एमपी में एआई से बनी रही एमबीबीएस डिग्री, नकली डॉक्टर कर रहे इलाज, जांच के आदेश
Manya Jain | May 19, 2026, 13:53 IST
MP Medical Scam AI MBBS DEGREE NHM
मध्यप्रदेश के दमोह में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनी फर्जी एमबीबीएस डिग्री से नौकरी पाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस बड़े खुलासे के बाद राज्य सरकार ने संविदा पर भर्ती सभी डॉक्टरों के दस्तावेजों की दोबारा जांच शुरू कर दी है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- दमोह जिले में नकली डॉक्यूमेंट्स के सहारे फर्जी डॉक्टर पकड़े गए हैं।
- आरोपियों ने एआई की मदद से नकली एमबीबीएस डिग्री बनाई थी।
- फर्जीवाड़े के बाद स्वास्थ्य विभाग के पूरे सिस्टम पर सवाल उठे हैं।
- सरकार ने वॉक-इन-इंटरव्यू से भर्ती सभी डॉक्टरों की जांच के आदेश दिए।
- एनएचएम अब सभी मेडिकल कॉलेजों और सीएमएचओ से वेरिफिकेशन करवाएगा।
मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य सिस्टम में फर्जी डॉक्टरों की एंट्री
इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद पूरा सिस्टम हिल गया है। यह पूरा खेल बहुत शातिर तरीके से चल रहा था। अब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं।
एआई से बनाई जा रही थीं नकली डिग्रियां
एआई की मदद से यह डिग्रियां इतनी असली दिखती हैं कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा जाए। ग्वालियर के सचिन यादव और सीहोर के राजपाल गौर को पुलिस ने दबोचा है। अब पुलिस इस फर्जी डिग्री बेचने वाले मुख्य गिरोह को तलाश रही है।
डॉक्यूमेंट्स जांचने में NHM की बड़ी लापरवाही
इस कमी को पूरा करने के लिए एनएचएम हर मंगलवार और बुधवार को वॉक-इन-इंटरव्यू रखता है। ऑनलाइन आवेदन के बाद विभाग केवल ऊपरी तौर पर कागजात देखता है और जॉइनिंग दे देता है। असली डाक्यूमेंट्स के वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी जिलों के सीएमएचओ (CMHO) को सौंप दी जाती है।
MPPSC को नहीं मिल रहे योग्य उम्मीदवार
पक्के डॉक्टर न मिलने के कारण सरकार संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती कर रही है। विभाग 'यू कोट, वी पे' जैसी योजनाओं से डॉक्टरों को बुला रहा है। इसी जल्दबाजी और ढीले सिस्टम का फायदा उठाकर फर्जी लोग अस्पतालों में घुस गए।
फर्जी डॉक्टर मरीजों के लिए जानलेवा
यह स्थिति सीधे तौर पर गरीब मरीजों की जान के साथ बड़ा खिलवाड़ है। संजीवनी क्लीनिक जैसी सरकारी जगहों पर भी ये फर्जी डॉक्टर नौकरी कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य लोगों के नाम भी उगले हैं।
मिशन डायरेक्टर ने दिए जांच के कड़े निर्देश
अब तक वॉक-इन-इंटरव्यू से नियुक्त हुए सभी डॉक्टरों के डाक्यूमेंट्स की जांच होगी। उनके मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन और डिग्री का दोबारा बारीकी से वेरिफिकेशन किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर तुरंत पुलिस केस दर्ज करने की बात कही गई है।
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