RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान : संघ को BJP के चश्मे से देखना बंद करें

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ को BJP के चश्मे से देखना गलत है। संघ सिर्फ एक सेवा संगठन नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक आंदोलन है जो हिंदू समाज की प्रगति के लिए काम करता है। भागवत ने यह स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य किसी से लड़ाई करना नहीं है।

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Sanjay Dhiman
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RSS CHEAF MOHAN BHAGWAT STAITMENT

Photograph: (the sootr)

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BHOPAL.राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में कोलकाता में संघ के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने संघ के उद्देश्य और कार्यों पर जोर देते हुए कहा कि संघ का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है। उनका कहना था, "संघ किसी के खिलाफ नहीं है, यह केवल हिंदू समाज की सेवा और सुरक्षा के लिए काम करता है।"

BJP के चश्मे से संघ को देखना गलत

भागवत ने यह भी कहा कि कई लोग संघ को भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यह तरीका गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया, "संघ और BJP के बीच तुलना करना बहुत बड़ी गलती है। संघ को समझने के लिए आपको इसे देखना नहीं, बल्कि अनुभव करना पड़ेगा।" 

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संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान को ऐसे समझें 

  • मोहन भागवत ने कहा कि संघ को बीजेपी के चश्मे से देखना गलत है, संघ एक सेवा संगठन है, इसे अनुभव करना चाहिए।
  • संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना है, यह किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज की प्रगति के लिए काम करता है।
  • भागवत ने कहा कि अगर आप शारीरिक व्यायाम कर रहे हैं, तो इसका मतलब हमला करना नहीं है, यह खुद को फिट रखने के लिए है।
  • संघ का गठन भारतीय समाज की सेवा के लिए किया गया था, ताकि भारत एक बार फिर से विश्वगुरु बन सके।
  • राहुल गांधी ने संघ प्रमुख पर सत्य से ज्यादा ताकत को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया, भागवत ने इसका जवाब देते हुए कहा कि संघ सत्य का पालन करता है।

संघ का उद्देश्य केवल राजनीति नहीं है

संघ के प्रमुख ने बताया कि RSS का गठन केवल एक राजनीतिक संगठन के रूप में नहीं हुआ था। इसका उद्देश्य भारतीय समाज को तैयार करना था, ताकि भारत एक बार फिर से विश्वगुरु बन सके। उन्होंने कहा, "संघ किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बना है, बल्कि इसका लक्ष्य भारत के मूल्यों और परंपराओं को बनाए रखना है।"

एक्सरसाइज का मतलब हमला नहीं होता

भागवत ने उदाहरण के रूप में 'एक्सरसाइज' को लिया। उन्होंने कहा कि अगर आप शारीरिक व्यायाम कर रहे हैं तो इसका यह मतलब नहीं कि आप किसी पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। आप केवल अपनी सेहत को बेहतर रखने के लिए यह करते हैं। उनका कहना था कि इस प्रकार की गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है। संघ का उद्देश्य कभी भी हिंसा या किसी से लड़ाई नहीं रहा।

हिंदू समाज की जिम्मेदारी

भागवत ने हिंदू समाज की जिम्मेदारी पर भी विचार किया। उन्होंने कहा, "हिंदू समाज ने हमेशा अपने देश के लिए जिम्मेदारी महसूस की है। जो लोग खुद को हिंदू मानते हैं, उनसे यह सवाल पूछा जाएगा कि उन्होंने अपने देश के लिए क्या किया है।"

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राहुल गांधी का बयान और भागवत का जवाब

राहुल गांधी ने जर्मनी में RSS प्रमुख मोहन भागवत की आलोचना करते हुए कहा था कि वह ताकत को सच से अधिक महत्वपूर्ण मानते हैं। राहुल ने कहा था, "हमारी संस्कृति सत्य पर आधारित है, लेकिन RSS के नेता ताकत को प्राथमिकता देते हैं।" इस पर भागवत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संघ का उद्देश्य सत्य को दबाना नहीं है, बल्कि यह समाज की प्रगति और सुरक्षा के लिए काम करता है।

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