एमपी में बीएलओ-सुपरवाइजर के मानदेय का इंतजार बढ़ा, जानें कब से मिलेगा
Sandeep Kumar | Jul 02, 2026, 16:48 IST
बीएलओ सुपरवाइजर के मानदेय का इंतजार बढ़ा
मध्य प्रदेश में बीएलओ और सुपरवाइजर का मानदेय बढ़ा दिया गया है, लेकिन भुगतान अप्रैल 2027 से शुरू होगा। नई दरों पर भुगतान चार किस्तों में किया जाएगा। मानदेय एक साल पहले ही बढ़ाया गया था।
समझें क्या है पूरा मामला...
- चुनाव आयोग ने 24 जुलाई 2025 को मानदेय बढ़ाया।
- राज्य सरकार ने 25 मई 2026 को मंजूरी दी।
- नई दरें 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगी।
- बीएलओ मानदेय छह हजार से बारह हजार हुआ।
- सुपरवाइजर मानदेय बारह हजार से अठारह हजार हुआ।
बीएलओ मानदेय भुगतान
बीएलओ चुनावी व्यवस्था की बुनियादी कड़ी होते हैं। वे मतदाता सूची का नियमित सत्यापन करते हैं। वे नए मतदाताओं के आवेदन भी जांचते हैं। नाम सुधार और विलोपन भी उनसे जुड़ा रहता है। इसलिए मानदेय वृद्धि महत्वपूर्ण राहत मानी गई थी।
मानदेय वृद्धि का फैसला
विभाग ने 25 मई 2026 को स्वीकृति प्रदान की। इससे मध्यप्रदेश बीएलओ मानदेय (Madhya Pradesh BLO Honorarium) का रास्ता खुला। फिर भी तत्काल भुगतान की अनुमति नहीं मिली। वित्तीय व्यवस्था अगले चरण के लिए रखी गई। इसी कारण नई दरें बाद में लागू होंगी।
आदेश में क्या कहा गया
मानदेय कितना बढ़ा
खर्च कौन उठाएगा
FAQ
- बीएलओ का मानदेय कितना बढ़ाया गया है?
बीएलओ का सालाना मानदेय 6 हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया गया है। सुपरवाइजर का मानदेय 12 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपए हुआ है। यह फैसला निर्वाचन आयोग ने लिया है। - बढ़ा हुआ मानदेय कब से मिलेगा?
बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2027 से मिलना शुरू होगा। तब तक पुरानी दरों पर ही भुगतान होगा। यह जानकारी सीईओ कार्यालय ने दी है। - मानदेय का खर्च कौन उठाएगा?
इस खर्च को केंद्र और राज्य सरकार 50:50 के अनुपात में साझा करेंगी। पैसा निर्वाचन नामावली के बजट से दिया जाएगा। भुगतान साल में चार किस्तों में होगा।
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