हो जाएंगी।
SIR प्रक्रिया क्या है? (What is the SIR Process?)
एसआईआर का मकसद मतदाता सूची को ज्यादा साफ-सुथरा और सही बनाना है। इस प्रक्रिया में सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाता है। वहीं जो नाम गलत तरीके से दर्ज हुए हैं, उन्हें हटाया जाता है। ये प्रक्रिया हर चुनाव से पहले की जाती है, ताकि सिर्फ असली और योग्य मतदाता ही वोट डाल सकें।
चुनाव आयोग का कहना है कि ये देश में चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि सही मतदाता सूची से ही चुनाव सही तरीके से और पारदर्शी हो सकते हैं।
इस बात पर ध्यान देना जरुरी है
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कांग्रेस का पलटवार
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी इस SIR प्रक्रिया का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है। कटारे ने चुनाव आयोग से मांग की कि यदि मंत्री ने कोई नियमों का उल्लंघन किया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ऐसे देखें 2003 की वोटर लिस्ट
SIR के लिए आवश्यक दस्तावेजचुनाव आयोग ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया के तहत वोटर द्वारा दिखाए जाने वाले दस्तावेजों की लिस्ट भी जारी की है। अगर आपके पास ये दस्तावेज हैं, तो आपको इन्हें अपने बीएलओ (Booth Level Officer) को दिखाना होगा। अगर किसी के पास ये दस्तावेज नहीं हैं, तो एसआईआर के बाद जो नई मतदाता सूची बनेगी, उसमें उनका नाम शामिल होने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए, ये दस्तावेज दिखाना जरूरी है, ताकि किसी भी परेशानी से बचा जा सके।
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मतदाता सूची से जुड़े मुख्य फॉर्म के बारे में जानिए
| फॉर्म का नाम | उपयोग |
|---|---|
| Form 6 | नए मतदाता के जुड़ने या बाहर/विदेश से रजिस्ट्रेशन के लिए |
| Form 6A | विदेशों में रहने वाले भारतीय मतदाताओं के लिए |
| Form 7 | आपत्ति या किसी नाम को हटाने के लिए |
| Form 8 | किसी भी सुधार- नाम, एड्रेस, जन्मतिथि आदि बदलने के लिए |
| Form 8A | अस्थायी पता या स्थान परिवर्तन के लिए |
वोटर नहीं, नागरिक बनें- यह काम जरूर करें
- प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची को अच्छी तरह जांचें।
- आवश्यक होने पर सही फॉर्म में आवेदन करें।
- नव-मतदाता या स्थान बदलने वाले अवश्य फॉर्म भरें।
- सिविल सोसायटी और राजनीतिक दल गरीब, दिव्यांग, दलित एवं मोहल्ले के लोगों को प्रक्रिया में सहयोग दें।
- आधार कार्ड समेत आवश्यक डॉक्युमेंट्स अपलोड करें।
- विशेष सतर्कता पर बूथ लेवल ऑफिसर का नंबर अपने पास जरूर रखें, ताकि उसे अपडेट किया जा सके।
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