एमपी के 50 हजार कर्मचारियों को 2400 ग्रेड पे, हाईकोर्ट के आदेश से मिली बड़ी राहत
Sanjay Dhiman | Aug 27, 2026, 18:37 IST
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हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को 1900 की जगह 2400 ग्रेड पे देने के आदेश को बरकरार रखा। सरकार की अपील खारिज। 50 हजार कर्मचारियों को फायदा मिलेगा।
मध्यप्रदेश के 50 हजार से ज्यादा संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटरों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सरकार की अपील खारिज कर दी। सिंगल बेंच का आदेश बरकरार रखा गया, जिसमें 1900 की जगह 2400 ग्रेड पे देने को कहा गया था। सातवें वेतनमान में ग्रेड पे घटाकर 1900 कर दिया गया था। अब सभी विभागों के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को इसका फायदा मिलेगा।
मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने पूरा मामला बताया। राज्य शिक्षा केंद्र के अंतर्गत समग्र शिक्षा अभियान में काम करने वाले डाटा एंट्री ऑपरेटरों ने यह मामला कोर्ट में उठाया था। इन कर्मचारियों ने 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के तहत तय की गई वेतन समकक्षता को चुनौती दी थी।
नियुक्ति के समय से ही डाटा एंट्री ऑपरेटरों को यूडीसी (UDC – Upper Division Clerk) के समकक्ष वेतनमान मिलता रहा है। उन्हें 2400 रुपए ग्रेड पे दिया जाता था। चौथे, पांचवें और छठवें वेतनमान में भी यही व्यवस्था चलती रही। लेकिन सातवें वेतनमान में उनका ग्रेड पे घटाकर 1900 रुपए और लेवल-4 कर दिया गया।
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इस मामले की पहले सुनवाई की थी। कोर्ट ने माना कि पुराने वेतनमानों में जब यूडीसी के समकक्ष लाभ मिलता रहा है, तो सातवें वेतनमान में भी वही समकक्षता बनी रहनी चाहिए। सिंगल बेंच ने 1900 ग्रेड पे और लेवल-4 वाले आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने 2400 ग्रेड पे के अनुसार वेतन तय करने का निर्देश दिया था।
सिंगल बेंच के इस फैसले को मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने चुनौती दी थी। विभाग ने डबल बेंच में रिट अपील दायर की थी। ग्वालियर खंडपीठ की डबल बेंच में न्यायमूर्ति जीएस आहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला ने सुनवाई की। दोनों जजों ने सरकार की अपील को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद अब 2400 ग्रेड पे के अनुसार वेतन तय करने का रास्ता साफ हो गया है।
प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर का कहना है कि यह मामला सिर्फ डाटा एंट्री ऑपरेटरों तक सीमित नहीं है। 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के तहत कई और पदों की समकक्षता तय करते समय भी ग्रेड पे में कटौती की गई थी। महासंघ के मुताबिक इस फैसले का असर उन पदों पर भी पड़ सकता है।
महासंघ ने कुछ उदाहरण भी गिनाए हैं। लेखापाल का ग्रेड पे 2800 से घटाकर 2400 किया गया था। एमआईएस (MIS – Management Information System) कोऑर्डिनेटर, विकासखंड समन्वयक और महिला जेंडर समन्वयक का ग्रेड पे 3600 से घटाकर 3200 किया गया। सहायक अभियंताओं का ग्रेड पे 5400 से घटाकर 4200 किए जाने का दावा भी किया गया है।
महासंघ ने सामान्य प्रशासन विभाग और वित्त विभाग से मांग की है कि इस मुद्दे पर जल्द बैठक बुलाई जाए। संविदा नीति के तहत तय समकक्षता में जो विसंगतियां हैं, उन्हें दूर किया जाए। महासंघ का कहना है कि इस विषय से जुड़े कई मामले पहले से अदालतों में लंबित हैं। अगर सरकार खुद स्तर पर विसंगतियां दूर कर दे, तो कर्मचारियों को राहत मिलेगी और अदालती मामलों में लगने वाला समय भी बचेगा।
इस फैसले से फिलहाल राज्य के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को सीधी राहत मिली है। आने वाले समय में अन्य संविदा कर्मचारियों के मामलों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
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सातवें वेतनमान में हुई थी कटौती
नियुक्ति के समय से ही डाटा एंट्री ऑपरेटरों को यूडीसी (UDC – Upper Division Clerk) के समकक्ष वेतनमान मिलता रहा है। उन्हें 2400 रुपए ग्रेड पे दिया जाता था। चौथे, पांचवें और छठवें वेतनमान में भी यही व्यवस्था चलती रही। लेकिन सातवें वेतनमान में उनका ग्रेड पे घटाकर 1900 रुपए और लेवल-4 कर दिया गया।
सिंगल बेंच ने दी थी राहत
डबल बेंच में भी सरकार हारी
दूसरे संविदा पदों पर भी असर संभव
महासंघ ने कुछ उदाहरण भी गिनाए हैं। लेखापाल का ग्रेड पे 2800 से घटाकर 2400 किया गया था। एमआईएस (MIS – Management Information System) कोऑर्डिनेटर, विकासखंड समन्वयक और महिला जेंडर समन्वयक का ग्रेड पे 3600 से घटाकर 3200 किया गया। सहायक अभियंताओं का ग्रेड पे 5400 से घटाकर 4200 किए जाने का दावा भी किया गया है।
सरकार से विसंगति दूर करने की मांग
इस फैसले से फिलहाल राज्य के डाटा एंट्री ऑपरेटरों को सीधी राहत मिली है। आने वाले समय में अन्य संविदा कर्मचारियों के मामलों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
FAQ
- हाईकोर्ट ने डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए क्या फैसला दिया?
हाईकोर्ट ने 1900 की जगह 2400 ग्रेड पे देने के आदेश को बरकरार रखा। ग्वालियर खंडपीठ की डबल बेंच ने सरकार की अपील खारिज कर दी। इससे प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। - डाटा एंट्री ऑपरेटरों का विवाद शुरू कैसे हुआ?
सातवें वेतनमान में डाटा एंट्री ऑपरेटरों का ग्रेड पे घटाकर 1900 कर दिया गया था। पहले उन्हें यूडीसी के समकक्ष 2400 ग्रेड पे मिलता था। इसी कटौती को कर्मचारियों ने कोर्ट में चुनौती दी थी। - क्या इस फैसले का असर दूसरे संविदा कर्मचारियों पर भी पड़ेगा?
महासंघ के अनुसार लेखापाल, एमआईएस कोऑर्डिनेटर और सहायक अभियंता जैसे पदों पर भी ग्रेड पे घटाया गया था। महासंघ का मानना है कि इस फैसले का असर इन पदों पर भी पड़ सकता है। इसके लिए सरकार से विसंगति दूर करने की मांग की गई है।
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