मध्यप्रदेश के किसानों को बड़ी राहत, फसल बीमा योजना में 25% तक बढ़े क्लेम सेटलमेंट
Manya Jain | Apr 09, 2026, 14:42 IST
mp crop insurance payout increase pmfby claims settled 2026
MP में बेमौसम बारिश से फसल बर्बाद, लेकिन बीमा योजनाओं ने दी राहत। पिछले 3 साल में फसल बीमा भुगतान में 25% की बढ़त हुई है, जिससे संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिली है।
मध्यप्रदेश में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। ओलावृष्टि की वजह से खेतों में खड़ी फसल को काफी नुकसान हुआ है। कटाई के समय आई इस आपदा ने किसानों को डर में डाल दिया है। हालांकि, सरकार के नए आंकड़े कुछ राहत जरूर देंगे।
फसल बीमा योजना के तहत अब भुगतान में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन साल में क्लेम सेटलमेंट 25 प्रतिशत तक बढ़ा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को काफी मदद मिली है। इसके अलावा, मौसम आधारित बीमा योजनाओं ने भी किसानों का साथ दिया है। ये पैसे खेती में हुए नुकसान की भरपाई करेंगे।
मध्यप्रदेश हमेशा से कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन बदलते मौसम के कारण अब खेती करना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में बीमा योजनाओं का दायरा बढ़ना एक राहत की बात है। मंत्रालय ने जो आंकड़े शेयर किए हैं, उनके मुताबिक पिछले तीन सालों में बीमा भुगतान के आंकड़े काफी अच्छे रहे हैं।
यह डेटा स्पष्ट रूप से बताता है कि 2024-25 के दौरान दावों के सेटलमेंट में वृद्धि हुई है, जो लगभग 25% के करीब है। यह राशि उन किसानों को दी गई है जिनकी फसलें बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और कटाई के बाद बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हुई थीं।
राज्य सरकार ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए राज्यभर में सर्वेक्षण करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार हर प्रभावित किसान के साथ है और नुकसान का सही तरीके से आकलन कर उन्हें मुआवजा दिलवाया जाएगा।
कांग्रेस ने प्रभावित किसानों के लिए तत्काल वित्तीय राहत की मांग की है। मुख्य विपक्षी दल ने तर्क दिया है कि केवल सर्वे काफी नहीं है, बल्कि बारिश से प्रभावित अनाज की गुणवत्ता मानकों (Quality Standards) में भी ढील दी जानी चाहिए ताकि सरकारी खरीद के दौरान किसानों को कोई असुविधा न हो।
मौसम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि जलवायु में अचानक बदलाव के कारण बेमौसम घटनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के अधिकारी वेध प्रकाश सिंह के मुताबिक, अनियमित मौसम पैटर्न की वजह से फसल का नुकसान ज्यादा हो सकता है। भविष्य में हमें खेती को इन जोखिमों के हिसाब से ढालना होगा।
फसल बीमा योजना एक सरकारी योजना है, जिसका मकसद किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बारिश, बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि आदि से होने वाले फसल नुकसान के खिलाफ सुरक्षा देना है। इस योजना के तहत किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं, जिससे अगर उनकी फसल में कोई नुकसान होता है, तो उन्हें आर्थिक मदद मिलती है।
सरकार इस योजना के तहत किसानों से कम प्रीमियम लेती है और बीमा राशि का बड़ा हिस्सा खुद देती है। यह योजना किसानों को आर्थिक संकट से बचाती है।
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फसल बीमा योजना के तहत अब भुगतान में काफी बढ़ोतरी हुई है। पिछले तीन साल में क्लेम सेटलमेंट 25 प्रतिशत तक बढ़ा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से किसानों को काफी मदद मिली है। इसके अलावा, मौसम आधारित बीमा योजनाओं ने भी किसानों का साथ दिया है। ये पैसे खेती में हुए नुकसान की भरपाई करेंगे।
फसल बीमा भुगतान के बढ़ते आंकड़े
| वित्तीय वर्ष (Financial Year) | भुगतान की गई राशि (Amount Paid) |
| 2022-23 | एक हजार पचास करोड़ रुपए |
| 2023-24 | एक हजार पचास करोड़ रुपए |
| 2024-25 | एक हजार दो सौ करोड़ रुपए |
सरकार का एक्शन
विपक्ष की मांग
क्लाइमेट चेंज से खेती पर असर
क्या है फसल बीमा योजना
सरकार इस योजना के तहत किसानों से कम प्रीमियम लेती है और बीमा राशि का बड़ा हिस्सा खुद देती है। यह योजना किसानों को आर्थिक संकट से बचाती है।
फसल बीमा योजना के फायदे
- फसल नुकसान का मुआवजा: अगर किसी कारण से किसानों की फसल का नुकसान होता है, तो योजना के तहत बीमा राशि के रूप में मुआवजा मिलता है। यह मुआवजा किसानों को उनके फसल के नुकसान के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
- नुकसान के हिसाब से भुगतान: बीमा कंपनी फसल के नुकसान का मूल्यांकन करती है और उसके बाद किसानों को नुकसान का 50% से 80% तक का मुआवजा देती है। उदाहरण के तौर पर, अगर एक किसान की फसल में 50% नुकसान हुआ है, तो वह उस नुकसान के बराबर राशि प्राप्त करेगा।
- सस्ते प्रीमियम पर बीमा: इस योजना में किसानों को बीमा का प्रीमियम बहुत ही सस्ता मिलता है, जो उनकी क्षमता के अनुसार होता है। सरकार प्रीमियम का 50% तक वहन करती है।
- तत्काल सहायता: प्राकृतिक आपदाओं के बाद फसल नुकसान होने पर, किसान जल्दी से जल्दी बीमा राशि प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें तात्कालिक आर्थिक मदद मिलती है।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
- सबसे पहले, आप प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की आधिकारिक वेबसाइट www.pmfby.gov.in पर जाएं।
- यहां पर आपको किसान के रूप में रजिस्ट्रेशन करने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए आपको अपना नाम, पता, फसल का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी भरनी होती है।
- इसके बाद, अपनी फसल का चयन करें और बीमा प्रीमियम का भुगतान करें।
- आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद, आपको एक आवेदन नंबर मिलेगा, जिसका उपयोग आप अपनी स्थिति जानने के लिए कर सकते हैं।
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