Madhya Pradesh : मतदान खत्म होते ही मोहन सरकार जुलाई में प्रस्तावित बजट की तैयारी में, हो सकते है कड़े फैसले !
Sandeep Kumar | May 16, 2024, 14:39 IST
2024-05-16T142100.079.jpg
प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के चलते फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था। सरकार लेखानुदान लेकर आई थी। इसमें तीन महीने का सरकार का योजनाओं और वेतन भत्तों के खर्च का बजट जारी किया गया था।
BHOPAL. मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) सरकार के वित्त विभाग ने 2024-25 के बजट अनुमान और तैयारी को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें विभाग ने वेतन-भत्ते, ऋण भुगतान और 15वें वित्त आयोग के लिए बजट अनुदान को प्राथमिकता में रखने को कहा है। प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनाव के चलते फरवरी में पूर्ण बजट पेश नहीं किया था। सरकार लेखानुदान लेकर आई थी। इसमें तीन महीने का सरकार का योजनाओं और वेतन भत्तों के खर्च का बजट जारी किया गया था। इसमें किसी तरह के नए कर संबंधी नए प्रस्ताव और व्यय के नए मदद शामिल नहीं किए गए थे। जानकारों का कहना है कि सरकार अब लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई में अपना पूर्ण बजट लेकर आ सकती है।
अब राज्य में चार से पांच साल बाद चुनाव है। ऐसे में सरकार कठोर निर्णय भी ले सकती है। यह समय सरकार के लिए सख्त निर्णय लेने के लिए आदर्श होता है। सरकार जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में बजट पेश कर सकती है। वित्त विभाग ने विभागों से कहा है कि नई योजनाओं के प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के बाद ही भेजें। इसमें उद्देश्य और लाभ की जानकारी का विवरण भी भेजने को कहा गया है। वहीं, जिन योजनाओं को बंद किया जा रहा है, उसकी जानकारी भी देने को कहा गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उपयोजना के लिए पर्याप्त राशि रखने को कहा गया है। सभी विभागों को मई अंत तक प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
राज्य सरकार फरवरी में पूर्ण बजट लेकर नहीं आई। सरकार लेखानुदान लेकर आई। जानकारों ने बताया कि इसका कारण केंद्र की तरफ से योजनाओं और प्रोग्राम के लिए राज्य को मिलने वाले राज्यांश में देरी कारण रहा। केंद्र सरकार ने भी लोकसभा चुनाव के चलते लेखानुदान लेकर आई। अब वह भी जुलाई में पूर्ण बजट पेश कर सकती है। लेखानुदान में सरकार पूर्ण बजट पेश होने तक राज्य सरकार के खर्चों और योजनाओं के संचालन के लिए राशि को स्वीकृति देती है।
सरकार का 2024-25 का पूर्ण बजट का अनुमान 3.48 लाख करोड़ है। इसमें लेखानुदान के 1.45 लाख करोड़ रुपए भी शामिल होगा। अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व प्राप्तियां 2.52 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें राज्य कराधान से आय 96 हजार करोड़ रुपए है।
मोहन सरकार ला सकती है कठोर निर्णय
अब राज्य में चार से पांच साल बाद चुनाव है। ऐसे में सरकार कठोर निर्णय भी ले सकती है। यह समय सरकार के लिए सख्त निर्णय लेने के लिए आदर्श होता है। सरकार जुलाई माह के दूसरे सप्ताह में बजट पेश कर सकती है। वित्त विभाग ने विभागों से कहा है कि नई योजनाओं के प्रस्ताव प्रशासकीय स्वीकृति के बाद ही भेजें। इसमें उद्देश्य और लाभ की जानकारी का विवरण भी भेजने को कहा गया है। वहीं, जिन योजनाओं को बंद किया जा रहा है, उसकी जानकारी भी देने को कहा गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उपयोजना के लिए पर्याप्त राशि रखने को कहा गया है। सभी विभागों को मई अंत तक प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।
फरवरी में लगाया था लेखानुदान
राज्य सरकार फरवरी में पूर्ण बजट लेकर नहीं आई। सरकार लेखानुदान लेकर आई। जानकारों ने बताया कि इसका कारण केंद्र की तरफ से योजनाओं और प्रोग्राम के लिए राज्य को मिलने वाले राज्यांश में देरी कारण रहा। केंद्र सरकार ने भी लोकसभा चुनाव के चलते लेखानुदान लेकर आई। अब वह भी जुलाई में पूर्ण बजट पेश कर सकती है। लेखानुदान में सरकार पूर्ण बजट पेश होने तक राज्य सरकार के खर्चों और योजनाओं के संचालन के लिए राशि को स्वीकृति देती है।
3.48 लाख करोड़ के पार हो सकता है बजट
सरकार का 2024-25 का पूर्ण बजट का अनुमान 3.48 लाख करोड़ है। इसमें लेखानुदान के 1.45 लाख करोड़ रुपए भी शामिल होगा। अगले वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व प्राप्तियां 2.52 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है। इसमें राज्य कराधान से आय 96 हजार करोड़ रुपए है।
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari