अस्वीकृत से अ हटाकर किया 65 लाख का घोटाला, अफसरों की कारगुजारी, EOW ने दर्ज की FIR
Neel Tiwari | Dec 26, 2025, 17:36 IST
Photograph: (the sootr)
मंडला में सहकारी बैंक और साख समिति के अधिकारियों द्वारा 65 लाख रुपए का घोटाला किया गया। दस्तावेजों में हेराफेरी कर ऋण स्वीकृत किया गया। EOW ने एफआईआर दर्ज की।
Mandala. मंडला जिले में एक बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इस मामले में सहकारी बैंक और साख समिति के अधिकारियों ने मिलकर लगभग 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी की। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर (EOW) ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में केवल एक अक्षर बदलकर लाखों रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मंडला की ऋण उप समिति की 8 नवंबर 2011 को एक बैठक हुई थी। अल्प बचत साख सहकारी समिति मंडला पर पहले से 38 लाख रुपए का ओवरड्यू बकाया था। इस बकाया के कारण बैठक में उसके ऋण प्रस्ताव को अस्वीकृत किया गया था। बैठक के बाद अधिकारियों ने दस्तावेजों में हेराफेरी कर अस्वीकृत शब्द से केवल “अ” हटाकर उसे स्वीकृत बना दिया गया।
इस आदेश की आखिरी लाइन अलग से जोड़कर 65 लाख रुपए के अल्प अकृषि ऋण की लिमिट दिखा दी गई। इसके तीन दिन बाद ही 12 नवंबर 2011 को तत्कालीन महाप्रबंधक के हस्ताक्षर से ऋण स्वीकृति आदेश जारी कर दिए गए। इसके बाद इस रकम का वितरण भी कर दिया गया। अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए षड्यंत्र रचा और बैंक को 65 लाख रुपए का चूना लगा दिया।
यह खबरें भी पढ़ें...
तमिलनाडु से आया धमकी भरा मेल, जबलपुर खमरिया फैक्ट्री सहित कई अन्य वीआईपी जगहों को उड़ाने की धमकी
जबलपुर में करोड़ों का घोटाला, पूर्व DPM विजय पांडे पर आरोप, दो साल की खरीदी का रिकॉर्ड गायब
EOW ने मामले में अपराध क्रमांक 168/2025 दर्ज करते हुए गंभीर धाराओं में FIR कायम की है। जांच में सामने आया कि ऋण उप समिति की बैठक में “अस्वीकृत” निर्णय को दस्तावेजों से “अ” हटाकर “स्वीकृत” बनाया गया। बाद में 65 लाख रुपए की साख सीमा स्वीकृत दर्शा दी गई।
EOW ने नरेंद्र कोरी तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मंडला, एनएल यादव तत्कालीन स्थापना प्रभारी, अतुल दुबे तत्कालीन लेखापाल एवं पंजी फील्ड कक्ष प्रभारी,और शशि चौधरी प्रबंधक, अल्प बचत साख सहकारी समिति मंडला के खिलाफ FIR दर्ज की है।
EOW की जांच में यह भी सामने आया कि अल्प बचत साख सहकारी समिति प्रबंधक शशि चौधरी ने गैर-सदस्यों से अवैध रूप से 26 लाख रुपए वसूले। यह पूरी प्रक्रिया नियमों के खिलाफ थी। इस मामले में धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है।
यह खबरें भी पढ़ें...
जबलपुर में 50 लाख का वेतन घोटाला: जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने खुद ही बढ़ा लिया वेतन, अब होगी वसूली!
जबलपुर रिश्वत कांड : जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर की CBI को मिली रिमांड
EOW ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7(सी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। प्रकरण की विवेचना जारी है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
फर्जीवाड़े का तरीका
इस आदेश की आखिरी लाइन अलग से जोड़कर 65 लाख रुपए के अल्प अकृषि ऋण की लिमिट दिखा दी गई। इसके तीन दिन बाद ही 12 नवंबर 2011 को तत्कालीन महाप्रबंधक के हस्ताक्षर से ऋण स्वीकृति आदेश जारी कर दिए गए। इसके बाद इस रकम का वितरण भी कर दिया गया। अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए षड्यंत्र रचा और बैंक को 65 लाख रुपए का चूना लगा दिया।
यह खबरें भी पढ़ें...
तमिलनाडु से आया धमकी भरा मेल, जबलपुर खमरिया फैक्ट्री सहित कई अन्य वीआईपी जगहों को उड़ाने की धमकी
जबलपुर में करोड़ों का घोटाला, पूर्व DPM विजय पांडे पर आरोप, दो साल की खरीदी का रिकॉर्ड गायब
मंडला सहकारी बैंक में हुए घोटाले को ऐसे समझें
|
चार आरोपियों पर हुई FIR
EOW ने नरेंद्र कोरी तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मंडला, एनएल यादव तत्कालीन स्थापना प्रभारी, अतुल दुबे तत्कालीन लेखापाल एवं पंजी फील्ड कक्ष प्रभारी,और शशि चौधरी प्रबंधक, अल्प बचत साख सहकारी समिति मंडला के खिलाफ FIR दर्ज की है।
गैर सदस्यों से अवैध वसूली का भी आरोप
यह खबरें भी पढ़ें...
जबलपुर में 50 लाख का वेतन घोटाला: जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने खुद ही बढ़ा लिया वेतन, अब होगी वसूली!
जबलपुर रिश्वत कांड : जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर और इंस्पेक्टर की CBI को मिली रिमांड
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava