AICC में सचिव के लिए मप्र प्रदेश कांग्रेस से भेजे गए इन नेताओं के नाम, पदोन्नति की तैयारी

Sanjay Gupta | Aug 22, 2026, 16:57 IST
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कांग्रेस से भेजे गए इन नेताओं के नाम
कांग्रेस से भेजे गए इन नेताओं के नाम

राष्ट्रीय कांग्रेस में फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में जल्द ही मप्र से कुछ नाम शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस ने दतिया जीत के बाद कुछ जिलों में बेहतर काम करने वाले नेताओं के नाम इसके लिए दिल्ली भेजे हैं।

Indore. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में जल्द ही मप्र के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय सचिव पद की जिम्मेदारी मिलेगी। मप्र कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसके लिए दतिया चुनाव के बाद नामों का चयन किया है।

अभी मप्र से कालापीपल के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी राष्ट्रीय सचिव पद पर है। इसके पहले इंदौर से पूर्व विधायक सत्तू पटेल भी इस पद पर थे। एक समय मप्र से चार से पांच नेता राष्ट्रीय सचिव पद पर रहते थे।

इन नेताओं के नाम भेजे गए

सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस से भेजे गए नाम में प्रमुख नाम पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे और राघौगढ़ के विधायक जयवर्धन सिंह का नाम है।
उज्जैन से विधायक महेश परमार का नाम भी है।
ग्वालियर से पूर्व विधायक प्रवीण पाठक का नाम भेजा गया है।
डिंडोरी विधायक ओंकार सिंह मरकाम।
भोपाल मध्य के विधायक आरिफ मसूद का नाम।
कसरवाद से विधायक सचिन यादव।

जातिगत समीकरण से इनकी संभावना

वहीं कांग्रेस के जानकारों ने बताया कि जयवर्धन सिंह का राष्ट्रीय सचिव बनना तय है। वहीं जातिगत समीकरण देखें तो मरकाम का और आरिफ मसूद का नाम भी दौड़ में आगे है। इसके साथ ही ओबीसी वर्ग के लिहाज से सचिन यादव का नाम भी प्रमुखता से हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव का गृह जिला उज्जैन है, ऐसे में महेश परमार को भी उज्जैन के गणित के हिसाब से देखा जा सकता है। पाठक की संभवाना कम ही है।

पीसीसी भी नई बनाने की तैयारी

वहीं सूत्रों के अनुसार मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी जल्द भंग की जाएगी। संगठन सृजन की कड़ी में नए सिरे से इसका गठन किया जाएगा। इस बार इसे जंबो रूप नहीं देते हुए छोटा रखा जाएगा। इसकी भी तैयारी की जा रही है।

इसके पहले कांग्रेस दतिया चुनाव के बाद प्रकोष्ठ और विभागों को भंग कर चुकी है। नई पीसीसी गठन के बाद नए सिरे से प्रकोष्ठ और विभागों का पुनर्गठन किया जाएगा।

इसमें कार्यकर्ताओं की भी राय ली जाएगी। प्रमुख पदाधिकारियों के चयन के लिए तीन-तीन नामों का पैनल बनेगा। पीसीसी में कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की हाल ही में हुई बैठक में यह फैसला हुआ था।

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