MP की आंगनबाड़ियों में राशन सप्लाई की बदली व्यवस्था, अब किसके हाथ होगी 1200 करोड़ की कमान?
Ramanand Tiwari | Jul 14, 2026, 20:15 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. आंगनबाड़ी के टेक होम राशन की पूरी व्यवस्था बदलेगी। सरकार गुणवत्ता सुधार की बात कर रही है, लेकिन महिला स्व-सहायता समूहों के भविष्य, रोजगार और नई सप्लाई व्यवस्था को लेकर कई बड़े सवाल भी खड़े हो गए हैं।
ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...
- कैबिनेट ने टेक होम राशन की व्यवस्था बदलने को मंजूरी दी।
- अब जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग के पास।
- राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की भूमिका खत्म होगी।
- सालाना करीब 1200 करोड़ रुपए की योजना।
- महिला समूहों के रोजगार और प्लांटों के भविष्य पर सवाल।
- सरकार का दावा- गुणवत्ता और सप्लाई दोनों सुधरेंगे।
अब तक यह काम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एसआरएलएम) के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों के जरिए होता था, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी सीधे महिला एवं बाल विकास विभाग संभालेगा।
सरकार इसे गुणवत्ता सुधार और बेहतर सप्लाई सिस्टम की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, जबकि दूसरी ओर महिला समूहों के भविष्य और रोजगार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
क्या बदला और क्यों बदला?
सरकार का तर्क है कि नई व्यवस्था से गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत होगा, तय मानकों के अनुसार पैकेजिंग होगी और आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर राशन पहुंचाया जा सकेगा।
mp Anganwadi ration supply
अब एमपी एग्रो के प्लांट होंगे अहम
इन प्लांटों पर सरकार पहले ही करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है। अब इन्हीं संसाधनों का उपयोग नई व्यवस्था में किए जाने की तैयारी है।
समूहों के सामने सबसे बड़ा सवाल
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि संचालन का तरीका बदलता है तो इन महिलाओं और उनके फेडरेशन की भूमिका क्या होगी। अभी इस पर सरकार की ओर से विस्तृत रोडमैप सामने नहीं आया है।
सरकार ने बदलाव की वजह भी बताई
दो-दो महीने की देरी से सप्लाई होने के कारण पूरी वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। इसके साथ ही सप्लाई चेन कमजोर होने और हर साल करोड़ों रुपए के नुकसान का भी हवाला दिया गया।
पुरानी व्यवस्था पर उठ चुके हैं सवाल
अदालत ने कहा था कि बड़े निजी ठेकेदारों और औद्योगिक घरानों के बजाय स्थानीय स्तर पर व्यवस्था विकसित की जाए। इसके बाद अलग-अलग सरकारों में कई बार जिम्मेदारी बदली गई।
सीएजी रिपोर्ट ने भी बढ़ाई थी चिंता
रिपोर्ट में करोड़ों रुपए की वित्तीय गड़बड़ियां, कागजों पर राशन वितरण, फर्जी भुगतान और अपात्र हितग्राहियों के मामले सामने आने का दावा किया गया था। इन खुलासों के बाद व्यवस्था में सुधार की मांग लगातार उठ रही थी।
टेक होम राशन: बार-बार बदली जिम्मेदारी
- 2018 से पहले : एमपी एग्रो और निजी ठेकेदारों के जरिए व्यवस्था।
- 2018 : हाईकोर्ट के निर्देश के बाद स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदारी।
- 2020 : व्यवस्था फिर बदली और काम एमपी एग्रो को मिला।
- 2022 : जिम्मेदारी दोबारा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को दी गई।
- 2026 : अब महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरी जिम्मेदारी।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
क्या नई व्यवस्था वास्तव में उन खामियों को दूर कर पाएगी, जिनका हवाला देकर यह बदलाव किया गया है। यानी टेक होम राशन की जिम्मेदारी बदल गई है, लेकिन असली परीक्षा अब नई व्यवस्था के धरातल पर सफल क्रियान्वयन की होगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
टेक होम राशन में सुधार, GST में बड़ी राहत समेत मोहन कैबिनेट में लिए गए बड़े फैसले
CA से 21 करोड़ की ठगी: फ्रॉड केस लड़ने वाले वकील को कैसे ठगा, जानें पूरी कहानी
MP में 11 अतिरिक्त एसपी के तबादले, गृह विभाग ने जारी किए आदेश
एमपी की 96 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एरियर पर संकट, जानें क्या है मामला
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava