मोहन सरकार में अब राजनीतिक नियुक्तियों का काउंटडाउन! दिल्ली दौरे से तेज हुई सरगर्मी

मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के दो साल बाद राजनीतिक नियुक्तियों की संभावना बढ़ गई है। उनका दिल्ली दौरा इस दिशा में अहम माना जा रहा है, जहां वरिष्ठों से नियुक्तियों पर चर्चा हो सकती है।

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BHOPAL.मोहन यादव को मुख्यमंत्री बने दो साल से ज्यादा हो गए हैं। अब सियासी हलकों में साफ संकेत मिल रहे हैं कि वे अपनी “कोर टीम” तैयार करने के लिए जल्द ही निगम-मंडलों और स्थानीय निकायों में राजनीतिक नियुक्तियों पर बड़ा फैसला ले सकते हैं। गुरुवार-शुक्रवार का उनका दिल्ली दौरा इसी कवायद का अहम हिस्सा माना जा रहा है। चर्चा है कि हाईकमान से इसी मुद्दे पर मंथन होगा।

प्रदेश में सरकार बने महीनों गुजर गए, लेकिन अब तक कोई बड़ी राजनीतिक नियुक्ति नहीं हुई। ऐसे में संगठन और सरकार में जगह का इंतजार कर रहे नेताओं की धड़कनें तेज हैं।

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क्यों अहम है यह नियुक्तियां?

  • सरकार बनने के बाद पहली बड़ी राजनीतिक एडजस्टमेंट।
  • कई वरिष्ठ नेता अब तक बिना जिम्मेदारी के।
  • जिलों में संगठन लगभग तैयार, लेकिन कई चेहरे बाहर।
  • सीएम मोहन यादव “अपनी टीम” बनाने के मूड में।

दिल्ली दौरे के मायने

  • विधायक दल की बैठक के बाद दिल्ली रवाना।
  • शीर्ष नेताओं से मुलाकात की संभावना।
  • राजनीतिक नियुक्तियों पर फाइनल फॉर्मूला तय होने के संकेत।

किस आधार पर हो सकता है फैसला?

  • चुनाव हार चुके पूर्व विधायकों को मौका।
  • कुछ पूर्व मंत्रियों की वापसी।
  • संगठन से पैनल लेकर नाम तय।
  • क्षेत्रीय संतुलन: मालवा-निमाड़, महाकौशल, बुंदेलखंड, ग्वालियर-चंबल।
  • नगर निगम/नगर पालिका में एल्डरमैन नियुक्ति के जरिए जिलों में टीम मजबूत।

किस खेमे को कितना प्रतिनिधित्व?

  • पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान समर्थकों को सीमित मौका मिलने की चर्चा।
  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे को बेहतर प्रतिनिधित्व मिलने की अटकलें।

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इन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा

(आधिकारिक पुष्टि शेष, ये सियासी चर्चाएं हैं)

  1. डॉ. प्रभुराम चौधरी
  2. महेंद्र सिंह सिसौदिया
  3. इमरती देवी
  4. आलोक संजर
  5. गिर्राज डण्डोतिया
  6. अशोक रोहाणी
  7. सुदर्शन गुप्ता
  8. जसवंत सिंह हाड़ा
  9. प्रदीप लारिया
  10. पुष्पेंद्र नाथ पाठक
  11. ध्रुवनारायण सिंह
  12. शरद जैन
  13. शैलेन्द्र जैन
  14. लोकेन्द्र पाराशर
  15. सुश्री राजो मालवीय
  16. सदानंद गौतम
  17. अर्चना सिंह
  18. जाहर सिंह
  19. शशांक श्रीवास्तव
  20. नंदिता पाठक
  21. नरेंद्र त्रिपाठी
  22. अभिलाषा पांडे
  23. राजेंद्र पांडे
  24. रमेश भटेरे
  25. मनीषा सिंह
  26. अभिलाष मिश्रा
  27. आदित्य बबला शुक्ला
  28. दीपांकर बनर्जी
  29. अलकेश आर्य
  30. विकास वीरानी
  31. शैलेन्द्र डागा
  32. संगीता सोनी
  33. जयदीप पटेल

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क्या आगे होगा?

  • कभी भी आ सकती है सूची।
  • निगम-मंडल, प्राधिकरण और एल्डरमैन पदों पर बड़ी नियुक्तियां।
  • साफ संकेत मोहन यादव अब संगठन और सरकार के बीच संतुलन बैठाकर अपनी सियासी टीम मजबूत करने की तैयारी में हैं।

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कार्यकर्ताओं को मिलेगी जिम्मेदारी

पार्टी के संगठन में प्रदेश की कार्यसमिति के साथ मोर्चों और प्रकोष्ठों की कार्यसमितियां बन रही हैं और सरकार में निगम-मंडलों में भी नियुक्तियों की तैयारी चल रही हैं। हर कार्यकर्ता को कोई न कोई जिम्मेदारी मिले, यह पार्टी की चिंता है। किन कार्यकर्ताओं को संगठन में लेना है और किनको निगम-मंडल में यह फैसला लिया जाना है। 

-हेमंत खंडेलवाल, अध्यक्ष मध्यप्रदेश भाजपा

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