17 दिसंबर को हो सकता है एमपी विधानसभा का विशेष सत्र, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर होगी चर्चा

Sandeep Kumar | Dec 06, 2025, 15:56 IST
Share
mp-assembly-special-session
Photograph: (thesootr)

एमपी सरकार 17 दिसंबर को एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुला सकती है। इस सत्र में आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के लिए योजना बनाई जाएगी। सरकार रेवेन्यू और रोजगार बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है।

BHOPAL. आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर चर्चा करने सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुला सकती है। 17 दिसंबर को एक दिन के विशेष सत्र में सभी विधायक सामूहिक रूप से आत्मनिर्भर मप्र और विकसित मप्र का खाका खींचेंगे। इस सत्र में सरकार रेवेन्यू और रोजगार बढ़ाने पर भी चर्चा कर सकती है।

अलग से जारी नहीं होगी अधिसूचना

बता दें कि इस सत्र के लिए अलग से अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। दरअसल 1-5 दिसंबर तक आयोजित शीतकालीन विधानसभा सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया है। इसलिए विशेष सत्र में विधायकों को सीधे ही बुलाया जा सकेगा।

ये भी पढ़ें...एमपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन, गूंजेगा लाखों पेड़ों की कटाई का मामला, उठेगा RGPV घोटाले का मुद्दा

चलिए जानते हैं क्या होता है विधानसभा विशेष सत्र

विधानसभा का विशेष सत्र नियमित सत्रों के अलावा बुलाया जाता है। यह सरकार द्वारा असाधारण सत्र होता है। हालांकि भारतीय संविधान में "विशेष सत्र" शब्द का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। अनुच्छेद 174(1) के तहत राज्यपाल को सत्र बुलाने का अधिकार है।

ये भी पढ़ें...बंदर बनकर एमपी विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक, विधायक ने ऐसा क्यों किया, जानें यहां

बुलाने की प्रक्रिया

सत्र बुलाने का निर्णय कैबिनेट या संसदीय समिति लेती है। राज्यपाल इसे औपचारिक रूप से मंजूरी देते हैं। सभी सदस्यों को तारीख, समय और स्थान की सूचना दी जाती है। दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक अंतर नहीं हो सकता।

ये भी पढ़ें...एमपी विधानसभा में नगरपालिका संशोधन पारित, राइट टू रिकॉल और सीधी चुनाव प्रणाली पर गरमाई सियासत

एमपी विधानसभा का विशेष सत्र...

👉 मध्यप्रदेश सरकार 17 दिसंबर को एक दिन का विशेष सत्र आयोजित कर सकती है। इसमें विधायक आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश पर चर्चा करेंगे। सत्र में रेवेन्यू और रोजगार बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

👉इस सत्र के लिए अलग से अधिसूचना जारी नहीं होगी। 1-5 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र स्थगित किया गया था। इसलिए विशेष सत्र में विधायकों को सीधे बुलाया जाएगा।

👉विधानसभा का विशेष सत्र नियमित सत्रों के अलावा असाधारण स्थितियों में बुलाया जाता है। भारतीय संविधान में "विशेष सत्र" का उल्लेख नहीं है। अनुच्छेद 174(1) के तहत राज्यपाल को सत्र बुलाने का अधिकार है।

👉सत्र बुलाने का निर्णय कैबिनेट या संसदीय समिति लेती है। राज्यपाल इसे औपचारिक रूप से मंजूरी देते हैं। सभी विधायकों को तारीख, समय और स्थान की सूचना दी जाती है। दो सत्रों के बीच छह माह से अधिक का अंतर नहीं हो सकता।

👉इस सत्र में प्रश्नकाल या शून्यकाल सीमित हो सकते हैं। यह महत्वपूर्ण विधेयकों या आपातकालीन मुद्दों पर केंद्रित होता है। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में यह संकटपूर्ण परिस्थितियों या महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के लिए आयोजित होता है।

विशेषताएं और उद्देश्य

विशेष सत्र में प्रश्नकाल या शून्यकाल सीमित हो सकते हैं। यह महत्वपूर्ण विधेयकों या आपात मुद्दों पर केंद्रित होता है। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में यह विधायी कार्यों या संकटपूर्ण परिस्थितियों के लिए आयोजित किया जाता है।

ये भी पढ़ें...MP में फिर बजा चुनावी बिगुल, निकाय और पंचायतों के उपचुनाव की वोटिंग डेट फिक्स

कब-कब बुलाया गया विशेष सत्र

  1. 27 जुलाई 2012: दो बर्खास्त विधायकों की बहाली के लिए विशेष सत्र बुलाया गया। राज्यपाल राम नरेश यादव की सहमति के बाद आयोजित किया गया।​
  2. 16-17 जनवरी 2020: शीतकालीन सत्र के दौरान अनुसूचित जाति-जनजाति आरक्षण को 10 वर्ष बढ़ाने के संकल्प के लिए दो विशेष बैठकें। पहले दिन श्रद्धांजलि, दूसरे दिन संकल्प पारित किया।​




Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • शीतकालीन सत्र
  • एमपी विधानसभा
  • एमपी विधानसभा का विशेष सत्र
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच