एमपी कैबिनेट: पचमढ़ी नगर अब अभयारण्य से अलग, सिंचाई योजनाओं को मिली मंजूरी

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई फैसलों को मंजूरी दी है। पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग करने, जल, कृषि और रोजगार क्षेत्र में कई बदलावों की घोषणा की।

author-image
Sanjay Dhiman
New Update
Big decision of MP Cabinet, Pachmarhi city now separate from sanctuary

Photograph: (the sootr)

Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

NEWS IN SHORT

  • पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग किया गया, कोर्ट के आदेश के बाद बदलाव किया गया।
  • टाइगर रिजर्व की जनसंख्या में वृद्धि, बफर जोन को सुरक्षित बनाने के लिए 390 करोड़ स्वीकृत।
  • सोहागपुर और बाबई तहसील को पानी मिलेगा, दो परियोजनाओं से 10,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई।
  • नरसिंहपुर जिले में सिंचाई रकबा बढ़ेगा, 78% से 81% तक पहुंचने की संभावना, किसानों को लाभ।
  • मध्य प्रदेश के बेरोजगारों को विदेशों में रोजगार, 45 करोड़ रुपए के प्रावधान से युवा विदेश जाएंगे। 

NEWS IN DETAIL

BHOPAL. मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग करने के साथ जल, कृषि और रोजगार क्षेत्र में कई बदलावों की घोषणा की गई।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रिमंडल के प्रवक्ता मंत्री चैतन्य कश्यप ने इन फैसलों की जानकारी दी।  

कैबिनेट बैठक का सबसे अहम निर्णय पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से मुक्ति का रहा। इस फैसले से इटारसी वासियों को वन विभाग के नियमों से राहत मिल सकेगी। 

नहीं दे पाई नीट परीक्षा, अब रेलवे देगा 9 लाख रुपए, जानें मामला

पचमढ़ी नगर को बंदिशों से आजादी

पचमढ़ी के लोगों के लिए यह फैसला दिवाली से कम नहीं है। अब पचमढ़ी शहर 'पचमढ़ी अभयारण्य' (Sanctuary) का हिस्सा नहीं रहेगा। पहले पूरा शहर जंगल की जमीन और नियमों में फंसा हुआ था। पिछले साल इस पर बात तो हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के पेंच की वजह से कुछ सड़कें और नाले फिर से नक्शे में उलझ गए थे। अब मोहन सरकार ने उन सभी तकनीकी गलतियों को सुधार कर नया नक्शा फाइनल कर दिया है।

इस फैसले से पचमढ़ी को ये 4 बड़े फायदे होंगे...

  • नक्शा पास कराना होगा आसान: पहले घर की मरम्मत या छोटी दीवार बनाने के लिए भी वन विभाग (Forest Department) के चक्कर काटने पड़ते थे। सालों तक एनओसी (NOC) नहीं मिलती थी। अब नगर पालिका ही सारे फैसले ले सकेगी।

  • सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: अभयारण्य क्षेत्र होने की वजह से कई बार केंद्र और राज्य की विकास योजनाएं (जैसे पाइपलाइन या पक्की सड़कें) वहां नहीं पहुंच पाती थीं। अब शहर में धड़ल्ले से विकास कार्य हो सकेंगे।

  • सड़क और बिजली का विस्तार: पहले जंगल के नियमों के कारण नई सड़कें बिछाने या बिजली के खंभे लगाने में वन कानून आड़े आते थे। अब नगर क्षेत्र की नदियां, नाले और सड़कें शहर का हिस्सा मानी जाएंगी, जिससे मेंटेनेंस आसान होगा।

  • पर्यटन और रोजगार में बढ़ोतरी: पचमढ़ी एक बड़ा टूरिस्ट स्पॉट है। नियमों में ढील मिलने से नए होटल, होम-स्टे और टूरिस्ट सुविधाएं बेहतर होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को सीधे तौर पर काम मिलेगा।

एमपी में घपले-घोटालों ने पोषण आहार संयंत्रों की तोड़ी कमर, अब इन्हें निजी हाथों में देने की तैयारी

टाइगर रिजर्व में जनसंख्या वृद्धि

मध्य प्रदेश में टाइगर की जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। राज्य में 9 टाइगर रिजर्व हैं, और इन रिजर्व के बफर जोन में भी कई घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बफर जोन को सुरक्षित बनाने के लिए 390 करोड़ रुपए की योजना को स्वीकृति दी। इस योजना से बफर जोन को सुरक्षित किया जाएगा ताकि टाइगरों की संख्या और बढ़ सके।

सोहागपुर-बाबई तहसीलों को मिलेगा पानी

मंत्री कश्यप ने जल संसाधन विभाग की दो परियोजनाओं को मंजूरी देने की घोषणा की। इन परियोजनाओं के तहत, सोहागपुर और बाबई तहसील को पानी मुहैया कराया जाएगा। इससे लगभग 10,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। तवा डेम के पानी से इन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए लिफ्ट इरीगेशन का इस्तेमाल किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 215 करोड़ रुपए है और इससे 63 गांवों के लोग लाभान्वित होंगे।

सावधान! कहीं आप इस कैटेगिरी में तो नहीं हैं, वरना वोटर लिस्ट से कट सकता है नाम!

नरसिंहपुर जिले में सिंचाई में वृद्धि

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सिंचाई का रकबा 78% से बढ़कर अब 81% होने की संभावना है। इस वृद्धि से किसान अपनी फसल को बेहतर तरीके से पानी दे सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादकता में इजाफा होगा। यह योजना मुख्यमंत्री के लक्ष्य के अनुरूप है कि राज्य में हर खेत तक पानी पहुंचाया जाए।

नौकरी के अवसर और विदेशों में रोजगार

मध्य प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अपनी योजना को अपडेट किया है। पहले यह योजना केवल जापान तक सीमित थी, लेकिन अब इसके तहत दुनिया के किसी भी देश में काम करने के लिए युवाओं को विदेश भेजा जाएगा। राज्य सरकार इस योजना के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रावधान करेगी।

500 करोड़ से ऊपर की फसल उपार्जन योजना

मध्य प्रदेश के किसानों को फसल उपार्जन योजना के तहत 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की मदद दी जाएगी। केंद्र सरकार से मिल रहे अनुदान के साथ इस योजना को जारी रखा जाएगा। यह योजना किसानों को सही समय पर उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगी।

इंदौर में लिव इन विवाद में युवक ने घर में घुसकर युवती के भाई, मां के साथ खुद को मारे चाकू, युवक की मौत

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • जनजातीय कार्य विभाग की 15 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
  • सिवनी जिले के सिमरिया गांव में गोदाम बनाने के लिए मुआवजा मंजूर किया गया।
  • सहकारिता विभाग में रिटायर अधिकारी मनोज कुमार सिन्हा को संविदा नियुक्ति दी गई।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मोहन सरकार मध्य प्रदेश सरकार कैबिनेट बैठक पचमढ़ी जल संसाधन विभाग
Advertisment