महानगर नागरिक सहकारी बैंक : डेली कलेक्शन एजेंट्स के खातों में मिली 15 करोड़ की रकम
Sandeep Kumar | Aug 07, 2025, 23:32 IST
mahanagar-citizen-cooperative-bank
भोपाल के महानगर नागरिक सहकारी बैंक में आयकर विभाग ने कलेक्शन एजेंट्स के खातों में वित्तीय हेरफेर का मामला उजागर किया। इसमें 15 करोड़ रुपए से अधिक की राशि कलेक्शन एजेंट्स के खातों में जमा की गई और फिर बैंक में ट्रांसफर की गई।
MP की राजधानी भोपाल स्थित महानगर नागरिक सहकारी बैंक में आयकर विभाग ने बुधवार को सर्वे शुरू किया। सर्वे गुरुवार तक चला। इसमें बैंक के डेली कलेक्शन एजेंट्स के खातों में वित्तीय हेरफेर का मामला सामने आया। आयकर विभाग ने पाया कि कलेक्शन एजेंट्स ने बैंक में राशि जमा करने के बजाय अपने व्यक्तिगत खातों में लाखों रुपए जमा किए और बाद में उन्हें बैंक खातों में ट्रांसफर किया।
आयकर विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ कि 2024-25 में 15 करोड़ रुपए डेली कलेक्शन एजेंट्स के खातों में जमा किए गए थे। इसके बाद यह राशि बैंक में ट्रांसफर की गई। इसी तरह की गड़बड़ी 2022-23 और 2023-24 में भी पाई गई, जिसमें करोड़ों रुपए कलेक्शन एजेंट्स के खातों में जमा हुए थे। यह एक बड़ी वित्तीय अनियमितता को दर्शाता है, जहां नियमों का पालन नहीं किया गया।
जबलपुर के सिहोरा में 'सोना' मिलने की खबर पर GSI का बयान- अभी भंडार की पुष्टि नहीं
आयकर विभाग ने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिया है कि कलेक्शन एजेंट्स के खातों में राशि जमा करने के बजाय बैंक के खातों में ही राशि जमा कराई जाए। इसके अलावा, बैंक को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि भविष्य में सभी बड़ी लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को दी जाए।
सीएम मोहन यादव का ऐलान: रायसेन में होगा रेलवे कोच का निर्माण, 2 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार
आयकर विभाग ने पाया कि बैंक ने बड़ी रकम के लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी थी। विशेष रूप से, जब बचत खाते में 10 लाख रुपए से अधिक की नकद राशि जमा होती है, तो यह जानकारी आयकर विभाग को दी जानी चाहिए थी, जो इस मामले में नहीं की गई। नियमों का पालन न करने के कारण बैंक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कुपोषित बच्चे को हर दिन 120 रुपए में पोषण दे रही सरकार
आयकर अफसरों की टीम ने आयकर अधिनियम की धारा 133 ए के तहत बैंक में स्पॉट वेरिफिकेशन की कार्रवाई की। इस दौरान, 50 लाख रुपए से अधिक की राशि के लेन-देन की जानकारी न देने और 10 लाख रुपए से अधिक की नकद राशि से फिक्स डिपॉजिट या टाइम डिपॉजिट बनाने की जानकारी न देने में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
एमपी कैबिनेट : सरकारी जमीन पर खुलेंगे BJP ऑफिस, जबलपुर में बनेगा 100 बिस्तरों का ESICअस्पताल
आयकर अधिनियम के तहत कोआपरेटिव, सरकारी और प्राइवेट बैंकों को जानकारी देनी होती है। यदि चालू खाते में 50 लाख से अधिक या बचत खाते में 10 लाख से अधिक नकद जमा किया जाए, तो पूरी जानकारी देना जरूरी है। इसके अलावा, 10 लाख रुपये से अधिक नकद राशि से फिक्स डिपॉजिट या टाइम डिपॉजिट कराने पर भी जानकारी देना आवश्यक है।
यह जानकारी आयकर अधिनियम की धारा 285 बीए के तहत देनी होती है। इसी तरह, रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार के दफ्तर में 30 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्री की जानकारी भी आयकर विभाग को देनी होती है। कानूनी जानकारी से बचने के लिए यह सूचना दी जाती है, लेकिन कई बार बैंकों और रजिस्ट्रार दफ्तरों द्वारा इसे नहीं दिया जाता है।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
15 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का खुलासा
जबलपुर के सिहोरा में 'सोना' मिलने की खबर पर GSI का बयान- अभी भंडार की पुष्टि नहीं
बैंक के लिए निर्देश
सीएम मोहन यादव का ऐलान: रायसेन में होगा रेलवे कोच का निर्माण, 2 हजार से ज्यादा को मिलेगा रोजगार
बड़ी रकम के लेन-देन की सूचना न देना
कुपोषित बच्चे को हर दिन 120 रुपए में पोषण दे रही सरकार
3 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी समझें👉 भोपाल के महानगर नागरिक सहकारी बैंक में आयकर विभाग ने कलेक्शन एजेंट्स के खातों में वित्तीय हेरफेर की जांच के लिए सर्वे किया। इस जांच के दौरान बैंक के डेली कलेक्शन एजेंट्स द्वारा राशि को अपने व्यक्तिगत खातों में जमा कर बैंक में ट्रांसफर करने का मामला सामने आया।👉 आयकर विभाग की जांच में यह सामने आया कि 2024-25 में 15 करोड़ रुपये कलेक्शन एजेंट्स के खातों में जमा हुए थे, जिन्हें बाद में बैंक में ट्रांसफर किया गया। इसके अलावा, 2022-23 और 2023-24 में भी इसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी पाई गई। 👉 आयकर विभाग ने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिया कि भविष्य में कलेक्शन एजेंट्स के खातों में राशि जमा करने की बजाय सीधे बैंक के खातों में राशि जमा की जाए। साथ ही, सभी बड़ी लेन-देन की जानकारी आयकर विभाग को दी जाए। |
आयकर विभाग की कार्रवाई
एमपी कैबिनेट : सरकारी जमीन पर खुलेंगे BJP ऑफिस, जबलपुर में बनेगा 100 बिस्तरों का ESICअस्पताल
क्या कहते है नियम?
यह जानकारी आयकर अधिनियम की धारा 285 बीए के तहत देनी होती है। इसी तरह, रजिस्ट्रार और सब रजिस्ट्रार के दफ्तर में 30 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्री की जानकारी भी आयकर विभाग को देनी होती है। कानूनी जानकारी से बचने के लिए यह सूचना दी जाती है, लेकिन कई बार बैंकों और रजिस्ट्रार दफ्तरों द्वारा इसे नहीं दिया जाता है।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari