जल्द ही बदलेगा एमपी का लेबर कानून, गिग वर्कर्स को पहली बार मिलेगी सुरक्षा
Aman Vaishnav | May 05, 2026, 12:42 IST
mp code empowering work spaces 2026 new labour laws
एमपी सरकार 5 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेस 2026 ला रही है। इसमें गिग वर्कर्स को भी सुरक्षा और डिजिटल रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी।
मध्यप्रदेश सरकार उद्योग और श्रम व्यवस्था को सरल और आधुनिक बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार नया एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेस 2026 लागू करने की तैयारी कर रही है।
इस नए कानून के जरिए पांच दशक पुराने पांच अलग-अलग श्रम कानूनों को खत्म कर एक नया कानून लाया जाएगा। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की योजना है।
इस नए कोड के लागू होने से सभी प्रक्रियाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हो जाएंगी। इससे नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को आसानी होगी। नए कानून के तहत एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद संस्थानों को हमेशा के लिए मान्यता मिल जाएगी। साथ ही हर संस्थान को एक यूनिक नंबर भी मिलेगा।
इसके अलावा लाइसेंस, शिकायतें और अन्य प्रक्रियाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी। इससे फाइलों में आवेदन अटकने की समस्या खत्म हो जाएगी।
अब से कागजी कमी या छोटी-सी गलती पर किसी को जेल नहीं होगी, सिर्फ जुर्माना लगेगा। अगर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही होगी तो कड़ी सजा और भारी जुर्माना दिया जाएगा।
पांच पुराने कानूनों को मिलाकर एक नया कोड तैयार किया जा रहा है जो अब अंतिम चरण में है। इससे व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को ज्यादा कानूनी अधिकार मिलेंगे।
अब गिग वर्कर्स भी इस नए कानून के दायरे में आएंगे। इसका मतलब है कि पहली बार ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे स्विगी, जोमैटो, ओला जैसी कंपनियों में काम करने वाले युवाओं को कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
इन कर्मचारियों को अब सरकारी योजनाओं का भी फायदा मिलेगा। कंपनियों को पोर्टल पर यह जानकारी देनी होगी कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं।
महिलाओं को अब रात की पाली में काम करने के लिए सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की पूरी छूट मिलेगी। अब किसी भी कर्मचारी के मूल दस्तावेज रखना अपराध माना जाएगा।
इसके अलावा निरीक्षण अब रैंडम डिजिटल सिस्टम से किया जाएगा। इससे मनमानी कम होगी। साथ ही जो श्रमिक दूसरे जिले में काम करेंगे उन्हें विस्थापन भत्ता और यात्रा खर्च भी दिया जाएगा।
यह खबर बताती है कि मध्य प्रदेश सरकार 5 पुराने श्रम कानूनों को हटाकर एक नया डिजिटल कानून (MP Code 2026) ला रही है। इससे व्यापारियों को बार-बार रजिस्ट्रेशन से मुक्ति मिलेगी और प्रक्रियाएं आसान होंगी।
वहीं डिलीवरी बॉय (गिग वर्कर्स) और महिला कर्मचारियों को पहली बार पुख्ता कानूनी सुरक्षा और अधिकार मिलेंगे।
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इस नए कानून के जरिए पांच दशक पुराने पांच अलग-अलग श्रम कानूनों को खत्म कर एक नया कानून लाया जाएगा। इसके लिए ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और विशेषज्ञों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने की योजना है।
एक बार रजिस्ट्रेशन पर हमेशा के लिए मान्यता
कर्मचारियों को मिलेंगे कानूनी अधिकार
अब से कागजी कमी या छोटी-सी गलती पर किसी को जेल नहीं होगी, सिर्फ जुर्माना लगेगा। अगर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही होगी तो कड़ी सजा और भारी जुर्माना दिया जाएगा।
पांच पुराने कानूनों को मिलाकर एक नया कोड तैयार किया जा रहा है जो अब अंतिम चरण में है। इससे व्यापार करना और भी आसान हो जाएगा। साथ ही कर्मचारियों को ज्यादा कानूनी अधिकार मिलेंगे।
गिग वर्कर्स को मिलेगी सुरक्षा
इन कर्मचारियों को अब सरकारी योजनाओं का भी फायदा मिलेगा। कंपनियों को पोर्टल पर यह जानकारी देनी होगी कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं।
महिलाओं को अब रात की पाली में काम करने के लिए सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था की पूरी छूट मिलेगी। अब किसी भी कर्मचारी के मूल दस्तावेज रखना अपराध माना जाएगा।
इसके अलावा निरीक्षण अब रैंडम डिजिटल सिस्टम से किया जाएगा। इससे मनमानी कम होगी। साथ ही जो श्रमिक दूसरे जिले में काम करेंगे उन्हें विस्थापन भत्ता और यात्रा खर्च भी दिया जाएगा।
श्रम विभाग के सचिव रघुराज एम.आर ने कहा कि नया कोड व्यापार को सरल बनाएगा और कर्मचारियों को ज्यादा सशक्त करेगा।
ये खबर क्यों जरूरी है?
वहीं डिलीवरी बॉय (गिग वर्कर्स) और महिला कर्मचारियों को पहली बार पुख्ता कानूनी सुरक्षा और अधिकार मिलेंगे।
FAQ
- एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेस 2026 क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लाया जा रहा एक नया कानून है, जो 5 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेगा। इसका उद्देश्य श्रम प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना और कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा देना है। - एमपी कोड ऑन एम्पावरिंग वर्क स्पेसेस 2026 से गिग वर्कर्स को क्या फायदा होगा?
पहली बार इन्हें कानूनी सुरक्षा दी जा रही है। अब इन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और कंपनियों को इनके अधिकारों का पालन करना अनिवार्य होगा।
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