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Photograph: (thesootr)
News In Short
- विधायक ने किसानों के कर्ज जमा करने की तारीख बढ़ाने की मांग की।
- किसानों को कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है।
- विधायक ने मुख्यमंत्री से 2700 रुपए प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीदने की अपील की।
- 28 मार्च तक कर्ज जमा करने की तारीख बढ़ाने की आवश्यकता जताई।
News In Detail
मध्यप्रदेश के किसानों की माली हालत लगातार खराब होती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सीएम मोहन यादव से कई बार दबाव डाला है। विधायक प्रताप ग्रेवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर किसानों के कर्ज वसूली की तिथि बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि गेहूं की खरीदी का समर्थन मूल्य 2700 रुपए प्रति क्विंटल होना चाहिए और 28 मार्च तक कर्ज जमा करने का समय सीमा को बढ़ाया जाए।
किसानों के कर्ज माफी की मांग
मध्यप्रदेश में किसानों के मुद्दे पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। एक तरफ सरकार किसानों के लिए नई योजनाएं और नीतियां लेकर आ रही है, वहीं विपक्षी दल भी किसानों के मुद्दों पर मुखर हो गए हैं।
हाल ही में कांग्रेस ने किसानों के समर्थन मूल्य में वृद्धि और किसान कर्जमाफी की मांग की है। इसी सिलसिले में, पार्टी के एक विधायक ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर सहकारी बैंक के कर्ज जमा करने की तिथि बढ़ाने की अपील की है।
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कर्ज की वसूली की बढ़ाएं तारीख
कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने सीएम से अनुरोध किया कि गेहूं की खरीदी का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2700 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए और इसकी शुरुआत 15 मार्च से की जाए।
प्रताप ग्रेवाल ने यह भी कहा कि किसानों की हालत ठीक नहीं है, और उनकी माली हालत को देखते हुए, सहकारी बैंकों के कर्ज की वसूली की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने 28 मार्च की तारीख को बढ़ाकर 30 अप्रैल करने की मांग की है।
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किसानों की कर्ज जमा करने में समस्या
विधायक का कहना है कि ज्यादातर किसान गेहूं बेचकर ही अपने सहकारी बैंकों का कर्ज चुकाते हैं। लेकिन, अभी तक गेहूं की खरीदी शुरू नहीं हुई है और किसान इस समय कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं जुटा पा रहे हैं।
ऐसे में किसानों को 28 मार्च तक कर्ज जमा करने के लिए कहा जा रहा है, जो उनके लिए मुश्किल साबित हो रहा है। इसलिए, विधायक ने इस तिथि को बढ़ाने की मांग की है ताकि किसान समय पर अपने कर्ज का भुगतान कर सकें।
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सरकार का कदम और चुनावी दबाव
इस मुद्दे पर सरकार और कांग्रेस दोनों की सक्रियता बढ़ी हुई है। जहां कांग्रेस अपनी ओर से किसानों की कर्ज माफी और गेहूं की खरीदी के समर्थन मूल्य में वृद्धि की मांग कर रही है, वहीं सरकार भी अपनी तरफ से कुछ कदम उठाने को तैयार दिख रही है।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा कि अगर गेहूं की खरीदी में देर होती है, तो किसानों को इस कठिन समय में कर्ज चुकाने में मुश्किल हो सकती है।
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किसानों के लिए सरकार की योजनाएं
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिनका उद्देश्य उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार लाना है। लेकिन इन योजनाओं का प्रभाव तभी सही तरीके से देखने को मिलेगा जब किसान अपनी फसलों को अच्छे दामों पर बेच पाएंगे और उनका कर्ज समय पर चुकता हो सके।
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