एमपी का पहला गाली मुक्त गांव, भूलकर भी दी गाली तो पूरे गांव में लगानी पड़ेगी झाड़ू
Aman Vaishnav | Apr 09, 2026, 14:59 IST
mp burhanpur borsar village gali dena mana hai
एमपी के बुरहानपुर जिले का बोरसर गांव आजकल खूब सुर्खियां बटोर रहा है। यहां की पंचायत ने गांव को पूरी तरह गाली-मुक्त बनाने का फैसला किया है। यहां गाली देने पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन लिया जाता है।
अक्सर हम गांवों में विकास के नाम पर नई सड़कें, स्कूल या डिजिटल बदलावों की खबरें सुनते रहते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक गांव ने तो चर्चा बटोरने का बिल्कुल ही अतरंगी रास्ता चुन लिया है।
ये गांव इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी किसी सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक अनोखे नियम के कारण वायरल हो रहा है। कई लोग तो इस नियम को सिर्फ मजाक समझ रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे एक अनोखी पहल कह रहे हैं।
इस नियम की सबसे मजेदार और खास बात यह है कि, अगर किसी ने गलती से भी इस नियम को तोड़ा तो ऑन-द-स्पॉट एक्शन लिया जाता है। ताज्जुब की बात तो यह है कि इस एक नियम की निगरानी के लिए गांव ने 20 जांबाज लोगों की एक स्पेशल टीम बनाई है।
आखिर क्या है यह नियम जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है? आइए इस दिलचस्प अनोखी कहानीको विस्तार से जानते हैं।
प्रदेश का पहला
मध्यप्रदेश में बुरहानपुर का बोरसर गांव इन दिनों अपनी अनोखी सोच और कड़े नियमों के कारण सुर्खियों में है। इस गांव को अब गाली-मुक्त गांव के नाम से जाना जा रहा है।
यदि किसी ने यहां मां-बहन की गाली दी, तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। अगर वह जुर्माना नहीं देता, तो उसे गांव की सफाई करनी होगी।
गांव में एंट्री करते ही जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं। इनमें साफ-साफ लिखा है कि गाली देना मना है। अगर कोई अपशब्द बोलते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। उसे एक घंटे तक सफाई भी करनी पड़ सकती है।
पंचायत का कहना है कि ये नियम सभी पर लागू होंगे, चाहे वह आम ग्रामीण हो या कोई बड़ा आदमी। अगर किसी ने नियम तोड़ा, तो उस पर कार्रवाई होगी।
![9e62efe6-4b8]()
जानकारी के अनुसार गांव के लोगों का कहना है कि, छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौज अक्सर बड़े झगड़ों का कारण बन जाती थी। इससे परिवारों और पड़ोसियों के रिश्तों में तनाव पैदा हो रहा था। खासकर बच्चों पर इसका बहुत बुरा असर पड़ रहा था। वे भी बड़ों की भाषा देखकर गालियां देने लगे थे।
गांव की इस समस्या को देखते हुए गांव के मूल निवासी और मुंबई के अभिनेता व समाजसेवी अश्विन पाटिल ने पंचायत के सामने एक सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि अगर गांव की भाषा सुधर जाएगी तो माहौल भी बेहतर हो जाएगा। पंचायत ने इस बात को गंभीरता से लिया और सभी की सहमति से इसे लागू कर दिया।
गांव में इस नियम को सिर्फ कागजों तक ही सीमित नहीं रखा गया है। इसे लागू करने के लिए पंचायत ने 20 पंचों और युवाओं की एक स्पेशल टीम बनाई है। यह टीम पूरे गांव में नजर रखती है। अगर कोई नियम तोड़ता है, तो उसे तुरंत रोका जाता है और पंचायत को जानकारी दी जाती है।
गांव के युवाओं ने इस अभियान को पूरी जिम्मेदारी से अपनाया है। लोग मजाक में इसे गाली पकड़ो स्पेशल फोर्स भी कहने लगे हैं।
इस पहल का सबसे अच्छा असर बच्चों पर पड़ा है। गांव वाले कहते हैं कि पहले बच्चे खेलते-खेलते गालियां दे देते थे। अब उनकी भाषा में बदलाव आ गया है।
बोरसर गांव सिर्फ गाली-मुक्त अभियान तक ही सीमित नहीं है। यहां बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी भी शुरू की गई है ताकि वे पढ़ाई में ज्यादा ध्यान दें। युवाओं को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए गांव में फ्री वाई-फाई कनेक्शन भी लगाए गए हैं।
इसके अलावा गांव में एक सेवाभाव कक्ष भी शुरू किया गया है जहां जरूरतमंद लोगों को मुफ्त जरूरी सामान दिया जाता है। समाजसेवी और दानदाता भी इसमें मदद कर रहे हैं। इससे गांव में सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है।
![19a7be1c-dab]()
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी न्यूज: अतीक अहमद मरा है गैंग नहीं, एमपी के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी, 10 लाख मांगे
राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसी साजिश अब धार में: पत्नी ने दी पति की सुपारी, लूट के बहाने ले ली जान!
मध्यप्रदेश न्यूज: फर्जी सिम कार्ड के खेल में एमपी-सीजी सबसे आगे, ऑपरेशन फेस से हुआ खुलासा
एक कमरे में रहकर भी दूर हो रहे पति-पत्नी, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे तलाक के मामले
ये गांव इन दिनों सोशल मीडिया पर अपनी किसी सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक अनोखे नियम के कारण वायरल हो रहा है। कई लोग तो इस नियम को सिर्फ मजाक समझ रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे एक अनोखी पहल कह रहे हैं।
इस नियम की सबसे मजेदार और खास बात यह है कि, अगर किसी ने गलती से भी इस नियम को तोड़ा तो ऑन-द-स्पॉट एक्शन लिया जाता है। ताज्जुब की बात तो यह है कि इस एक नियम की निगरानी के लिए गांव ने 20 जांबाज लोगों की एक स्पेशल टीम बनाई है।
आखिर क्या है यह नियम जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है? आइए इस दिलचस्प अनोखी कहानीको विस्तार से जानते हैं।
प्रदेश का पहला गाली मुक्त गांव
यदि किसी ने यहां मां-बहन की गाली दी, तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। अगर वह जुर्माना नहीं देता, तो उसे गांव की सफाई करनी होगी।
गांव में एंट्री करते ही जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगे हुए हैं। इनमें साफ-साफ लिखा है कि गाली देना मना है। अगर कोई अपशब्द बोलते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगेगा। उसे एक घंटे तक सफाई भी करनी पड़ सकती है।
पंचायत का कहना है कि ये नियम सभी पर लागू होंगे, चाहे वह आम ग्रामीण हो या कोई बड़ा आदमी। अगर किसी ने नियम तोड़ा, तो उस पर कार्रवाई होगी।
9e62efe6-4b8
इस कारण लगा गाली पर प्रतिबंध
पंचायत में रखा था सुझाव
पंचायत ने बनाई स्पेशल टीम
गांव के युवाओं ने इस अभियान को पूरी जिम्मेदारी से अपनाया है। लोग मजाक में इसे गाली पकड़ो स्पेशल फोर्स भी कहने लगे हैं।
खेल-खेल में गाली देते थे बच्चे
गांव में बनाया सेवाभाव कक्ष
इसके अलावा गांव में एक सेवाभाव कक्ष भी शुरू किया गया है जहां जरूरतमंद लोगों को मुफ्त जरूरी सामान दिया जाता है। समाजसेवी और दानदाता भी इसमें मदद कर रहे हैं। इससे गांव में सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है।
19a7be1c-dab
ये खबरें भी पढ़िए...
एमपी न्यूज: अतीक अहमद मरा है गैंग नहीं, एमपी के स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी, 10 लाख मांगे
राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसी साजिश अब धार में: पत्नी ने दी पति की सुपारी, लूट के बहाने ले ली जान!
मध्यप्रदेश न्यूज: फर्जी सिम कार्ड के खेल में एमपी-सीजी सबसे आगे, ऑपरेशन फेस से हुआ खुलासा
एक कमरे में रहकर भी दूर हो रहे पति-पत्नी, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे तलाक के मामले
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari