फॉर्म सही था, नीयत आयोग की खराब थी: नामांकन रद्द होने पर बोलीं मीनाक्षी नटराजन

Sanjay Dhiman | Jul 06, 2026, 19:10 IST
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कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की लापरवाही के दावों को झूठा बताते हुए कहा कि आयोग का फैसला गैर-कानूनी था। नटराजन ने फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है।

मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज हुआ था। उन्होंने अब चुनाव आयोग पर सीधा निशाना साधा। उनका कहना है कि नामांकन खारिज होने में कांग्रेस के किसी नेता की गलती नहीं थी। यह थ्योरी सोच-समझकर गढ़ी गई। कांग्रेस अब हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगी।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने पहली बार खुलकर इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि नामांकन निरस्त होने के पीछे किसी की लापरवाही नहीं थी। यह पूरी कहानी चुनाव आयोग को बचाने के लिए बनाई गई।

उनके मुताबिक पार्टी पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ा गया। जबकि हकीकत कुछ और है। कांग्रेस अब इस मामले को कानूनी तौर पर चुनौती देने जा रही है।

नामांकन खारिज का आधार गलत

मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि जिस आधार पर नामांकन रद्द हुआ, वह टिकता ही नहीं है। रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा था कि उनके खिलाफ लंबित मामले की जानकारी नहीं दी गई। लेकिन नामांकन फॉर्म-26 में ऐसी जानकारी भरने का कॉलम ही नहीं है।

बाद में हैदराबाद की अदालत ने भी साफ कर दिया। उस मामले में अदालत ने कोई संज्ञान लिया ही नहीं था। इससे पूरा आधार गलत साबित होता है।

मीनाक्षी ने कहा कि वह खुद कई चुनाव लड़ चुकी हैं। पार्टी के वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ वर्षों से नामांकन भरते आए हैं। ऐसी सामान्य गलती की गुंजाइश ही नहीं थी।

उन्होंने यह भी कहा कि यह कहना पूरी तरह गलत है कि वकीलों की लापरवाही से नामांकन खारिज हुआ। यह पूरी कहानी इसलिए फैलाई गई ताकि चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल न उठें। उनके मुताबिक यह एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी।

झारखंड-एमपी में अलग नियम

मीनाक्षी नटराजन ने बड़ा आरोप लगाया। एक जैसे मामलों में दो राज्यों में अलग व्यवहार हुआ। झारखंड में राज्यसभा उम्मीदवार परिमल नाथवानी को नामांकन सुधारने के लिए 24 घंटे मिले।

लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा कोई मौका नहीं दिया गया। इससे साफ पता चलता है कि चुनाव आयोग ने समान परिस्थितियों में समान नियम नहीं अपनाए। यह भेदभाव जैसा मामला दिखता है।

मीनाक्षी नटराजन का कहना है कि एक जैसी परिस्थितियों में दो अलग फैसले लेना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा सवाल बताया। उनके मुताबिक यह फर्क जानबूझकर किया गया लगता है।

हाईकोर्ट में चुनाव याचिका

कांग्रेस अब 45 दिन के भीतर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगी। पार्टी का लीगल सेल वरिष्ठ वकीलों की निगरानी में तैयारी कर रहा है। चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में भी पार्टी की तरफ से वरिष्ठ वकीलों ने पक्ष रखा था।

मीनाक्षी ने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरे मामले में निष्पक्षता नहीं दिखाई। कांग्रेस के नेता और वकील समय पर पहुंचे थे। लेकिन आयोग ने समय निकालने की रणनीति अपनाई। उनके अनुसार आयोग चाहता तो रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश बदल सकता था।

NEET पर कांग्रेस का हल्ला बोल

मीनाक्षी नटराजन ने NEET (नीट - नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पेपर लीक ने युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। कई छात्रों ने इस वजह से आत्महत्या तक कर ली।

कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे प्रदेश में उठाएगी। 14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा निकाली जाएगी। 9 अगस्त को देशभर में आंदोलन होगा।

किसानों के मुद्दों पर सवाल

मीनाक्षी नटराजन ने कृषि नीति पर भी सरकार को घेरा। अमेरिका के साथ हुए ट्रेड समझौतों और दालों के आयात से किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने मूंग उत्पादकों को राहत देने की मांग की।

साथ ही आयात नीति की समीक्षा और सोयाबीन किसानों के हितों की रक्षा की मांग रखी। उनका कहना था कि सरकार की नीतियां किसानों से ज्यादा बड़े कॉरपोरेट घरानों के हित में दिखती हैं।

मीनाक्षी ने कहा कि खेती से जुड़े फैसले लेते समय किसानों की राय नहीं ली जाती। उनके अनुसार व्यापार समझौते किसानों के हितों को नजरअंदाज करके किए जा रहे हैं। यह किसानों के साथ अन्याय जैसा है।

सीएम परिवार की जमीन पर सवाल

मीनाक्षी नटराजन ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीनों में हुई बढ़ोतरी का जिक्र किया। उन्होंने इसकी पारदर्शी जांच की मांग की। उनका कहना था कि किसान संकट झेल रहे हैं, जबकि कुछ लोगों की जमीनें लगातार बढ़ रही हैं।

दिग्विजय की यात्रा पर चुप्पी

दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या यात्रा पर मीनाक्षी ने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि यह उनका निजी कार्यक्रम है। दिग्विजय सिंह खुद इसे गैर-राजनीतिक बता चुके हैं। इसलिए इस पर राजनीतिक टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा।

FAQ

  1. मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन क्यों खारिज हुआ?
    रिटर्निंग ऑफिसर ने लंबित मामले की जानकारी न देने का हवाला दिया। मीनाक्षी का कहना है कि फॉर्म में ऐसा कॉलम ही नहीं था। हैदराबाद अदालत ने भी मामले में संज्ञान लेने से इनकार किया।
  2. कांग्रेस अब क्या कानूनी कदम उठाएगी?
    कांग्रेस 45 दिन के भीतर हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर करेगी। पार्टी का लीगल सेल वरिष्ठ वकीलों के साथ तैयारी कर रहा है। मामला पहले चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका है।
  3. NEET को लेकर कांग्रेस का अगला कार्यक्रम क्या है?
    14 और 15 जुलाई को इंदौर से भोपाल तक साइकिल यात्रा होगी। 9 अगस्त को राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस इस मुद्दे को पूरे प्रदेश में उठाएगी।
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