एमपी कांग्रेस के नेताओं के साथ खरगे-राहुल की बैठक आज, क्या संगठन में हो रहा बदलाव?

आज, 28 जनवरी को दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में एमपी कांग्रेस की अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल एमपी कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात करेंगे।

author-image
Aman Vaishnav
New Update
mp congress meeting delhi 28 january
Listen to this article
0.75x1x1.5x
00:00/ 00:00

एमपी कांग्रेस की अहम बैठक

आज, 28 जनवरी को एमपी कांग्रेस की एक अहम बैठक होने जा रही है। ये बैठक दोपहर तीन बजे से होगी। इस बैठक में मनरेगा का नाम बदलने, एसआईआर में वोटर्स के नाम गलत तरीके से हटाने जैसे मुद्दों पर बात की जाएगी। साथ ही एमपी कांग्रेस के संगठन के विस्तार और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।

राहुल गांधी बताएंगे ये बातें...

पांच महीने पहले, अगस्त में, मध्य प्रदेश में संगठन सृजन अभियान के तहत 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। लेकिन ये अध्यक्ष अब तक बिना किसी कार्यकारिणी के काम कर रहे हैं।

अब इस बात पर चर्चा होगी कि जिला कांग्रेस में नई कार्यकारिणी कैसे बनाई जाए और संगठन में नई नियुक्तियां कैसे की जाएं।

राहुल बताएंगे कि संगठन में किसी को किसी पद पर बैठाया गया है, तो उससे काम कैसे लिया जाए। इसके अलावा, वो ये भी बताएंगे कि उनका काम किस तरह से मॉनिटर किया जाएगा।

बैठक में एमपी के ये नेता होंगे मौजूद

बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सीडब्ल्यूसी मेंबर कमलेश्वर पटेल शामिल होंगे। इनके साथ ही सीईसी मेंबर ओंकार सिंह मरकाम और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ विक्रांत भूरिया भी हिस्सा लेंगे।

क्या है मौजूदा मनरेगा योजना?

मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी एक्ट) योजना साल 2005 में देशभर में लागू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को 100 दिन का रोजगार देना है। 18 साल से ऊपर का कोई भी ग्रामीण व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकता है। काम न मिलने पर 15 दिन में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है।

नए बिल VB-G-RAM-G 2025 की खास बातें

सरकार द्वारा लाए गए नए बिल में तीन मुख्य बदलाव किए गए हैं..

  • रोजगार की गारंटी अब 100 दिन के बजाय 125 दिन की होगी।

  • पहले पूरा खर्च केंद्र उठाता था, अब राज्यों को 10 से 40% पैसा देना होगा।

  • बोवाई और कटाई के समय 60 दिन तक रोजगार नहीं दिया जाएगा।

  • यह रोक इसलिए है ताकि खेती के लिए मजदूर उपलब्ध रह सकें।

अब तक की स्थिति

2022-23 तक MGNREGA के तहत 15.4 करोड़ सक्रिय श्रमिक हैं। यह योजना खासतौर पर महिलाओं और गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। यह योजना पंचायती राज संस्थाओं के साथ मिलकर काम करती है और ग्रामीणों को सशक्त बनाने का प्रयास करती है।

ये खबरें भी पढ़िए...

टैलेंट हंट से पहले ही एमपी कांग्रेस का प्रोग्राम हंट! अंदरूनी खींचतान उजागर

दिग्विजय सिंह को देख मुस्कराए राहुल गांधी, पटवारी की शिकायत, उमंग का दाव, बरैया का दाग, BJP का विरोध

जीतू पटवारी के आरोप- सीएम और सीएस भी मान रहे डीएम भ्रष्ट हैं, क्योंकि पैसों से पोस्टिंग हो रही

भोजशाला विवाद: दिग्विजय सिंह ने ASI आदेश लागू करने की अपील

राहुल गांधी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विक्रांत भूरिया मनरेगा संगठन सृजन अभियान
Advertisment