ईएसबी की सिपाही भर्ती के बाद अब सूबेदार, ASI भर्ती में Z और T फॉर्मूले ने किया खेला
Sanjay Gupta | Jul 18, 2026, 13:20 IST
mp esb asi subedar result z-t formula controversy
ईएसबी की सिपाही भर्ती परीक्षा के रिजल्ट के बाद अब सूबेदार और एएसआई भर्ती के रिजल्ट में भी सवाल उठ रहे हैं। एक बार फिर ईएसबी के नए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले, जिसे Z और T फार्मूला कहा जाता है। उससे खेला हो गया है।
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने सूबेदार स्टेनोग्राफर के 100 पदों और एएसआई भर्ती एमपी 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया है। शुक्रवार शाम रिजल्ट आते ही उम्मीदवारों में नाराजगी फैल गई। एक बार फिर कई उम्मीदवार मंडल के नए नॉर्मलाइजेशन Z और T फार्मूले का शिकार हो गए हैं।
इस फॉर्मूले की वजह से कई उम्मीदवारों के नंबर 10 से 15 अंक तक कम हो गए। इसका असर यह हुआ कि कई अभ्यर्थी मेरिट की कटऑफ लिस्ट से बाहर हो गए।
द सूत्र को कई उम्मीदवारों ने अपनी मार्कशीट भेजकर अपनी परेशानी बताई है। इससे पहले 7500 पदों वाली सिपाही भर्ती में भी इसी फॉर्मूले को लेकर विवाद हुआ था। इसके बावजूद ईएसबी ने इस फार्मूले को जारी रखा है और इसे वैज्ञानिक प्रक्रिया बता रहा है।
परीक्षा (मध्यप्रदेश पुलिस एएसआई भर्ती) दो चरणों में हुई थी। इसमें 100 अंकों की लिखित परीक्षा थी और 100 अंकों का टेस्ट था। यह फॉर्मूला केवल 100 अंकों की लिखित परीक्षा में लगा है। मेरिट 200 अंक से बनी है।
दरअसल, इस फॉर्मूले के तहत जो मूल अंक थे, उनमें किसी के 10 तो किसी के 15 तक अंक कम हो गए। जैसे एक महिला उम्मीदवार के 69 अंक थे, वह 54 हो गए। एक उम्मीदवार के 75 अंक थे, वे घटकर 59 हो गए। एक अन्य उम्मीदवार के 80 अंक थे, वह इस फॉर्मूले से घटकर 66 हो गए। एक अन्य उम्मीदवार के अंक 81 से घटकर 68 हो गए।
Z = X - Mu / स्टैंडर्ड डिविएशन
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मान लिया कि किसी उम्मीदवार के अंक 80 थे, उस शिफ्ट में Mu यानी औसत अंक 70 आया और स्टैंडर्ड डिविएशन 5 था, तो Z = 80 - 70 / 5 यानी जेड वैल्यू 2 होगी।
इसका फार्मूला है:
T = स्टैंडर्ड ग्लोबल मीन + Z × स्टैंडर्ड डिविएशन
इस तरह T = 50 + Z × 10 हुआ।
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जैसे किसी उम्मीदवार के 80 अंक थे और उसकी Z वैल्यू 2 आई, तो T = 50 + 2 × 10 यानी 70 अंक। यानी 80 अंक घटकर 70 रह गए।
जानकारों के मुताबिक सबसे कठिन पेपर को आधार बनाया गया, जिससे स्टैंडर्ड डिविएशन बढ़ा और Z वैल्यू कम हुई। इससे T अंक भी घट गए।
जिनका Z शून्य से अधिक है, उनके अंक औसत से ज्यादा थे। जिनका Z माइनस में है, उनके अंक औसत से कम हैं और Z शून्य होने का मतलब औसत के बराबर अंक हैं।
क्योंकि Z और T फार्मूला सिर्फ लिखित परीक्षा के 100 अंकों पर लागू किया गया था, इसलिए उन उम्मीदवारों को फायदा मिला, जिनके टेस्ट में अच्छे नंबर आए थे। टेस्ट के 100 अंकों को सीधे रिजल्ट में जोड़ दिया गया। इसका फायदा उन अभ्यर्थियों को मिला। वहीं, जिन उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन टेस्ट में पीछे रह गए, वे चयन की दौड़ से बाहर हो गए।
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क्या हुआ इस फार्मूले से
द सूत्र को कई उम्मीदवारों ने अपनी मार्कशीट भेजकर अपनी परेशानी बताई है। इससे पहले 7500 पदों वाली सिपाही भर्ती में भी इसी फॉर्मूले को लेकर विवाद हुआ था। इसके बावजूद ईएसबी ने इस फार्मूले को जारी रखा है और इसे वैज्ञानिक प्रक्रिया बता रहा है।
इस तरह बना है रिजल्ट
क्यों हो रहा है विवाद
अब आपको बताते हैं Z और T फार्मूला
- इस फार्मूले में X उम्मीदवार द्वारा प्राप्त किए गए अंक हैं।
- Mu (म्यू) मीन है, यानी उस शिफ्ट में जिसमें उम्मीदवार शामिल हुआ था, उस शिफ्ट में सभी उम्मीदवारों का औसत क्या रहा। जैसे उस शिफ्ट में 100 उम्मीदवार थे और उन सभी के कुल अंक 5000 थे, तो मीन 50 होगा।
- इसके बाद स्टैंडर्ड डिविएशन, यानी इस शिफ्ट में उम्मीदवारों के अंकों में औसत से कितना विचलन हुआ है।
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इस तरह निकलेगी Z वैल्यू
अब T वैल्यू कैसे निकलेगी
T = स्टैंडर्ड ग्लोबल मीन + Z × स्टैंडर्ड डिविएशन
- इसमें स्टैंडर्ड ग्लोबल मीन सभी उम्मीदवारों का औसत है।
- स्टैंडर्ड डिविएशन पूरे उम्मीदवारों के अंकों का विचलन है।
इस तरह T = 50 + Z × 10 हुआ।
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अब उम्मीदवार के अंक कैसे निकले
देखिए किस तरह उम्मीदवारों के अंकों पर हुआ असर
जिनका Z शून्य से अधिक है, उनके अंक औसत से ज्यादा थे। जिनका Z माइनस में है, उनके अंक औसत से कम हैं और Z शून्य होने का मतलब औसत के बराबर अंक हैं।
ऐसे कम हुए अंक
- एक उम्मीदवार के अंक 69 थे, Z वैल्यू 0.42 थी। T फार्मूले से अंक 54 हो गए।
- एक उम्मीदवार के अंक 81 थे, Z वैल्यू 1.80 थी। T से अंक घटकर 68 हो गए।
- इसी तरह जिस उम्मीदवार के 75 अंक थे, Z वैल्यू 0.96 हुई और T अंक 59 हो गए।
टेस्ट में ज्यादा नंबर वालों को हुआ फायदा
उम्मीदवारों की मार्कशीट देखें....
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