वर्चस्व के लिए 2 साल बाद फिर चुनाव मैदान में उतरेंगे मंत्रालय के कर्मचारी नेता, कर्मचारी संघ के नए संगठन के चुनाव की सरगर्मी बढ़ी
Pooja Kumari | Feb 05, 2024, 09:55 IST
वर्चस्व के लिए 2 साल बाद फिर चुनाव मैदान में उतरेंगे मंत्रालय के कर्मचारी नेता, कर्मचारी संघ के नए संगठन के चुनाव की सरगर्मी बढ़ी
वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुटों में बट चुके मंत्रालय के कर्मचारिओं के नए संगठन मंत्रालय सेवा अधिकारी- कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है।
BHOPAL. वर्चस्व की लड़ाई को लेकर दो गुटों में बट चुके मंत्रालय के कर्मचारिओं के नए संगठन मंत्रालय सेवा अधिकारी - कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है। 20 फरवरी को होने वाले चुनाव में मंत्रालय सेवा के अधिकारी - कर्मचारिओं के दो या तीन गुट मैदान में उतर सकते हैं, जिससे मुकाबला रोचक होता नजर आ रहा है। वहीं पुराने संगठन की मान्यता का मामला खटाई में होने की स्थिति को देखते हुए दूसरे गुट के नेता अपने पैनल को चुनाव लड़ाने की रणनीति बना रहे हैं। साल 1969 में रजिस्टर मप्र सचिवालयीन कर्मचारी संघ की मान्यता का मामला खटाई में पड़ने और कर्मचारिओं के दो खेमों में बंटने के बाद होने वाले इस चुनाव की कैम्पेनिंग को लेकर भी दोनों गुटों में गहमागहमी नजर आ रही है। पुराने संघटन की मान्यता को लेकर हुए विवाद के बाद पांच बार मंत्रालयीन कर्मचारिओं के अध्यक्ष रह चुके सुधीर नायक के खेमे द्वारा नया संगठन बनाया गया है और उनकी अगुवाई में ही खेमे के नेता चुनाव कराने की तैयारी कर रहे हैं। वल्लभ भवन के गलियारों और पार्कों में इनदिनों इसी चुनाव की चर्चा हो रही है।
अब तक मप्र मंत्रालय में कर्मचारिओं का एक ही संगठन था, लेकिन गए साल संगठन की कमान और वर्चस्व को लेकर यह संगठन दो खेमों में बंट गया था। इसके बाद दोनों गुटों के दावे के कारण संगठन की मान्यता खटाई में पड़ गई और अब भी इसका विवाद फंसा हुआ है। इस बीच संगठन के पुराने नेता और पांच बार मंत्रालय के कर्मचारिओं का नेतृत्व कर चुके सुधीर नायक का खेमा नए संगठन मंत्रालय सेवा अधिकारी- कर्मचारी संघ के नाम से रजिस्ट्रेशन कराते हुए चुनावी मैदान में उतर गया है। उधर दूसरे खेमे के नेता सुभाष वर्मा अब भी पुराने संगठन पर अपना हक जता रहे हैं और उन्हें भरोसा है उन्हें ही पुराना संघ मिलेगा।
सुधीर नायक की अगुवाई वाले नए कर्मचारी संघ में इन दिनों चुनावी हलचल जारी हैं। इस खेमे द्वारा पिछले दिनों चलाए गए सदस्यता अभियान के बाद अब चुनाव कराने की तैयारी है। इसके लिए मंत्रालयीन कर्मचारिओं की मतदाता सूची भी बन चुकी है और 20 फरवरी को मतदान की तिधि भी जारी कर दी गई है। नायक के अनुसार नए संगठन के लिए नए सिरे से चुनावी प्रक्रिया का संचालन किया जा रहा है। चुनाव कार्यक्रम भी जारी कर दिया गया है। गाइड लाइन के आधार पर चुनाव संपन्न कराने की लिए सभी कर्मचारियों का सहयोग मिल रहा है।
मंत्रालयीन सेवा के 1200 अधिकारी - कर्मचारी कार्यरत हैं। नायक का दावा है की इनमें से 1100 नए संगठन मंत्रालयीन सेवा अधिकारी - कर्मचारी संघ की सदस्यता ले चुके हैं। 20 फरवरी को 25 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए मतदान होगा। इसके लिए कर्मचारियों के दो या तीन पैनल कार्यकारिणी सदस्य के चुनाव के लिए नामांकन करने का अनुमान है। मतदान के बाद जो सदस्य कार्यकारिणी के लिए चुने जाएंगे उन्हीं के बीच से नए संघ का अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष चुना जाएगा।
अब तक मप्र मंत्रालय में कर्मचारिओं का एक ही संगठन
कर्मचारी संघ में चुनावी हलचल शुरू
दो या तीन पैनलों के बीच हो सकता है चुनावी मुकाबला
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