5 हजार किसान परिवारों की जमीन छीन रही सरकार, किसानों ने दी प्रदर्शन की चेतावनी

Ratan Kumar Mishra | Jul 18, 2026, 19:34 IST
Share
5000 किसान परिवारों की जमीन छीन रही सरकार
5000 किसान परिवारों की जमीन छीन रही सरकार

मुरैना के सबलगढ़ में सरकार औद्योगिक कॉरिडोर बना रही है। इसके लिए 5000 किसानों की 2000 हेक्टेयर जमीन छीन रही है। 15 पंचायतों के 40 गांवों की जमीन का सीमांकन लगभग पूरा हो चुका है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मुरैना के सबलगढ़ में औद्योगिक कॉरिडोर प्रस्तावित है।
  • परियोजना के लिए 5000 किसानों की जमीन ली जा रही है।
  • करीब 2000 हेक्टेयर जमीन का सीमांकन पूरा हुआ है।
  • किसान 21 जुलाई को तहसील पर प्रदर्शन करेंगे।
  • किसानों ने चंबल नदी प्रदूषण की आशंका जताई है।

सबलगढ़ में औद्योगिक कॉरिडोर

मुरैना के सबलगढ़ क्षेत्र में सरकार औद्योगिक कॉरिडोर (Industrial Corridor ) बनाने जा रही है। इसके लिए किसानों की जमीनों को लिया जा रहा है। जमीन का सीमांकन कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं इस मामले को लेकर किसानों ने 21 जुलाई को सबलगढ़ की तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान किया है।

किसानों का कहना है कि सरकार पहले से तय औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग नहीं लगा पाई है। कैलारस के कुटरावली और बानमोर क्षेत्र इसका उदाहरण हैं। इसके बावजूद नया औद्योगिक क्षेत्र चंबल नदी के बीहड़ों में बनाया जा रहा है। किसानों का आरोप है कि इससे नदी का पानी दूषित होगा। साथ ही उनकी कृषि भूमि भी प्रभावित होगी।

morena-farmers-protest-land
morena-farmers-protest-land


5 हजार किसान प्रभावित होंगे

सबलगढ़ क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र बनाने की तैयारी है। इसके लिए अटार गांव से निवाड़ी गांव तक जमीन ली जाएगी। सरकार 15 पंचायतों की जमीन उद्योग विभाग को सौंपेगी। इस योजना से करीब 5 हजार किसान प्रभावित होंगे। लगभग 2000 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए 40 गांवों की जमीन ली जाएगी।

morena-farmers-protest-land
morena-farmers-protest-land


इन गांव की जमीनों को ले रही सरकार

सबलगढ़ क्षेत्र के कई गांवों की जमीन ली जाएगी। इनमें अटार, बावड़ी, जावरोल, जाटोली और पचेर गांव शामिल हैं। नदवाना, घुर्र, गोंदोली और बावड़ीपुरा गांव भी प्रभावित होंगे।

सहजापुरा, गडुला, बथर खुर्द और कैमारा गांव भी सूची में हैं। रायडी, राधेन, टापरा, कैमरा कलां और बरोठा गांव भी शामिल हैं। प्रहलारा, काछिदा, मार का पुरा और निवाड़ी गांवों की जमीन भी ली जाएगी। इन गांवों का सीमांकन करके सीमा चिन्ह अंकित कर दिए गए हैं।

केवल दो-तीन पंचायतें बची हैं जिनमें सीमांकन का कार्य होना शेष है। इन 15 पंचायतों के अधीन आने वाले छोटे बड़े मिलाकर कोई 40 गांवों के किसान प्रभावित हो रहे हैं।

morena-farmers-protest-land
morena-farmers-protest-land


किसान अब फसल नहीं उगा सकेंगे

सबलगढ़ क्षेत्र के किसान पीढ़ियों से इन जमीनों पर खेती कर रहे हैं। इनमें कई किसानों के पास निजी स्वामित्व की भूमि है। कुछ किसानों को जमीन के शासकीय पट्टे मिले हैं। इन गांवों में जमीन का सीमांकन पूरा हो चुका है। सीमांकन वाली जमीनों पर किसान अब फसल नहीं उगा सकेंगे।

चंबल नदी की सुरक्षा पर सवाल उठाए

सरकार की इस योजना का किसान विरोध कर रहे हैं। किसान नेताओं ने चंबल नदी की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चंबल देश की स्वच्छ नदियों में शामिल है। नदी में डॉल्फिन, बाटागुर कछुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ पाए जाते हैं।

किसान नेताओं के अनुसार औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी नदी में पहुंचेगा। इससे जलीय जीवों को नुकसान हो सकता है। उनका कहना है कि नदी किनारे उद्योग स्थापित करना उचित नहीं है। जिस जमीन को लिया जा रहा है वह चंबल नदी से एक किलोमीटर दूर है।

पुराने औद्योगिक क्षेत्र खाली

मुरैना की कुटरावली औद्योगिक क्षेत्र में कम इकाइयां हैं। यहां चार-पांच छोटी औद्योगिक इकाइयां ही संचालित हैं। बानमोर के सीतापुर औद्योगिक क्षेत्र में भी कम इकाइयां हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार को पहले इन क्षेत्रों को विकसित करना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने चंबल नदी किनारे नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने का फैसला लिया है।

कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

वहीं सबलगढ़ की एसडीम मेघा तिवारी ने कहा है कि औद्योगिक क्षेत्र के लिए बीहड़ की जमीन को लिया जा रहा है। वह जमीन शासकीय भूमि है। किसानों की आपत्ति स्वाभाविक है, लेकिन सरकार की योजना भी जरूरी है। जहां रहा चंबल नदी के दूषित होने का सवाल है उसमें इकाइयों की स्थापना नियम अनुसार ही की जाएगी।

दो बार दे चुके ज्ञापन

मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार तिवारी ने बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि किसान नेताओं ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि किसानों की जमीन प्रभावित होगी। साथ ही चंबल नदी की स्वच्छता पर खतरा बढ़ेगा। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम दो बार ज्ञापन दिया है।

ये भी पढ़ें...

MP के सागर में बंजर जमीन से निकल रहे रत्न, किसानों की खुली किस्मत

NHFS Report 2026: एमपी मैरिटल वायलेंस के आकड़ों में सुधार पर जमीनी हकीकत डरावनी

एमपी में प्रॉपर्टी और जलकर का होगा सर्वे: सरकार घर-घर जाकर लेगी हिसाब

नीति आयोग की नई रिपोर्ट: इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में एमपी सातवें नंबर पर

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • सबलगढ़
  • मुरैना
  • चंबल नदी
  • Industrial Corridor
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज