डालमिया सीमेंट कंपनी को जमीन देने पर भड़के किसान, सड़कों पर उतरे

मैहर के अमरपाटन में 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन निजी सीमेंट कंपनी को देने के खिलाफ किसानों ने महापंचायत की। ट्रैक्टर रैली निकालकर भूमि अधिग्रहण रोकने की मांग की गई।

author-image
Anjali Dwivedi
New Update
farmers protest Maihar

News In Short

  • मैहर के किसानों ने 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन निजी कंपनी को दिए जाने के खिलाफ महापंचायत की।

  • आज दर्जनों ट्रैक्टरों और सैकड़ों वाहनों के साथ अमरपाटन में विशाल रैली निकाली गई।

  • किसानों ने SDM को ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की चेतावनी दी।

  • महापंचायत में बिजली बिल, आवारा पशु और दूध के दामों जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरा गया।

  • किसानों ने साफ कर दिया है कि यदि अधिग्रहण नहीं रुका, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन होगा।

News In Detail

मध्य प्रदेश के मैहर जिले में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। मामला डालमिया सीमेंट कंपनी को 3600 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि 40 साल की लीज पर दिए जाने का है। इसी के विरोध में 25 फरवरी बुधवार को किसानों ने आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। भारी संख्या में जुटे किसानों ने न केवल रैली निकाली, बल्कि किसान महापंचायत कर सरकार को सीधी चेतावनी भी दी है।

उपजाऊ जमीन और 40 साल की लीज का विवाद

पूरा विवाद अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की उस 3600 एकड़ जमीन को लेकर है। जिसे प्रशासन एक निजी कंपनी को सौंपने की तैयारी में है। किसानों का तर्क है कि यह जमीन बेहद उपजाऊ है और इसे उद्योग के हवाले करना उनके भविष्य को अंधकार में धकेलना है। महापंचायत में शामिल हुए राष्ट्रीय किसान प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने दो टूक कहा कि किसानों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ट्रैक्टरों की गर्जना और गूंजते नारे

बुधवार को मैहर ढाबा बायपास से लेकर अमरपाटन मुख्य मार्ग तक का नजारा देखने लायक था। सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर, बाइक और चार पहिया वाहनों के साथ सड़कों पर उतरे। लालपुर होते हुए पुरानी कृषि उपज मंडी तक निकली इस रैली ने शहर में किसानों की ताकत का अहसास कराया। इस दौरान भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

सिर्फ जमीन ही नहीं, इन मुद्दों पर भी बरसे किसान

मंडी परिसर में दोपहर 1 बजे से 3:30 बजे तक चली इस महापंचायत में केवल जमीन की बात नहीं हुई। किसानों ने आवारा और जंगली जानवरों से फसल की बर्बादी, बिजली विभाग की मनमानी वसूली और सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। साथ ही, दूध का समर्थन मूल्य 9 रुपए प्रति फैट तय करने और बकाया भुगतान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।

ये खबरें भी पढ़ें...

भोपाल न्यू मित्र मंडल सहकारी संस्था घोटाला : EOW की जांच में करोड़ों की धोखाधड़ी और गबन उजागर

इंदौर में भागीरथपुरा दूषित पानी के बाद अब फूड पॉइजनिंग, 35 लोगों की एक साथ बिगड़ी तबीयत

इंदौर में पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह ने जो 250 करोड़ की जमीन बचाई थी, उसे लेने में जुटे भूमाफिया

इंदौर हाईकोर्ट ने BRTS रिमूवल के धीमे काम पर जताई हैरानी, कलेक्टर, निगमायुक्त को फिर बुलाया

किसान बिजली विभाग भूमि अधिग्रहण किसान महापंचायत सीमेंट कंपनी मध्य प्रदेश
Advertisment