मोहन कैबिनेट के फैसले: किसानों और आदिवासी परिवारों को बड़ी राहत, इन योजनाओं को मिली हरी झंडी

मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 3 फरवरी को कैबिनेट बैठक हुई। बैठक में किसानों और आदिवासी परिवारों के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। इन फैसलों से किसानों और आदिवासी परिवारों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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Amresh Kushwaha
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BHOPAL. कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने दी है। मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार की भावांतर योजना के तहत 7 लाख किसानों को 15 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। यह भुगतान किसानों को दो महीने के अंदर किया गया है।

सिंचाई परियोजना को मिली मंजूरी

मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि बाणसागर बांध परियोजना से जुड़ी दो नई योजनाओं को कैबिनेट से मंजूरी मिली है। इन योजनाओं के तहत मध्य प्रदेश अपने हिस्से के 60-65 प्रतिशत जल का उपयोग करेगा। लिफ्ट इरीगेशन योजना में प्रेशर पाइप से पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। धनवनी योजना के पहले चरण के लिए 53 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे 3300 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।

कटनी जिले के बरही क्षेत्र में सिंचाई योजना का विस्तार किया जाएगा। इस योजना पर 566 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसका फायदा करीब 11 हजार किसानों को होगा।

आदिवासी परिवारों के पट्टों की होगी निशुल्क रजिस्ट्री

मोहन कैबिनेट ने सरदार सरोवर आदिवासी बांध परियोजना से प्रभावित 25 हजार 200 परिवारों को आवासीय पट्टों की निशुल्क रजिस्ट्री करने का निर्णय लिया है। अब तक इन पट्टों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। इस फैसले से सरकार पर करीब 600 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा। यह क्षेत्र 8 हजार हेक्टेयर से अधिक में फैला हुआ है। मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र नेता प्रतिपक्ष के इलाके में भी आता है। सरकार ने बिना किसी भेदभाव के यह फैसला लिया, ताकि आदिवासी परिवारों को उनके पट्टों का अधिकार मिल सके।

कर्मचारियों का होगा विलय

राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने का फैसला लिया गया है। इसके कर्मचारियों को अब महिला एवं बाल विकास विभाग में शामिल किया जाएगा।

महाकाल लोक की तर्ज पर बना पशुपतिनाथ लोक

मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि उज्जैन में महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण किया गया है। साथ ही 30 जनवरी को पुष्प महोत्सव का भी आयोजन किया गया था। प्रदेश में फूलों की खेती से जुड़े 40 हजार किसान 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में काम कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि मालवा क्षेत्र इसमें अग्रणी है। महाकौशल और ग्वालियर-चंबल में भी योजनाबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया जा रहा है।

साल 2031 तक जारी रहेगी कई योजना

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 2003 तक प्रदेश में करीब साढ़े सात लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा थी। वहीं, अब कई नई परियोजनाओं के चलते इसका विस्तार हुआ है। इसके अलावा कई योजनाओं का विस्तार किया गया है। इनमें रोग मित्र योजना, मुख्यमंत्री जन कल्याण योजना, विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री पशु विकास योजना, जबलपुर पशु चिकित्सालय योजना और गौ संवर्धन योजना भी बढ़ाई गई हैं। किशोर कल्याण द्वितीय योजना और घरेलू हिंसा से संबंधित योजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इन योजनाओं पर कुल 15 करोड़ रुपए से अधिक का खर्च किया जाएगा।

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