MP में जेन-जी के लिए बंपर जॉब्स: सरकार लाएगी 1 लाख नौकरियां, पेपर लीक पर लगेगी रोक

Manya Jain | Jul 27, 2026, 17:00 IST
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mp bharti rules 2026 cm mohan yadav
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पेपर लीक विवादों के बीच एमपी सरकार GenZ युवाओं के लिए 1 लाख नौकरियां लाएगी। भर्ती प्रक्रिया में सुधार होगा। 'द सूत्र' को मिली जानकारी के अनुसार परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाएगा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मध्यप्रदेश सरकार अगले दो साल में करीब एक लाख सरकारी पदों पर भर्ती करेगी।
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने यह फैसला लिया है।
  • हर विभाग का सालाना भर्ती कैलेंडर बनेगा।
  • पेपर लीक और नकल रोकने के लिए नया कानून आएगा।
  • भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया जाएगा।
देश भर में बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दों के बीच मध्यप्रदेश सरकार ने GenZ के लिए एक लाख नौकरी लाने की तैयारी कर ली है। प्रदेश में लाखों युवा हर साल सरकारी नौकरी का इंतजार करते हैं। पिछले कुछ सालों में परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक की खबरें भी सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने भर्ती व्यवस्था में भी बड़े बदलाव का फैसला लिया है। Thesootr को मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा प्लान अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।

दो साल, एक लाख पद

सरकार पदोन्नति से खाली हुए पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरेगी। हर विभाग अपना वार्षिक भर्ती कैलेंडर बनाएगा। सभी भर्ती एजेंसियों के जरिए तय समय में चयन प्रक्रिया पूरी होगी। इससे अभ्यर्थियों को पहले से पता रहेगा कि कब कौन सी भर्ती आएगी।

सख्त कानून बनेगा

पेपर लीक, सॉल्वर गैंग और डिजिटल नकल पर रोक लगाने के लिए सरकार नया कानून लाएगी। द सूत्र को मिली जानकारी के अनुसार इसका नाम सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) कानून होगा। इसमें प्रतिरूपण यानी इम्पर्सोनेशन (Impersonation) और संगठित परीक्षा अपराधों पर कठोर सजा तय होगी। दोषियों पर आर्थिक दंड लगेगा और संपत्ति भी कुर्क हो सकती है। जांच और मुकदमा भी तेजी से पूरा किया जाएगा।

साल में एक ही परीक्षा

समान योग्यता वाले पदों के लिए अब बार-बार परीक्षा नहीं देनी होगी। साल में एक संयुक्त परीक्षा होगी। इसी के अंकों के आधार पर अलग-अलग विभागों में भर्ती होगी। इससे अभ्यर्थियों का समय और पैसा दोनों बचेगा।

मध्यप्रदेश विशेष खंड जरूरी

सामान्य ज्ञान वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अब मध्यप्रदेश विशेष नाम का खंड अनिवार्य होगा। इसमें न्यूनतम अंक लाना जरूरी होगा। यह खंड राज्य के इतिहास, संस्कृति, भूगोल और प्रशासन से जुड़ा होगा। इसका मकसद अभ्यर्थियों को प्रदेश की समझ बढ़ाना है।

पढ़ाई का स्रोत होगा तय

सामान्य ज्ञान के सवाल एनसीईआरटी (NCERT – National Council of Educational Research and Training), मध्यप्रदेश बोर्ड की किताबों और सरकारी वेबसाइटों पर आधारित होंगे। इससे अभ्यर्थियों को यह उलझन नहीं रहेगी कि पढ़ाई किस किताब से करें।

गलत सवालों पर लगेगी रोक

प्रश्नपत्र बनाने में अब कई स्तर पर विशेषज्ञों की समीक्षा होगी। हर सवाल का पहले पूर्व परीक्षण होगा। परीक्षा के बाद ऑनलाइन आपत्ति भी मांगी जाएगी। तय समय में संशोधित उत्तर कुंजी जारी होगी। इससे विवादित सवालों की शिकायतें कम होंगी।

भर्ती के लिए खास मोबाइल ऐप

सभी भर्ती बोर्ड और आयोगों की सेवाएं एक ही मोबाइल ऐप पर मिलेंगी। इसमें वन टाइम रजिस्ट्रेशन यानी ओटीआर (OTR – One Time Registration), आवेदन, दस्तावेज अपलोड और प्रवेश पत्र जैसी सुविधाएं होंगी। परीक्षा केंद्र की जानकारी और लाइव नोटिफिकेशन भी ऐप में मिलेगी। परिणाम और शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उसी ऐप में रहेगी।

तैयारी के लिए मिलेगा समय

अगर किसी भर्ती के नियम या पाठ्यक्रम में बदलाव होता है, तो अभ्यर्थियों को कम से कम पांच महीने का समय मिलेगा। इससे सभी को तैयारी का बराबर मौका मिलेगा। हर परीक्षा से पहले सिलेबस, अंक वितरण और मॉडल प्रश्नपत्र भी सार्वजनिक किए जाएंगे। इसके साथ मुफ्त मॉक टेस्ट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

सुरक्षा में हाईटेक तरीका

परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी सरकारी सुरक्षा एजेंसियां करेंगी। इसमें डिजिटल एन्क्रिप्शन, सीसीटीवी और बायोमेट्रिक सत्यापन शामिल होगा। संदिग्ध गतिविधि पकड़ने के लिए एआई (AI – Artificial Intelligence) आधारित तकनीक का भी इस्तेमाल होगा।

शिकायत का रहेगा हल

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए स्वतंत्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनेगा। अभ्यर्थी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उसकी स्थिति भी ट्रैक कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर मामलों की स्वतंत्र जांच भी होगी। सामान्य ज्ञान का आधिकारिक प्रश्न बैंक भी पहले से प्रकाशित किया जाएगा, जिससे पढ़ाई की दिशा साफ रहेगी।

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