MP के सभी कोर्ट में लगे बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर, OBC वेलफेयर एसोसिएशन की मांग
Neel Tiwari | Jun 23, 2025, 15:52 IST
ambedkar photo
ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एमपी हाईकोर्ट में ज्ञापन देकर सभी अदालतों में डॉ. अंबेडकर की तस्वीर लगाने की मांग दोहराई। कर्नाटक हाईकोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए समान निर्णय की अपील की गई है।
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर को देश की न्याय व्यवस्था में प्रतीकात्मक रूप से सम्मान देने की दिशा में ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एक बार फिर पहल की है। एसोसिएशन ने 23 जून 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आग्रह किया गया है कि राज्य के सभी न्यायालयों—चाहे वह हाईकोर्ट के कोर्टरूम हों या जबलपुर, इंदौर व ग्वालियर खंडपीठ के परिसर, या फिर प्रदेश के जिला कोर्ट। सभी जगह भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगाई जाए।
![d3764120-ed37-4727-9074-186b8e843aa0]()
ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में कर्नाटक हाईकोर्ट के ताज़ा फैसले का भी हवाला दिया है। वहां 26 अप्रैल 2025 को फुल कोर्ट मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था कि हाईकोर्ट और सभी जिला न्यायालयों में डॉ. अंबेडकर का चित्र कोर्ट के सभी कक्षों और परिसर में लगाया जाएगा। यह निर्णय 20 जून 2025 को जारी जनरल सर्कुलर के माध्यम से प्रभाव में लाया गया। एसोसिएशन ने उस सर्कुलर की प्रति भी ज्ञापन के साथ संलग्न कर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि वह भी कर्नाटक की तर्ज पर ठोस निर्णय ले।
यह मांग कोई नई नहीं है। एसोसिएशन ने इसी विषय पर 15 जून 2022 को भी हाईकोर्ट प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन तब से लेकर अब तक कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया। इसी पृष्ठभूमि में संगठन ने हाल ही में 22 जून को अपनी सामान्य सभा की बैठक की, जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मांग को फिर से दोहराया जाए और ज्ञापन दोबारा सौंपा जाए।
एसोसिएशन ने हाईकोर्ट प्रशासन से यह भी अनुरोध किया है कि इस विषय पर फुल कोर्ट मीटिंग बुलाई जाए, ताकि पूरे न्यायिक समुदाय की सहमति से एक सार्थक और ऐतिहासिक निर्णय लिया जा सके। संगठन का मानना है कि डॉ. अंबेडकर का चित्र लगाने का यह कदम प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ समाज में समरसता, समानता और संवैधानिक मूल्यों को मजबूती देने वाला सिद्ध होगा।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
समानता और न्याय के प्रतीक हैं बाबा साहब
ज्ञापन में यह तर्क दिया गया है कि डॉ. अंबेडकर न केवल भारतीय संविधान के निर्माता थे, बल्कि समानता और न्याय के प्रतीक भी हैं। न्यायालयों में उनका चित्र स्थापित करना किसी जातिगत आग्रह का विषय नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा को न्यायिक व्यवस्था में सम्मान देने का कदम होगा। एसोसिएशन का मानना है कि इससे आम नागरिकों में यह विश्वास और गहराएगा कि भारतीय न्यायपालिका कानून से ही नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से भी जुड़ी हुई है।
d3764120-ed37-4727-9074-186b8e843aa0
कर्नाटक की तर्ज पर मध्यप्रदेश में हो निर्णय
साल 2022 से लंबित है यह मांग
फुल कोर्ट मीटिंग बुलाने एसोसिएशन की अपील
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें
📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें<br>
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari